नई दिल्ली: पीएम मोदी हर साल की तरह इस साल भी दिवाली सेना के जवानों के साथ मना सकते है. पीएम मोदी इस बार राजस्थान के जैसलमेर बॉर्डर पर दीवाली मना सकते हैं. सीडीएस जनरल बिपिन रावत भी इस मौके पर उनके साथ रह सकते हैं.
बताते चलें कि प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र अपने प्रत्येक दिवाली सरहद पर डटे सैनिकों के साथ मनाते रहे हैं. इस बार भी उनका सैनिकों के साथ दिवाली मनाने का कार्यक्रम लगभग फाइनल हो चुका है. सूत्रों के मुताबिक इस बार वे सरहद पर बनी लोंगेवाला पोस्ट पर दिवाली मनाएंगे. इसके लिए सेना और एसपीजी की ओर से तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है.
सूत्रों के मुताबिक पीएम मोदी के इस जैसलमेर दौरे में उनके सीडीएस जनरल बिपिन रावत और आर्मी चीफ मनोज मुकुंद नरवणे भी शामिल रहेंगे. चूंकि पिछले 7 महीने से लद्दाख में भारत-चीन के बीच युद्ध जैसे हालात बने हुए हैं. ऐसे में पीएम मोदी का जैसलमेर पहुंचकर सैनिकों के साथ दिवाली मनाने से जवानों का उत्साह बढ़ाने वाला कदम साबित होगा.
बता दें कि लोंगेवाला पोस्ट वही जगह है, जहां पर भारत और पाकिस्तान की सेनाओं के बीच 1965 में भीषण युद्ध हुआ था. उस वक्त पोस्ट की सुरक्षा में तैनात पंजाब रेजिमेंट के 120 जवानों से हमले के लिए आ रहे पाकिस्तान के 3 हजार जवानों को मार भगाया था. इसी घटना पर बाद में सुपरहिट बॉर्डर फिल्म भी बनी.
सूत्रों के मुताबिक पीएम नरेंद्र मोदी का जैसलमेर दौरा काफी सोच-समझकर तय किया गया है. ऐसा करके पीएम मोदी विस्तारवादी चीन और आतंक परस्त पाकिस्तान को एक साथ सख्त संदेश देंगे कि भारत उनकी ओछी हरकतों से झुकने वाला नहीं है और वह हर तरीके से उन्हें जोरदार जवाब देगा.
बता दें कि पीएम मोदी इससे पहले जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड समेत अन्य जगहों पर जवानों के बीच जाकर दिवाली मना चुके हैं. ऐसे कार्यक्रमों के दौरान जवानों से मुलाकात कर उनका हौंसला बढ़ाते हैं. उनके साथ वक्त बिताते हैं और मिठाई खिलाते हैं. पीएम मोदी ने इससे पहले लेह में अचानक पहुंचकर हर किसी को चौंका दिया था. जिसके बाद से वहां तैनात जवानों का जोश हाई बना हुआ है.
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