In the meeting of the ministerial sub-committee, all deputy commissioners were instructed to verify the land, and details of the land given to PSU were also requested.
राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जन शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रिमंडलीय उप-समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक व औद्योगिक प्रशिक्षण एवं नगर नियोजन मंत्री राजेश धर्माणी भी मौजूद रहे। सभी जिलों के उपायुक्त वर्चुअल माध्यम से बैठक में जुड़े।
बैठक में अवगत करवाया गया कि उद्योग विभाग के पास 849 हेक्टेयर, तकनीकी शिक्षा विभाग के पास 70 हेक्टेयर, शिक्षा विभाग के पास 50 हेक्टेयर, पर्यटन विभाग के पास 160 हेक्टेयर, परिवहन विभाग के पास 11 हेक्टेयर और पंचायती राज विभाग के पास 20 हेक्टेयर अनयूटिलाइज्ड लैंड है।
बैठक में सभी उपायुक्तों को शेष बची एंट्रीज को जल्द दर्ज करवाकर उनकी वेरिफिकेशन के निर्देश दिए गए। सभी विभागों को चार्ट सर्कुलेट किया जाएगा, जिससे वे अपनी भूमि को वेरिफाई कर सकें।
इसके अतिरिक्त सभी पीएसयू को दी गई भूमि का ब्यौरा भी मांगा गया है। इसके लिए स्प्रेड शीट के माध्यम से डाटा को भरा जाएगा।
बैठक में मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, सचिव डिजिटल टेक्नोलॉजी एंड गवर्नेंस आशीष सिंहमार, सचिव आयुष ए.शायनामोल, सचिव पशुपालन रितेश चौहान, सचिव सहकारिता अमरजीत सिंह, अतिरिक्त सचिव राजस्व बलवान चंद और अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
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