सोलन जिला की क्षेत्रीय योजना तैयार करने के लिए आज यहां उपायुक्त केसी चमन की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में क्षेत्रीय योजना तैयार करने के लिए परामर्शदाता मैसर्ज फीडबैक इन्फ्रा प्राईवेट लिमिटिड गुड़गांव के प्रतिनिधि विशेष रूप से उपस्थित रहे।
केसी चमन ने इस बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा कि तीव्र शहरीकरण एवं आर्थिक विकास के दृष्टिगत राज्य सरकार ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में योजनाबद्ध सत्त विकास के लिए क्षेत्रीय योजना तैयार करने का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य शहरांे तथा ग्रामीण क्षेत्रों के लिए समग्र योजना तैयार करना है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए जिला को क्षेत्र मानकर कार्य आरम्भ किया जा रहा है।
उपायुक्त ने कहा कि क्षेत्रीय योजना के तहत दीर्घ समय की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कार्य योजना तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय योजना के तहत यह सुनिश्चित बनाया जाएगा कि सोलन जिला में जनसंख्या में बढ़ोत्तरी, कृषि, बागवानी सहित अन्य क्षेत्रों की मांग को ध्यान में रखते हुए कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय योजना के तहत शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की आवश्यकताआंे का ध्यान रखा जाएगा। यह सुनिश्चित बनाया जाएगा कि विकास सम्बन्धी आवश्यकताओं को समग्र रूप से पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि योजना में मांग और आपूर्ति में संतुलन स्थापित किया जाएगा और यह प्रयास किया जाएगा कि जिला की विभिन्न आवश्यकताओं को स्थानीय एवं आसपास के दायरे से पूरा किया जाए।
उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय योजना विभिन्न आवश्यक नियमों के अन्तर्गत तैयार की जाएगी। इस कार्य में नगर नियोजना विभाग की विशेष भूमिका रहेगी और विभाग के विभिन्न नियमों का पालन सुनिश्चित बनाया जाएगा।
केसी चमन ने कहा कि सोलन जिला जहां एक ओर प्रदेश मंे उच्च शिक्षा का हब बनकर उभर रहा है वहीं जिला का बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ क्षेत्र राज्य का सबसे बड़ा औद्योगिक क्षेत्र है। इस क्षेत्र को एशिया का फार्मा हब माना जाता है। उन्होंने कहा कि सोलन जिला में कृषि, बागवानी क्षेत्र में विविधिकरण के साथ-साथ औद्योगिक एवं पर्यटन विकास की असीमित संभावनाएं हैं। सोलन जिला शिमला के बाद प्रदेश का शहरी जनसंख्या वाला दूसरा सबसे बड़ा जिला है।
उन्होंने कहा कि बढ़ते शहरीकरण के दबाव के दृष्टिगत ऐसी क्षेत्रीय योजना तैयार किया जाना आवश्यक है जो सभी क्षेत्रों की वृद्धि को समाहित कर सत्त विकास के लक्ष्य को पूर्ण कर सके।
उन्होंने इस कार्य के लिए नियुक्त परामर्शदाता को निर्देश दिए कि क्षेत्रीय योजना में सोलन जिला में यातायात प्रबन्धन, फसल विविधीकरण तथा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कच्चे माल पर आधारित औद्योगिकीकरण की संभावनाए पूर्ण करने पर विशेष ध्यान दिया जाए।
मैसर्ज फीडबैक इन्फ्रा प्राईवेट लिमिटिड गुड़गांव के प्रतिनिधि ने प्रस्तुतिकरण के माध्यम से क्षेत्रीय योजना के सम्बन्ध में पूर्ण जानकारी प्रस्तुत की। बैठक में अवगत करवाया गया कि इस कार्य के लिए पूरे जिला से डाटा एकत्र किया जाएगा और विभिन्न विभागों से क्षेत्र विशेष की जानकारी प्राप्त कर क्षेत्रीय योजना में इसे सम्मिलत किया जाएगा। क्षेत्रीय योजना में सोलन जिला की जनसंख्या, आर्थिक आधार, कृषि एवं सिंचाई, बागवानी, पशुपालन, भू-उपयोग, ग्रामीण विकास, आवास, सामाजिक एवं आर्थिक अधोसरंचना, परिवहन, पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण पर विशेष बल दिया जाएगा।
क्षेत्रीय योजना शहरीकरण एवं ग्रामीण विकास में संतुलन स्थापित करने और आर्थिक एवं सामाजिक वृद्धि को उचित गति देने में सहायक सिद्ध होगी।
नगर एवं ग्राम योजनाकार लीला श्याम सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित थे
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