हिमाचल सरकार 2 नई जल विद्युत परियोजनाओं का आवंटन करने जा रही है। इन परियोजनाओं में 6.5 मेगावाट से लेकर 400 मेगावाट तक की परियोजनाएं शामिल हैं।
यह परियोजनाएं प्रदेश के कुल्लू, चंबा, किन्नौर, लाहौल-स्पीति और शिमला जिलों में चिह्नित की गई हैं। इनमें सबसे अधिक 595 मेगावाट क्षमता की नौ परियोजनाएं चिनाव नदी बेसिन, 169 मेगावाट क्षमता की आठ परियोजनाएं सतलुज नदी बेसिन, 55 मेगावाट की क्षमता की चार परियोजनाएं रावी व एक परियोजना नौ मेगावाट क्षमता की ब्यास बेसिन में लगाना प्रस्तावित है।
वीरवार को जारी बयान में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने पहली बार इन परियोजनाओं को देश के अन्य राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों व अन्य राज्य व केन्द्रीय उपक्रमों को 10 लाख प्रति मेगावाट अपफ्रंट प्रीमियम के आधार पर 40 वर्ष के लिए आवंटित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में ऊर्जा निदेशालय की ओर से सभी राज्य के सचिवों व केंद्रीय उपक्रमों को पत्र भी भेजा गया है। इन परियोजनाओं के आवंटन के लिए अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार के लिए विज्ञापन भी जारी किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं के लगने से बिजली की आपूर्ति, मुफ्त बिजली के रूप में राजस्व में बढ़ोतरी, स्थानीय लोगों को रोजगार व स्थानीय क्षेत्रों का विकास सुनिश्चित होगा। हिमाचल प्रदेश देश के एक समृद्धतम राज्य के रूप में उभरेगा।
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