The Chief Minister directed the officials to complete the pending developmental projects on priority.
मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक सचिवों के साथ की हाई लेवल मीटिंग, दिए दिशा-निर्देश
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सभी सचिवों को लक्ष्य निर्धारित कर अपने विभागों की परियोजनाओं को समयबद्ध पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं ताकि लोगों को इनका अधिक से अधिक लाभ मिल सके। सभी प्रशासनिक सचिवों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सुशासन सुनिश्चित करने के लिए पहले दिन से कार्य कर रही है। उन्होंने निर्देश दिए कि अब से मुख्य सचिव सभी विभागों की परियोजनाओं की नियमित समीक्षा करेंगे।
श्री सुक्खू ने कहा कि प्रदेश एवं प्रदेशवासियों का हित राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी प्रशासनिक सचिव हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अपने-अपने कार्यों को धरातल पर उतारने की योजना पर तीव्रता से कार्य करें। उन्होंने सभी विभागों की अधूरी परियोजनाओं को प्राथमिकता पर पूरा करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, पर्यटन, ऊर्जा, खाद्य प्रसंस्करण तथा डाटा स्टोरेज क्षेत्रों को प्राथमिकता दे रही है और इन क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार को गति प्रदान की जाए और पर्यटन से संबंधित परियोजनाओं को धरातल पर उतारने के कार्य में भी गति लाई जाए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े सुधार लाए जा रहे हैं ताकि लोगों को घर-द्वार के निकट ही बेहतर इलाज की सुविधा प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी सात मेडिकल कॉलेजों में सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए राज्य सरकार प्रयासरत है और प्रथम चरण में सभी मेडिकल कॉलेजों में एम्स दिल्ली की तर्ज पर आधुनिक तकनीक से सुसज्जित मशीनें तथा उपकरण उपलब्ध करवाए जा रहे हैं।
श्री सुक्खू ने ई-वाहनों को बढ़ावा देने और उनके लिए जरूरी आधारभूत ढांचा विकसित करने को प्राथमिकता देने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एफआरए और एफसीए के मामलों की स्वीकृति में तेजी लाई जाए और सभी विभाग अपनी सेवाओं को डिजिटल बनाने पर कार्य करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश की लगभग 90 प्रतिशत आबादी गांवों में रहती है। राज्य सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए प्रयास कर रही है ताकि गांवों में रहने वालों के हाथों में पैसा पहुंचे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने दूध के दामों में ऐतिहासिक बढ़ोतरी की है, साथ ही प्राकृतिक खेती से उगाए गए गेहूं, मक्की, जौ और हल्दी पर न्यूनतम समर्थन मूल्य भी दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती किसानों की आय का मुख्य जरिया बन सकती है तथा कृषि विभाग इस दिशा में गम्भीरता के साथ कार्य करे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2023 की तरह ही इस वर्ष भी मॉनसून के दौरान हिमाचल प्रदेश में जानमाल का व्यापक नुकसान हुआ है। लेकिन राज्य सरकार अपने सीमित संसाधनों से हर प्रभावित के जखमों पर मरहम लगा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक प्रभावित के साथ मजबूती के साथ खड़ी है। उन्होंने राजस्व विभाग को इस वर्ष आपदा के दौरान हुए नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिए ताकि यह रिपोर्ट केन्द्र सरकार को जल्द से जल्द भेजी जा सके।
बैठक में मुख्य सचिव संजय गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव के.के. पंत तथा ओंकार चन्द शर्मा, प्रधान सचिव देवेश कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर सहित अन्य प्रशासनिक सचिव उपस्थित रहे।
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