State government committed to the welfare and development of tribal areas: Chief Minister
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज किन्नौर जिले के रिकांगपिओ में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार जनजातीय क्षेत्रों के कल्याण और विकास के लिए प्रतिबद्ध है और जनजातीय उप योजना के तहत बजट में काफी वृद्धि की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि कोविड-19 महामारी के दौरान भी विकास की गति निर्बाध रूप से चलती रहे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने 31 मई, 2021 से दुकानों और अन्य व्यावसायिक संस्थानों को सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक खुले रहने की अनुमति देकर प्रदेश में कुछ राहत देने का निर्णय लिया है। सरकारी कार्यालय भी 30 प्रतिशत उपस्थिति के साथ कार्य करेंगे। उन्होंने संतोष व्यक्त किया कि कोविड के मामलों की संख्या 40,000 से घटकर 18000 हो गई है, लेकिन कोविड से होने वाली मृत्यु की संख्या में वृद्धि अभी भी चिंता का विषय है।
जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य संस्थानों की क्षमता बढ़ाने के लिए कड़ी मेहनत की है। राज्य में बिस्तरों की क्षमता 1200 से बढ़ाकर लगभग 5000 बिस्तर कर दी गई है। इसी प्रकार, राज्य सरकार ने आॅक्सीजन की भंडारण क्षमता को बढ़ाकर 25 मीट्रिक टन तक किया है। राज्य सरकार की मांग पर केंद्र सरकार ने प्रदेश का आॅक्सीजन कोटा 15 मीट्रिक टन से बढ़ाकर 40 मीट्रिक टन कर दिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की उदार सहायता से आज राज्य में लगभग 6300 डी-टाइप और 2250 बी-टाइप आॅक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध हैं। स्वास्थ्य संस्थानों में 1700 से अधिक आॅक्सीजन कन्संट्रेटर उपलब्ध करवाए गए हैं। सभी मेडिकल काॅलेजों में पीएसए आॅक्सीजन संयंत्र स्थापित किए गए हैं। राज्य में सात पीएसए संयंत्र कार्यशील कर दिए गए हैं, जबकि दो अतिरिक्त पीएसए संयंत्र शीघ्र ही कार्यशील बनाए जाएंगे। लगभग एक वर्ष पूर्व, राज्य में केवल 50 कार्यशील वेंटिलेटर थे, जिनकी संख्या बढ़ाकर लगभग 700 की गई है।
जनजातीय विकास मंत्री डाॅ. राम लाल मारकंडा, राज्य वन विकास निगम के उपाध्यक्ष सूरत नेगी, जिला परिषद के अध्यक्ष निहाल चारस, पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू, उपायुक्त किन्नौर हेमराज बैरवा, पुलिस अधीक्षक आर.एस. राणा, भारतीय-तिब्बत सीमा पुलिस के कमांडेंट देवेंद्र कुमार तथा अन्य अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने आईटीबीपी, डोगरा स्काउट्स तथा 15वीं बिहार रेजिमेंट के अधिकारियों के साथ बातचीत की
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज जिला लाहौल-स्पीति में सेना के हेलीपैड समदो में भारतीय-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), डोगरा स्काउट्स तथा 15वीं बिहार रेजिमेंट के अधिकारियों के साथ बातचीत करते हुए राष्ट्र की सीमाओं की रक्षा में सेना के जवानों की भूमिका की सराहना की।
जय राम ठाकुर ने कहा कि कठिन भौगोलिक तथा कठोर जलवायु परिस्थितियों के बावजूद सेना की प्रतिबद्धता और कुशल कर्तव्यनिष्ठा के कारण ही हमारी सीमाएं सुरक्षित हैं तथा हम निडरता से जीवन जीने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि सेना के जवानों द्वारा दी जा रही सेवाएं सभी के लिए प्रेरणा स्रोत हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्पीति घाटी ने 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों के टीकाकरण में शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किया है, जिसके लिए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग सराहना के पात्र हैं। विश्व में मोटरयोग्य सड़क से जुड़े सबसे ऊंचे गांव कोमिक ने 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों के टीकाकरण में शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किया है, जो न केवल इस दुर्गम जिले के लोगों के लिए बल्कि पूरे राज्य के लिए गर्व की बात है।
जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य ने पहली बार राष्ट्रीय आइस हाॅकी चैम्पियनशिप में भाग लिया और इस स्पर्धा में कांस्य पदक जीता है। उन्होंने कहा कि डोगरा स्काउट्स ने भी इस आयोजन में भाग लिया और पांचवां स्थान प्राप्त किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस से स्थिति सामान्य होते ही वह शीघ्र स्पीति घाटी का दौरा करेंगे।
जनजातीय विकास मंत्री डाॅ. राम लाल मारकंडा, पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू, सैक्टर कमांडर ब्रिगेडियर पराग नांगागरे, कमांडिंग आॅफिसर डोगरा स्काउट्स नितिन मित्तल, 15वीं बिहार रेजिमेंट के कर्नल प्रणव अवस्थी तथा अन्य अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
मात्र साढ़े तीन वर्ष के कार्यकाल में वर्तमान प्रदेश सरकार ने अपनी सभी चुनावी गारंटियों…
मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया बयान पर…
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू से आज यहां हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति के…
आईजीएमसी में पायलट आधार पर मरीजों का डेटा डिजिटाइज करने के दिए निर्देश मुख्यमंत्री ठाकुर…
Auckland House School for Boys organised a vibrant and grand Carnival on Friday amidst great…
सभी राज्य स्तरीय आपदा अनुसंधान हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय केन्द्र के माध्यम से संचालित किए जाएंगे:…