Rain Landslide and Flood : जिला किन्नौर में भारी बारिश, भूस्खलन व बाढ़ के कारण अब तक लगभग 107.354 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ

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    rain, landslide and flood-kinour-himachal perdesh-tatkalsamachar-Jagat Singh Negi
    Due to heavy rains, landslides and floods in district Kinnaur, a loss of about Rs 107.354 crore has been incurred so far.

    राजस्व, बागवानी एवम जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने आज जिला किन्नौर के आई.टी.डी.पी भवन में राहत एवम पुनर्वास कार्य को लेकर संबंधित विभाग के अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता की।


    राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने आपदा के समय जिला प्रशासन, लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग, विद्युत विभाग, राजस्व विभाग, भारतीय सेना, आईटीबीपी, होम गार्ड, पुलिस इत्यादि द्वारा किए गए राहत कार्यों की सराहना की।
    उन्होंने कहा की बाढ़ व भारी बारिश के कारण हुई क्षति की बहाली का कार्य शीघ्र किया जाना चाहिए और संबंधित विभागों को इस संदर्भ में विस्तृत परियोजना रिपोर्ट शीघ्र जमा करने को कहा।


    बैठक में बताया गया कि जिला किन्नौर में भारी बारिश, भूस्खलन व बाढ़ के कारण अब तक लगभग 107.354 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। जिला किन्नौर में आपदा के कारण घर, दुकानों, घराट, गौशाला इत्यादि के नुकसान के लिए प्रभावित परिवारों को अब तक 1 करोड़ 43 लाख 88 हजार रुपये की राशि प्रदान की जा चुकी है। जिला किन्नौर में कृषि क्षेत्र मंे हुए नुकसान के लिए अब तक लगभग 16 लाख 87 हजार रुपये की राहत राशि प्रदान की जा चुकी है।
    बैठक में अवगत करवाया गया कि जिला किन्नौर में आपदा के कारण जल शक्ति विभाग के रिकांग पिओ व पूह मंडल में अब तक 242 योजनाएं प्रभावित हुई हंै जिनका अनुमानित नुकसान 2639.50 लाख रुपये है। https://www.tatkalsamachar.com/#google_vignette जिला किन्नौर में आपदा के कारण कृषि क्षेत्र में लगभग 119.11 लाख रुपये तथा पशुपालन विभाग द्वारा प्रस्तुत की गई क्षति की रिपोर्ट के अनुसार जिला किन्नौर में अब तक मवेशियों व कुकट पक्षियों का नुकसान लगभग 1 करोड़ 4 लाख 90 हजार रुपये है।
    बैठक में बताया गया कि जिला किन्नौर में मलिंग नाला, उरनी ढांक तथा पंगी नाला में चट्टान स्थिरीकरण और विभिन्न स्थानों पर नदी व नालों के तटीकरण का कार्य करना प्रस्तावित है। इसके अतिरिक्त मुख्य मार्ग, संपर्क सडक के साथ-साथ ढंगा लगाना ,मलबा व बडे पत्थरों को हटाना, इत्यादि जैसे कार्य प्राथमिकता पर किए जाने हैै।  


    इसके उपरान्त जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने साडा के तहत पिछले तीन वर्षों में किए गए कार्यों की समीक्षा ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि साडा के तहत आने वाले क्षेत्र में डोर-टू-डोर कूड़ा एकत्रीकरण का कार्य सुनिश्चित किया जाए तथा https://youtu.be/9Fosy4VmtIQ एकत्रीकरण के उपरान्त कूड़े का उचित निपटान किया जाए। इसके अतिरिक्त उन्होंने साडा क्षेत्र में स्ट्रीट लाईट, सार्वजनिक शौचालय तथा सीवरेज की व्यवस्था को सुचारू ढंग से बनाए रखने के भी निर्देश दिए। उन्होंने साडा क्षेत्र के तहत आने वाले मुख्य मार्गों व बाजार में लोगों को जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए एहतियाती कदम उठाने के भी निर्देश दिए।
    राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के तहत किए जा रहे कार्यों की भी समीक्षा ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम के तहत किए जा रहे विभिन्न विकासात्मक कार्यों को पूर्ण करने में शीघ्र लाएं।


    इस अवसर पर उपायुक्त किन्नौर तोरूल रवीश, पुलिस अधीक्षक विवेक चाहल, वनमण्डलाधिकारी अरविंद, अतरिक्ति जिला दण्डाधिकारी पूह विनय मोदी, उपमण्डलाधिकारी कल्पा डाॅ. मेजर शशांक गुप्ता, उपमण्डलाधिकारी निचार बिमला वर्मा, सहायक आयुक्त संजीव कुमार भोट, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. सोनम नेगी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।

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