We knew the election results, that's why the Chief Minister was avoiding the election: Jai Ram Thakur
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा भाजपा में भरोसा जताने और कांग्रेस का सूपड़ा साफ करने के लिए प्रदेशवासियों का आभार
एक बार फिर से कार्यवाहक मुख्य सचिव के भरोसे प्रदेश, मित्र मंडली स्थायी और व्यवस्था अस्थायी ही है व्यवस्था परिवर्तन का नया मॉडल
शिमला से जारी बयान में पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री स्थानीय निकाय और पंचायती राज चुनाव के परिणाम जानते थे, इसी कारण वह चुनाव से भाग रहे थे। जितना हो सका, उन्होंने चुनाव टालने की उतनी कोशिश की, लेकिन उनकी एक भी कुटिल चाल कामयाब नहीं हुई और माननीय सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर चुनाव करवाने पड़े। चुनाव के दौरान भी उन्होंने आदर्श चुनाव संहिता की धज्जियां उड़ाने की पूरी कोशिश की। मतदाताओं को लुभाने के हर संभव प्रयास किए। लेकिन मुख्यमंत्री का झूठ पूरे देश और प्रदेश में बेनकाब हो चुका है, इसलिए उनके एक भी हथकंडे काम नहीं आए।
चुनाव के परिणाम पूरे प्रदेश के सामने हैं। कांग्रेस की ऐतिहासिक हार हुई है। मुख्यमंत्री से लेकर उपमुख्यमंत्री और मंत्री तक अपने हलके, अपनी पंचायत, अपने इलाके तक में जनता द्वारा नकार दिए गए। जिला पंचायत के चुनाव में मुख्यमंत्री के अपने विधानसभा क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशियों ने कांग्रेस से ज्यादा वोट लिए। पूरे प्रदेश में इसी तरह की स्थिति रही। नगर निगम में भाजपा का वर्चस्व रहा। जिला पंचायत और ब्लॉक समिति के चुनाव में भी भाजपा समर्थित प्रत्याशियों को प्रदेश के लोगों ने आशीर्वाद और वोट दिए। प्रदेश के लोगों ने स्थानीय निकाय और पंचायती राज चुनाव में भाजपा समर्थित प्रत्याशियों को 60% से अधिक वोट देकर कांग्रेस का सूपड़ा साफ कर दिया।
जयराम ठाकुर ने सभी चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को प्रचंड जनादेश देने, नरेंद्र मोदी की नीतियों और नेतृत्व पर भरोसा करने के लिए सभी प्रदेशवासियों का आभार जताया। प्रदेश के लोग कांग्रेस की झूठी गारंटियों और मुख्यमंत्री के झूठ पर भरोसा नहीं करते। कांग्रेस के झूठ की हांडी एक बार चढ़ चुकी है, यह बार-बार नहीं चढ़ने वाली है। विश्वास का संकट पैदा हो गया है। मुख्यमंत्री की बात पर प्रदेश के लोग भरोसा नहीं कर रहे हैं। इसलिए मुख्यमंत्री से विनम्र आग्रह है कि वह झूठ का सहारा लेना छोड़ दें और ईमानदारी से प्रदेश हित में काम करें।
उन्होंने कहा कि चुनाव के परिणाम यह बता रहे हैं कि आने वाले समय में कांग्रेस ढूंढने से भी नहीं मिलेगी। सरकार साजिश करने के बजाय जनहित में निर्णय ले। केंद्र सरकार द्वारा भेजी जा रही आर्थिक सहायता को पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाए। केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं को सही ढंग से क्रियान्वित करें, जिससे प्रदेश के लोगों का भला हो सके।
कार्यवाहकों के भरोसे प्रदेश चलाना ही मुख्यमंत्री का व्यवस्था परिवर्तन है
जयराम ठाकुर ने एक बार फिर से कार्यवाहक मुख्य सचिव की नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर मुख्यमंत्री में इतनी असुरक्षा और अविश्वास की भावना क्यों घर कर गई है? प्रदेश में स्थायी मुख्य सचिव की नियुक्ति से वह क्यों कतरा रहे हैं? व्यवस्था परिवर्तन के नाम पर व्यवस्था का मजाक क्यों बना रहे हैं? पहले भी मुख्यमंत्री ने हास्यास्पद तरीके से मुख्य सचिव को 8 महीने तक कार्यवाहक पद पर रखा और रिटायरमेंट के मात्र 4 दिन पहले स्थायी नियुक्ति दे दी। एक डीजी-स्तर के अधिकारी को भी मुख्यमंत्री ने रिटायरमेंट के कुछ दिन पहले कार्यवाहक डीजीपी को छुट्टी पर भेजकर कार्यवाहक डीजीपी बनाया।
ऐसे में सवाल उठता है कि प्रदेश के आला अधिकारी कार्यवाहक दायित्व पर क्यों काम कर रहे हैं? स्थायी नियुक्ति देने में मुख्यमंत्री को क्या समस्या है? मुख्यमंत्री ने मित्र मंडली को स्थायी और प्रदेश के हित को अस्थायी व्यवस्था पर क्यों छोड़ दिया है?
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