प्रदेश के लाेगाें काे अब जिला अस्पतालों में ही स्पेशल ट्रीटमेंट मिलेगा। बिना वजह डॉक्टर मरीजों काे मेडिकल कालेज या दूसरे बड़े अस्पतालों में रेफर नहीं करेंगे। सरकार राज्य के जिला अस्पतालों के प्रारूप काे बदलने जा रही है। इन अस्पतालों काे ‘संपूर्ण’ अस्पताल का दर्जा दिया जाएगा। पहले चरण में 12 अस्पतालों काे संपूर्ण अस्पताल का दर्जा दिया जाएगा। इसमें हर जिला के 1-1 अस्पताल काे चुना जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की संपूर्ण स्वास्थ्य योजना के तहत इस योजना काे अमलीजामा पहनाया जाएगा।
स्पेशल डाक्टर हाेंगे नियुक्त, हर टेस्ट की हाेगी सुविधा ताकि जिला के मरीजों का इलाज यहीं पर किया जा सके। इन अस्पतालों से डाक्टरों की ट्रांसफर भी तभी की जाएगी जब रिलीवर हाेगा। काेई भी पद यहां पर स्पेशियलिटी का खाली नहीं रखा जाएगा। अस्पतालों में लैब की सुविधा भी रहेगी। हर तरह के टेस्ट इन्हीं अस्पतालों में हाेगी। मरीजों काे दूसरी जगह जाने की जरूरत ही नहीं रहेगी। रेफरल केसिस की अनलाइन मानिटरिंग भी हाेगी। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अपने बजट भाषण में इसकी घाेषणा की थी। स्वास्थ्य विभाग ने मुख्यमंत्री की घाेषणा काे सिरे चढ़ाने के लिए होमवर्क शुरू कर दिया है। अगले महीने से इस योजना काे लांच करने की तैयारी चल रही है।
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