Shimla News: शारीरिक कसरत से कहीं ज्यादा एक गहन दर्शन है योगः शुक्ल

राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज ऐतिहासिक गेयटी थियेटर शिमला में विश्व योग दिवस के अवसर पर आयोजित संगोष्ठी में कहा कि योग को गहराई से जानना बेहद जरूरी है। हमारी दिनचर्या के अभिन्न अंग बनने पर ही योग का पूर्ण लाभ लिया जा सकता है। राज्यपाल ने कहा कि योग शारीरिक कसरत से कहीं ज्यादा एक गहन दर्शन है, जो मानव अस्तित्व की संपूर्णता को समाहित करता है।


संगोष्ठी का आयोजन देव भूमि सेवा संस्थान आश्रम शिमला द्वारा किया गया जिसका विषय था, ‘‘योग एक सम्पूर्ण मानव दर्शन एवं योगचर्या।’’ राज्यपाल ने कहा कि प्राचीन भारत में शुरू हुआ योग एक समग्र अभ्यास है जो शरीर, मन और आत्मा को एकाग्र करता है। https://tatkalsamachar.com/kuldeep-singh-pathania/ इसका उद्देश्य सामंजस्यपूर्ण संतुलन और आंतरिक शांति की स्थिति को प्राप्त करना है। योग की बहुआयामी अवधारणा है, जिसमें शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक स्पष्टता, भावनात्मक स्थिरता और आध्यात्मिक पूर्णता शामिल है।


उन्होंने कहा कि आज के भाग-दौड़ भरे जीवन में जहां अवसाद और चिंता इंसान को चारों तरफ से घेरे हुए हैं, ऐसे में योग शांति और आत्ममंथन के मार्ग की ओर अग्रसर करता है। ध्यानक्रिया से आंतरिक शांति, एकाग्रता, नकारात्मक विचारों का त्याग और समभाव की भावना का संचार होता है।
राज्यपाल ने कहा आज पूरा विश्व हमारे देश की इस योग परम्परा को अपना रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्थक प्रयासों से 21 जून, 2015 को प्रथम अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पूरी दुनिया में बेहद उत्साह के साथ मनाया गया और अब हर वर्ष इसका आयोजन किया जा रहा है।


उन्होंने कहा कि योग की प्रासंगिकता व्यक्तिगत अभ्यास से कहीं ज्यादा है। यह एक ऐसा दर्शन है जो करूणा, सचेतन और आत्मचेतना का संचार करता है। योग हमें आपस में तालमेल बिठाकर जीवन जीने और आसपास की दुनिया में सकारात्मक योगदान देने के लिए प्रेरित करता है।
कार्यक्रम के अध्यक्ष वी. के. भटनागर ने राज्यपाल का स्वागत किया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता श्रीनिवास मूर्ति ने योग की उपयोगिता पर विस्तृत प्रस्तुति दी।
इससे पूर्व, देव भूमि सेवा संस्थान आश्रम के अध्यक्ष लेख राज राणा ने राज्यपाल का स्वागत किया। https://www.youtube.com/watch?v=6SvzTmMBdik उन्होंने कहा कि संस्थान अपने अन्य प्रकल्पों के अतिरिक्त योग के जनजागरण का कार्य कर रहा है। संस्थान की प्रदेश भर में 70 संस्कार शालाएं कार्यरत हैं।


इस अवसर पर शिमला, तारादेवी के शगीन गांव के 10 वर्षीय सक्षम ठाकुर ने योगाभ्यास का प्रदर्शन कर सभी को प्रभावित किया। राज्यपाल ने सक्षम की योग साधना की सराहना करते हुए उन्हें सम्मानित भी किया।
साईं एटरनल फाउंडेशन के अध्यक्ष राजकुमार वर्मा इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।
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Neha Sharma

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