किसानों के भारत बंद का देश के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग असर पड़ा है। कहीं प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच छोटी-छोटी झड़पें भी हुईं। कहीं यातायात बाधित हुआ, तो दिल्ली-एनसीआर में यातायात कुछ हद तक प्रभावित हुआ। दिल्ली, पंजाब, हरियाणा पर बंद का असर देख गया। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मुंबई और तमिलनाडु में भी बंद व्यापक प्रभाव रहा। वहीं,
हिमाचल में इसका असर न के बराबर ही रहा।कृषि कानूनों के खिलाफ मंगलवार को किसानों ने भारत बंद के जरिए केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला।
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, एनसीपी प्रमुख शरद पवार जैसे नेता कृषि कानूनों के खिलाफ राजधानी दिल्ली में किसानों के प्रदर्शन और भारत बंद के बीच विपक्ष ने अब राष्ट्रपति के पास जाकर गुहार लगाने का फैसला किया है। सीपीआई के नेता सीताराम येचुरी ने बताया कि कोवड-19 की वजह से केवल पांच नेताओं को राष्ट्रपति से मुलाकात की अनुमति दी गई है।किसानों से पहली बार गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को मुलाकात की। बुधवार को किसानों और सरकार के बीच 6 वें राउंड की बातचीत होनी है और इससे पहले ही कैबिनेट मीटिंग भी बुलाई गई है। माना जा रहा है कि किसान आंदोलन को लेकर कोई फैसला भी हो सकता है।
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