मुख्य चिकित्सा अधिकारी बिलासपुर डाॅ0 प्रकाश दरोच
ने बताया कि प्रधान मंत्री जन आरोग्य योजना भारत मंे लाभार्थियों के लिए
वरदान सिद्ध हुई हैं हालंाकि सभी पात्र व्यक्तियों ने अभी तक प्रधान
मंत्री जन आरोग्य योजना के कार्ड नहीं बनवाए हैं। भारत सरकार द्वारा चलाई
गई इस योजना के तहत लोगो ने इस योजना से स्वास्थ्य लाभ प्राप्त किया हैं।
जिला बिलासपुर में भी अभी तक लगभग कम पात्र लोगो ने ही कार्ड बनवाए हैं।
उन्होंने बिलासपुर के पात्र लोगो से जो इस योजना के अन्र्तगत आते हैं
अपील की है कि वे शीघ्र ही प्रधान मंत्री जन आरोग्य योजना का कार्ड
बनवाए।
उन्होंने बताया कि चयनित परिवारो को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का
निःशुल्क इलाज प्रदान किया जायेगा। यह सुविधा के तहत एक सदस्य या परिवार
के सभी सदस्य योजना का लाभ ले सकते हैं और एक परिवार के लिए एक वर्ष में
बीमा की राशि 5 लाख रुपये की होगी। उन्होंने बताया कि परिवार के सभी
सदस्य इस योजना के तहत शमिल होने के पात्र हैं। इसमे कोई आयु सीमा
निश्चित नहीं की गई हैं। इस स्कीम में लगभग 1800 उपचार प्रक्रियाएं कवर
की जा रही हैं जिसमें डे-केयर सर्जरीज भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि
अस्पताल में भर्ती होने पर कैशलेस सेवा प्रदान की जाएगी। उपरोक्त
स्वास्थ्य सुरक्षा केवल पंजीकृत हस्पताल में दाखिल होने की स्थिति में ही
मिलेगी।
उन्होंने बताया कि इस योजना के अन्र्तगत भारत सरकार द्वारा समामिजिक,
आर्थिक जाति जनगणना 2011 के आधार पर चयनित परिवारो को शामिल किया गया हैं
(डी 1 से डी 7 श्रेणीयों, डी 6 के इलावा)। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय
स्वास्थ्य बीमा योजना के लाभार्थियो को भी इस योजना में शामिल किया गया
हैं।
उन्होंने बताया कि इस योजना के अन्र्तगत हिमाचल प्रदेश में 175 अस्पताल
पंजीकृत हैं जिनमें 151 सरकारी और 24 निजी अस्पताल शामिल हैं। उन्होंने
बताया कि लाभार्थी इस योजना का लाभ पूरे देश में किसी भी पंजीकृत अस्पताल
में प्राप्त कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि अस्पताल में भर्ती होने के समय लाभार्थी अपनी पुष्टि
हेतू राशन कार्ड, आधार कार्ड, राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना कार्ड,
पंजीकृत मोबाइल नंबर को अपने साथ अस्पताल में लेकर जायें। उन्होंने बताया
कि अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति में सबसे पहले लाभार्थी की पहचान
एवं पंजीकरण भारत सरकार द्वारा बनाए गए सॉफ्टवेयर से किया जाएगा यह पता
चलेगा कि लाभार्थी पात्र हैं या नहीं। इसकी पुष्टि उस व्यक्ति के आधार
कार्ड ,राशन कार्ड, राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना कार्ड,पंजीकृत मोबाइल
नंबर इत्यादि के माध्यम से की जाएगी, लाभार्थी की पुष्टि के बाद उन्हे
ई-कार्ड प्रदान किया जायेगा, इसके बाद अस्पताल द्वारा पैकेज का चयन किया
जाऐगा और साथ ही कार्ड मे बची हुई राशि की जांच की जाएगी और फिर उन्हें
इलाज के लिए जरुरी सहायक दस्तावेज भी जमा करने होगे, यह प्रकिया पूरी हो
जाने के बाद उस मरीज को अस्पताल में ईलाज प्रदान किया जायेगा। उन्होंने
बताया कि छुट्टी के समय लाभार्थी को डिस्वार्ज समरी के दस्तावेज प्रधान
मंत्री जन आरोग्य मित्र को दिखाने आवश्यक होंगे ताकि क्लेम की प्रक्रिया
पूरी की जा सके।
.0.
मुख्यमंत्री का झूठे, उन पर मंत्री भी नहीं करते यकीन, ममता बनर्जी जैसी है सुक्खू…
मात्र साढ़े तीन वर्ष के कार्यकाल में वर्तमान प्रदेश सरकार ने अपनी सभी चुनावी गारंटियों…
मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया बयान पर…
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू से आज यहां हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति के…
आईजीएमसी में पायलट आधार पर मरीजों का डेटा डिजिटाइज करने के दिए निर्देश मुख्यमंत्री ठाकुर…
Auckland House School for Boys organised a vibrant and grand Carnival on Friday amidst great…