Bilaspur: District level Hindi Day was organized by the Department of Language and Culture
– भाषा एवं संस्कृति विभाग द्वारा स्वर्णिम हिमाचल श्रृंखला के अंतर्गत हिन्दी दिवस के अवसर पर संस्कृति भवन बिलासपुर में जिला स्तरीय हिन्दी दिवस का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में वरिष्ठ साहित्यकार एस.आर. आजाद ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की।
कार्यक्रम को दो सत्रों में आयोजित किया गया। प्रथम सत्र में वाचन पत्र पढ़े गए जिसमें डाॅ. जय नारायण कश्यप ने ‘राष्ट्र निर्माण में हिन्दी भाषा का योगदान’, रविन्द्र भटटा ने ‘हिन्दी हमारी समृद्ध भाषा’ व सुरेन्द्र ने ‘राष्ट्र निर्माण में हिन्दी भाषा का योगदान’। इसके उपरांत साहित्यकारों द्वारा इन पर चर्चा की।
दूसरे सत्र में साहित्यिक एवं कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें सेवानिवृत्त लोक सम्पर्क अधिकारी आनंद सोहर व्याकुल ने अपनी कविता में हिन्दी सीखो हिन्दी समझो, हिन्दी का सम्मान करो। सेवानिवृत्त उप निदेशक उच्च शिक्षा सुशील पुंडीर ने – मैं हिन्दी हूं, मैं हिन्दी हूं, भारत की राष्ट्र भाषा हिन्दी हूं, भारत माता की बिन्दी हूं, सेवानिवृत्त जिला भाषा अधिकारी डाॅ. अनिता शर्मा ने – आओ किताब पढ़े, तुम्हारे सामने बैठकर — आओ कोशिश करके तुम्हारे चैहरे से जीवन की किताब पढ़े, रतन चंद निरझर ने – सौगत का झोला और रामलाल पाठक ने ‘गुठठा छाप’ शीर्षक पर कविता पाठ करते हुए सबको भावविभोर कर दिया।
जिला लोक सम्पर्क अधिकारी कुलदीप गुलेरिया ने बरीणा प्रथा पर लोक गाथा ‘बसोए रा ध्याडा बापूआ’ गाकर सबको भावुक कर दिया। प्रदीप गुप्ता, सन्देशा शर्मा, शिवपाल गर्ग, बन्दना ठाकुर, सुरेन्द्र मिन्हास, रितेश गुप्ता, प्रशांत आचार्य, रविन्द्र शर्मा, जीत राम सुमन, जय नारायण कश्यप, तृप्ता देवी, जमुना सांख्यान, डाॅ. अनेक राम सांख्यान, अशीता शर्मा, वुद्धि सिंह चंदेल ने भी अपनी-अपनी कविता का पाठ कर पूरे वातावरण को हिन्दीमय बना दिया।
कार्यक्रम के मुख्यातिथि एस.आर. आजाद ने कहा कि एक लम्बे अंतराल के बाद इस तरह की कविगोष्ठि का आयोजन हुआ है जिसमें पत्र वाचन, कविता, गीत और लोक संगीत का तड़का सबके लिए आकर्षण का केन्द्र रहा। इसके लिए सभी साहित्यकार और कविजन बधाई के पात्र है।
स्वर्णिम हिमाचल श्रृंखला के अंतर्गत हिन्दी दिवस के अपलक्ष्य पर आॅनलाईन जिला स्तरीय नारा लेखन प्रतियोगिता भी करवाई गई जिसमें रा.व.मा.पा. घुमारवीं से मनीषा ने प्रथम, रा.व.मा.पा. कलोल से अर्पिता ने द्वितीय, रा.उ.मा.पा हम्बोट से रोहित कालिया तृतीय स्थान पर रहे तथा रा.व.मा.पा. दयोथ से विशाल कश्यप ने सांत्वना पुरस्कार प्राप्त किया।
जिला भाषा अधिकारी ने सभी कवियों और साहित्यकारों का इस दिवस पर आने का आभार व्यक्त किया और कहा कि हिन्दी भाषा देश और प्रदेश का गौरव है और इसको बनाए रखने के लिए हम सब सामुहिक प्रयास करते रहे।
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