State government committed to ensuring quality education in the state: Education Minister
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने आज यहां शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विभाग के कार्यों और योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता को और सुदृढ़ करने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे सुधारों को समयबद्ध लागू करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार प्रत्येक बच्चे को आधुनिक, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में सुविधाओं के विस्तार, कर्मचारियों की उपलब्धता तथा शैक्षणिक स्तर को बेहतर बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
स्कूलों के विलय, डिनोटिफिकेशन और रेशनलाइजेशन के कारण विद्यार्थियों को हो रही कठिनाइयों का संज्ञान लेते हुए शिक्षा मंत्री ने अधिक से अधिक प्रभावित विद्यार्थियों के लिए परिवहन सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को विशेषकर दूरदराज और जनजातीय जिलों जैसे किन्नौर, चंबा और लाहौल-स्पीति के विद्यार्थियों को परिवहन सुविधाएं उपलब्ध करवाने को कहा ताकि दूरी शिक्षा में बाधा न बने। उन्होंने कहा कि स्कूलों के पुनः नोटिफिकेशन और रेशनलाइजेशन से जुड़े सभी निर्णय विद्यार्थियों के हित को ध्यान में रखकर ही लिए जाएं। उन्होंने नगरोटा और ज्वालामुखी के स्कूलों को पुनः नोटिफाई करने के भी निर्देश दिए।
शैक्षणिक सुधारों की समीक्षा करते हुए रोहित ठाकुर ने कहा कि राज्य के 151 सरकारी स्कूलों को सीबीएसई से संबद्धता मिल चुकी है और ये स्कूल आगामी शैक्षणिक सत्र से सीबीएसई पाठ्यक्रम के तहत संचालित होंगे, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धा में सुधार होगा। डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए इस माह के अंत तक 7,635 मेधावी विद्यार्थियों को टैबलेट वितरित किए जाएंगे, जिससे उन्हें आधुनिक शैक्षणिक संसाधनों तक बेहतर पहुंच मिल सकेगी।
कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए शिक्षा मंत्री ने चयनित स्कूलों में बागवानी विषय को व्यावसायिक विषय के रूप में शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य को नेशनल काउंसिल फॉर वोकेशनल एजुकेशन एंड ट्रेनिंग (एनसीवीटी) से ड्यूल कैटेगरी मान्यता प्राप्त हुई है और इस विषय को चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जाएगा तथा जहां भी कोर्स शुरू होगा वहां पर्याप्त शिक्षकों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
भर्ती से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए शिक्षा मंत्री को अवगत करवाया गया कि 1,427 शिक्षकों ने एलडीआर परीक्षा दी है और इसके परिणाम शीघ्र घोषित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि वित्त विभाग से 870 शिक्षकों के पद भरने की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है और विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाई जाए, ताकि विशेषकर विज्ञान और वाणिज्य विषयों में शिक्षकों की कमी को जल्द दूर किया जा सके। उन्होंने लंबित भर्ती मामलों का विवरण प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए ताकि नियुक्ति प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जा सके।
बुनियादी ढांचे की समीक्षा करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि पीडीएनए के अंतर्गत 219 स्कूलों के लिए 13.91 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं, जिनमें से 782 मरम्मत एवं निर्माण कार्य पूरे हो चुके हैं। उन्होंने शेष कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
उच्च शिक्षा को मजबूत बनाने पर बल देते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि राज्य के महाविद्यालयों की रैंकिंग को 17 मार्च को अंतिम रूप दिया जाएगा, जिससे शैक्षणिक स्तर में सुधार और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने नए केन्द्रीय विद्यालयों को शीघ्र शुरू करने की प्रक्रिया तेज करने के भी निर्देश दिए, ताकि इन्हें अगले शैक्षणिक सत्र से कार्यशील बनाया जा सके।
रोहित ठाकुर ने प्रवेश प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के निर्देश भी दिए, ताकि विद्यार्थियों को एक स्कूल से दूसरे स्कूल में प्रवेश लेते समय किसी प्रकार की परेशानी न हो।
बैठक में शिक्षा सचिव राकेश कंवर, परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा राजेश शर्मा, उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत के. शर्मा, स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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