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विशालकाय एस्टेरॉयड: धरती के बगल से गुजर गया , 11 साल बाद फिर लौटेगा.

अंतरिक्ष से आ रहा एस्टेरॉयड 1998 OR2 धरती के बगल से गुजर गया. इससे पृथ्वी को कोई खतरा नहीं था, क्योंकि यह धरती के करीब 63 लाख किलोमीटर दूर से गुजरा है. इसके पहले ये एस्टोरॉयड 12 मार्च 2009 को 2.68 करोड़ किलोमीटर की दूरी से गुजरा था. अब धरती के लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है. क्योंकि इसके गुजरने के साथ ही दुनिया भर के वैज्ञानिकों ने चैन की सांस ली है. हांलाकि, इस पर अध्ययन जारी रहेग

अंतरिक्ष से आ रहा एस्टेरॉयड 1998 OR2 धरती के बगल से गुजर गया. इससे पृथ्वी को कोई खतरा नहीं था, क्योंकि यह धरती के करीब 63 लाख किलोमीटर दूर से गुजरा है. इसके पहले ये एस्टोरॉयड 12 मार्च 2009 को 2.68 करोड़ किलोमीटर की दूरी से गुजरा था. अब धरती के लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है. क्योंकि इसके गुजरने के साथ ही दुनिया भर के वैज्ञानिकों ने चैन की सांस ली है. हांलाकि, इस पर अध्ययन जारी

एस्टेरॉयड 1998 OR2 अब 11 साल बाद फिर धरती के करीब से गुजरेगा लेकिन उसकी दूरी 1.90 करोड़ किलोमीटर होगी. आपको बता दें कि यह हर 11 साल पर धरती के आसपास से गुजर जाता है. 2031 के बाद 2042, फिर 2068 और उसके बाद 2079 में यह धरती के बगल से निकलेगा

2079 में यह धरती के बेहद करीब से निकलेगा. उस समय इसकी दूरी अभी की दूरी से 3.5 गुना कम होगी. यानी अभी वह 63 लाख किलोमीटर की दूरी से निकला है. 2079 में वह 17.73 लाख किलोमीटर की दूरी से निकलेगा. यह इस एस्टेरॉयड की धरती से सबसे कम दूरी होगी

आपको बता दें कि वैज्ञानिकों ने इस एस्टेरॉयड को लेकर अगले 177 साल का कैलेंडर बना रखा है. इससे यह पता चलेगा कि यह एस्टेरॉयड कब-कब धरती से कितनी दूरी से निकलेगा. 2079 के बाद एस्टेरॉयड 1998 OR2 साल 2127 में पृथ्वी से करीब 25.11 लाख किलोमीटर की दूरी से निकलेगा. वैज्ञानिकों ने इसे पोटेंशियली हजार्ड्स ऑब्जेक्टस (PHO) की श्रेणी में रखा है.

अगर 2079 और 2127 में कोई गड़बड़ नहीं हुई तो उसके बाद यह एस्टेरॉयड धरती के लिए खतरा नहीं रहेगा. नासा का कहना था कि इस एस्टेरॉयड से घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि यह इस बार धरती से करीब 63 लाख किलोमीटर दूर से गुजरेगा. अंतरिक्ष विज्ञान में यह दूरी बहुत ज्यादा नहीं मानी जाती लेकिन कम भी नहीं है. 

Neha Sharma

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