Himachal News: 80th Independence Day: From the pride of freedom to the resolve for a developed India
देश आज आजादी की 80वीं वर्षगांठ पूरे उत्साह, गर्व और राष्ट्रभक्ति के साथ मना रहा है। इस ऐतिहासिक अवसर पर टट्काल समाचार के चीफ एडिटर एवं आयुष मल्टी–स्पेशियलिटी आयुर्वेद अस्पताल के संस्थापक श्री विजय कुमार सूद जी ने समस्त देशवासियों को 80वें स्वतंत्रता दिवस, 15 अगस्त 2026 की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।
श्री विजय कुमार सूद जी ने अपने संदेश में कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल राष्ट्रीय पर्व नहीं, बल्कि उन असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों, वीर सैनिकों, क्रांतिकारियों और देशभक्तों के त्याग, तपस्या और बलिदान को स्मरण करने का अवसर है, जिनके संघर्ष के कारण आज हम स्वतंत्र भारत में सांस ले रहे हैं। यह दिन हमें अपने महान राष्ट्र के प्रति कर्तव्यों और जिम्मेदारियों का भी स्मरण कराता है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 1947 में भारत ने राजनीतिक स्वतंत्रता प्राप्त की थी, लेकिन स्वतंत्रता की वास्तविक भावना तभी सार्थक होगी जब देश का प्रत्येक नागरिक सम्मान, समान अवसर, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सुरक्षा और विकास के साथ जीवन जी सके। आज आवश्यकता है कि हम स्वतंत्रता के अमृत को केवल उत्सव तक सीमित न रखें, बल्कि इसे राष्ट्र निर्माण की निरंतर प्रेरणा बनाएं।
भारत की स्वतंत्रता की यात्रा त्याग, संघर्ष और असाधारण साहस की गाथा है। महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, सरदार वल्लभभाई पटेल, बाल गंगाधर तिलक, लाला लाजपत राय, वीर सावरकर सहित असंख्य ज्ञात-अज्ञात स्वतंत्रता सेनानियों ने देश की आजादी के लिए अपना जीवन समर्पित किया।
श्री सूद जी ने कहा कि आजादी की कीमत को समझना और आने वाली पीढ़ियों तक स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरणा पहुंचाना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। हमें अपने बच्चों और युवाओं को केवल इतिहास पढ़ाना ही नहीं, बल्कि देश के प्रति जिम्मेदारी, अनुशासन, ईमानदारी और सेवा की भावना भी विकसित करनी होगी।
उन्होंने कहा कि आज का भारत विज्ञान, तकनीक, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, अंतरिक्ष, डिजिटल क्षेत्र, उद्यमिता और अनेक अन्य क्षेत्रों में निरंतर आगे बढ़ रहा है। यह उपलब्धियां तभी और मजबूत होंगी जब देश का प्रत्येक नागरिक अपनी भूमिका को समझकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देगा।
वर्ष 2026 के स्वतंत्रता दिवस समारोह को केंद्र सरकार ने ‘150 Years of Vande Mataram’ और ‘Yuva Shakti for Viksit Bharat@2047’ की भावना से जोड़ा है। लाल किले पर आयोजित राष्ट्रीय समारोह में युवाओं की ऊर्जा, आकांक्षाओं और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका को विशेष महत्व दिया गया है।
श्री विजय कुमार सूद जी ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी शक्ति उसकी युवा आबादी है। यदि युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल, रोजगार, नवाचार और सही दिशा मिले तो भारत आने वाले वर्षों में विश्व के अग्रणी देशों में अपनी भूमिका और मजबूत कर सकता है।
उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि देश के विकास में केवल सरकार की नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की भागीदारी आवश्यक है। युवा अपनी प्रतिभा, ज्ञान और ऊर्जा का उपयोग समाज और राष्ट्र के हित में करें तथा नशे, हिंसा, भेदभाव और नकारात्मकता से दूर रहकर सकारात्मक भारत के निर्माण में योगदान दें।
इस वर्ष के स्वतंत्रता दिवस समारोह का एक महत्वपूर्ण पहलू ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होना भी है। आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार 15 अगस्त 2026 को लाल किले के समारोह में पहली बार ‘वंदे मातरम्’ का गायन भी विशेष रूप से शामिल किया गया।
श्री सूद जी ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि मातृभूमि के प्रति सम्मान, प्रेम और समर्पण की भावना का प्रतीक है। भारत की विविध भाषाओं, संस्कृतियों, परंपराओं और विचारों के बावजूद राष्ट्र के प्रति प्रेम हम सभी को एक सूत्र में जोड़ता है।
श्री विजय कुमार सूद जी ने कहा कि भारत की शक्ति उसकी विविधता में एकता में निहित है। जाति, भाषा, क्षेत्र, धर्म और विभिन्न सामाजिक पहचान से ऊपर उठकर हमें भारतीय होने की भावना को सर्वोच्च स्थान देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि देश की एकता और अखंडता केवल सीमाओं की सुरक्षा से नहीं, बल्कि समाज में आपसी विश्वास, भाईचारे और सम्मान से भी मजबूत होती है। हमें ऐसा वातावरण बनाना होगा जहां हर नागरिक स्वयं को सुरक्षित, सम्मानित और राष्ट्र की विकास यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा महसूस करे।
श्री सूद जी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर स्वस्थ भारत के निर्माण को भी अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी विकसित राष्ट्र की वास्तविक ताकत उसके स्वस्थ नागरिक होते हैं।
उन्होंने लोगों से अपनी जीवनशैली में योग, आयुर्वेद, प्राकृतिक जीवनशैली, संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और मानसिक स्वास्थ्य को महत्व देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत की प्राचीन चिकित्सा एवं स्वास्थ्य परंपराएं आधुनिक जीवनशैली के साथ मिलकर स्वस्थ समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
श्री विजय कुमार सूद जी ने कहा कि स्वतंत्रता का अगला चरण आर्थिक, सामाजिक, तकनीकी और मानसिक रूप से आत्मनिर्भर भारत का निर्माण है। स्थानीय उत्पादों, भारतीय उद्यमियों, किसानों, कारीगरों, छोटे व्यवसायों और नवाचार को प्रोत्साहन देना राष्ट्र की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में सहायक होगा।
उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण केवल बड़े संस्थानों या सरकारों की जिम्मेदारी नहीं है। एक शिक्षक का ईमानदारी से पढ़ाना, चिकित्सक का समर्पण से सेवा करना, किसान का मेहनत करना, सैनिक का सीमा पर डटे रहना, युवा का कौशल हासिल करना और नागरिक का अपने कर्तव्यों का पालन करना—ये सभी राष्ट्र सेवा के ही रूप हैं।
उन्होंने देशवासियों से स्वतंत्रता दिवस पर यह संकल्प लेने का आह्वान किया कि हम अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखेंगे, पर्यावरण की रक्षा करेंगे, जल का संरक्षण करेंगे, महिलाओं और बच्चों का सम्मान करेंगे तथा समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों की सहायता के लिए आगे आएंगे।
उन्होंने कहा कि देशभक्ति केवल तिरंगा फहराने और राष्ट्रगान गाने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। देशभक्ति हमारे व्यवहार, कार्य और जिम्मेदारियों में दिखाई देनी चाहिए।
श्री सूद जी ने कहा कि स्वतंत्रता के 80वें वर्ष में भारत एक ऐसे महत्वपूर्ण दौर से गुजर रहा है जहां आने वाले वर्षों की दिशा आज के निर्णय तय करेंगे। विकसित भारत का लक्ष्य केवल आर्थिक विकास तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसमें स्वस्थ नागरिक, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, रोजगार, मजबूत अर्थव्यवस्था, आधुनिक तकनीक, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक न्याय और मजबूत राष्ट्रीय एकता भी शामिल होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 में स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होंगे। इसलिए आज की पीढ़ी पर विशेष जिम्मेदारी है कि वह आने वाली पीढ़ियों के लिए ऐसा भारत तैयार करे जिस पर प्रत्येक भारतीय गर्व कर सके।
उन्होंने अंत में सभी देशवासियों से आपसी भाईचारा, शांति, सद्भाव और राष्ट्रहित की भावना को मजबूत करने का आह्वान करते हुए कहा कि भारत की प्रगति में ही प्रत्येक भारतीय की प्रगति निहित है।विजय कुमार सूद जी ने दी समस्त देशवासियों को 15 अगस्त 2026 की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं
देश आज आजादी की 80वीं वर्षगांठ पूरे उत्साह, गर्व और राष्ट्रभक्ति के साथ मना रहा है। इस ऐतिहासिक अवसर पर टट्काल समाचार के चीफ एडिटर एवं आयुष मल्टी–स्पेशियलिटी आयुर्वेद अस्पताल के संस्थापक श्री विजय कुमार सूद जी ने समस्त देशवासियों को 80वें स्वतंत्रता दिवस, 15 अगस्त 2026 की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।
श्री विजय कुमार सूद जी ने अपने संदेश में कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल राष्ट्रीय पर्व नहीं, बल्कि उन असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों, वीर सैनिकों, क्रांतिकारियों और देशभक्तों के त्याग, तपस्या और बलिदान को स्मरण करने का अवसर है, जिनके संघर्ष के कारण आज हम स्वतंत्र भारत में सांस ले रहे हैं। यह दिन हमें अपने महान राष्ट्र के प्रति कर्तव्यों और जिम्मेदारियों का भी स्मरण कराता है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 1947 में भारत ने राजनीतिक स्वतंत्रता प्राप्त की थी, लेकिन स्वतंत्रता की वास्तविक भावना तभी सार्थक होगी जब देश का प्रत्येक नागरिक सम्मान, समान अवसर, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सुरक्षा और विकास के साथ जीवन जी सके। आज आवश्यकता है कि हम स्वतंत्रता के अमृत को केवल उत्सव तक सीमित न रखें, बल्कि इसे राष्ट्र निर्माण की निरंतर प्रेरणा बनाएं।
भारत की स्वतंत्रता की यात्रा त्याग, संघर्ष और असाधारण साहस की गाथा है। महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, सरदार वल्लभभाई पटेल, बाल गंगाधर तिलक, लाला लाजपत राय, वीर सावरकर सहित असंख्य ज्ञात-अज्ञात स्वतंत्रता सेनानियों ने देश की आजादी के लिए अपना जीवन समर्पित किया।
श्री सूद जी ने कहा कि आजादी की कीमत को समझना और आने वाली पीढ़ियों तक स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरणा पहुंचाना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। हमें अपने बच्चों और युवाओं को केवल इतिहास पढ़ाना ही नहीं, बल्कि देश के प्रति जिम्मेदारी, अनुशासन, ईमानदारी और सेवा की भावना भी विकसित करनी होगी।
उन्होंने कहा कि आज का भारत विज्ञान, तकनीक, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, अंतरिक्ष, डिजिटल क्षेत्र, उद्यमिता और अनेक अन्य क्षेत्रों में निरंतर आगे बढ़ रहा है। यह उपलब्धियां तभी और मजबूत होंगी जब देश का प्रत्येक नागरिक अपनी भूमिका को समझकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देगा।
वर्ष 2026 के स्वतंत्रता दिवस समारोह को केंद्र सरकार ने ‘150 Years of Vande Mataram’ और ‘Yuva Shakti for Viksit Bharat@2047’ की भावना से जोड़ा है। लाल किले पर आयोजित राष्ट्रीय समारोह में युवाओं की ऊर्जा, आकांक्षाओं और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका को विशेष महत्व दिया गया है।
श्री विजय कुमार सूद जी ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी शक्ति उसकी युवा आबादी है। यदि युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल, रोजगार, नवाचार और सही दिशा मिले तो भारत आने वाले वर्षों में विश्व के अग्रणी देशों में अपनी भूमिका और मजबूत कर सकता है।
उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि देश के विकास में केवल सरकार की नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की भागीदारी आवश्यक है। युवा अपनी प्रतिभा, ज्ञान और ऊर्जा का उपयोग समाज और राष्ट्र के हित में करें तथा नशे, हिंसा, भेदभाव और नकारात्मकता से दूर रहकर सकारात्मक भारत के निर्माण में योगदान दें।
इस वर्ष के स्वतंत्रता दिवस समारोह का एक महत्वपूर्ण पहलू ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होना भी है। आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार 15 अगस्त 2026 को लाल किले के समारोह में पहली बार ‘वंदे मातरम्’ का गायन भी विशेष रूप से शामिल किया गया।
श्री सूद जी ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि मातृभूमि के प्रति सम्मान, प्रेम और समर्पण की भावना का प्रतीक है। भारत की विविध भाषाओं, संस्कृतियों, परंपराओं और विचारों के बावजूद राष्ट्र के प्रति प्रेम हम सभी को एक सूत्र में जोड़ता है।
श्री विजय कुमार सूद जी ने कहा कि भारत की शक्ति उसकी विविधता में एकता में निहित है। जाति, भाषा, क्षेत्र, धर्म और विभिन्न सामाजिक पहचान से ऊपर उठकर हमें भारतीय होने की भावना को सर्वोच्च स्थान देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि देश की एकता और अखंडता केवल सीमाओं की सुरक्षा से नहीं, बल्कि समाज में आपसी विश्वास, भाईचारे और सम्मान से भी मजबूत होती है। हमें ऐसा वातावरण बनाना होगा जहां हर नागरिक स्वयं को सुरक्षित, सम्मानित और राष्ट्र की विकास यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा महसूस करे।
श्री सूद जी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर स्वस्थ भारत के निर्माण को भी अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी विकसित राष्ट्र की वास्तविक ताकत उसके स्वस्थ नागरिक होते हैं।
उन्होंने लोगों से अपनी जीवनशैली में योग, आयुर्वेद, प्राकृतिक जीवनशैली, संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और मानसिक स्वास्थ्य को महत्व देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत की प्राचीन चिकित्सा एवं स्वास्थ्य परंपराएं आधुनिक जीवनशैली के साथ मिलकर स्वस्थ समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
श्री विजय कुमार सूद जी ने कहा कि स्वतंत्रता का अगला चरण आर्थिक, सामाजिक, तकनीकी और मानसिक रूप से आत्मनिर्भर भारत का निर्माण है। स्थानीय उत्पादों, भारतीय उद्यमियों, किसानों, कारीगरों, छोटे व्यवसायों और नवाचार को प्रोत्साहन देना राष्ट्र की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में सहायक होगा।
उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण केवल बड़े संस्थानों या सरकारों की जिम्मेदारी नहीं है। एक शिक्षक का ईमानदारी से पढ़ाना, चिकित्सक का समर्पण से सेवा करना, किसान का मेहनत करना, सैनिक का सीमा पर डटे रहना, युवा का कौशल हासिल करना और नागरिक का अपने कर्तव्यों का पालन करना—ये सभी राष्ट्र सेवा के ही रूप हैं।
उन्होंने देशवासियों से स्वतंत्रता दिवस पर यह संकल्प लेने का आह्वान किया कि हम अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखेंगे, पर्यावरण की रक्षा करेंगे, जल का संरक्षण करेंगे, महिलाओं और बच्चों का सम्मान करेंगे तथा समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों की सहायता के लिए आगे आएंगे।
उन्होंने कहा कि देशभक्ति केवल तिरंगा फहराने और राष्ट्रगान गाने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। देशभक्ति हमारे व्यवहार, कार्य और जिम्मेदारियों में दिखाई देनी चाहिए।
श्री सूद जी ने कहा कि स्वतंत्रता के 80वें वर्ष में भारत एक ऐसे महत्वपूर्ण दौर से गुजर रहा है जहां आने वाले वर्षों की दिशा आज के निर्णय तय करेंगे। विकसित भारत का लक्ष्य केवल आर्थिक विकास तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसमें स्वस्थ नागरिक, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, रोजगार, मजबूत अर्थव्यवस्था, आधुनिक तकनीक, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक न्याय और मजबूत राष्ट्रीय एकता भी शामिल होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 में स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होंगे। इसलिए आज की पीढ़ी पर विशेष जिम्मेदारी है कि वह आने वाली पीढ़ियों के लिए ऐसा भारत तैयार करे जिस पर प्रत्येक भारतीय गर्व कर सके।
उन्होंने अंत में सभी देशवासियों से आपसी भाईचारा, शांति, सद्भाव और राष्ट्रहित की भावना को मजबूत करने का आह्वान करते हुए कहा कि भारत की प्रगति में ही प्रत्येक भारतीय की प्रगति निहित है।विजय कुमार सूद जी ने दी समस्त देशवासियों को 15 अगस्त 2026 की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं
देश आज आजादी की 80वीं वर्षगांठ पूरे उत्साह, गर्व और राष्ट्रभक्ति के साथ मना रहा है। इस ऐतिहासिक अवसर पर टट्काल समाचार के चीफ एडिटर एवं आयुष मल्टी–स्पेशियलिटी आयुर्वेद अस्पताल के संस्थापक श्री विजय कुमार सूद जी ने समस्त देशवासियों को 80वें स्वतंत्रता दिवस, 15 अगस्त 2026 की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।
श्री विजय कुमार सूद जी ने अपने संदेश में कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल राष्ट्रीय पर्व नहीं, बल्कि उन असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों, वीर सैनिकों, क्रांतिकारियों और देशभक्तों के त्याग, तपस्या और बलिदान को स्मरण करने का अवसर है, जिनके संघर्ष के कारण आज हम स्वतंत्र भारत में सांस ले रहे हैं। यह दिन हमें अपने महान राष्ट्र के प्रति कर्तव्यों और जिम्मेदारियों का भी स्मरण कराता है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 1947 में भारत ने राजनीतिक स्वतंत्रता प्राप्त की थी, लेकिन स्वतंत्रता की वास्तविक भावना तभी सार्थक होगी जब देश का प्रत्येक नागरिक सम्मान, समान अवसर, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सुरक्षा और विकास के साथ जीवन जी सके। आज आवश्यकता है कि हम स्वतंत्रता के अमृत को केवल उत्सव तक सीमित न रखें, बल्कि इसे राष्ट्र निर्माण की निरंतर प्रेरणा बनाएं।
भारत की स्वतंत्रता की यात्रा त्याग, संघर्ष और असाधारण साहस की गाथा है। महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, सरदार वल्लभभाई पटेल, बाल गंगाधर तिलक, लाला लाजपत राय, वीर सावरकर सहित असंख्य ज्ञात-अज्ञात स्वतंत्रता सेनानियों ने देश की आजादी के लिए अपना जीवन समर्पित किया।
श्री सूद जी ने कहा कि आजादी की कीमत को समझना और आने वाली पीढ़ियों तक स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरणा पहुंचाना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। हमें अपने बच्चों और युवाओं को केवल इतिहास पढ़ाना ही नहीं, बल्कि देश के प्रति जिम्मेदारी, अनुशासन, ईमानदारी और सेवा की भावना भी विकसित करनी होगी।
उन्होंने कहा कि आज का भारत विज्ञान, तकनीक, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, अंतरिक्ष, डिजिटल क्षेत्र, उद्यमिता और अनेक अन्य क्षेत्रों में निरंतर आगे बढ़ रहा है। यह उपलब्धियां तभी और मजबूत होंगी जब देश का प्रत्येक नागरिक अपनी भूमिका को समझकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देगा।
वर्ष 2026 के स्वतंत्रता दिवस समारोह को केंद्र सरकार ने ‘150 Years of Vande Mataram’ और ‘Yuva Shakti for Viksit Bharat@2047’ की भावना से जोड़ा है। लाल किले पर आयोजित राष्ट्रीय समारोह में युवाओं की ऊर्जा, आकांक्षाओं और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका को विशेष महत्व दिया गया है।
श्री विजय कुमार सूद जी ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी शक्ति उसकी युवा आबादी है। यदि युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल, रोजगार, नवाचार और सही दिशा मिले तो भारत आने वाले वर्षों में विश्व के अग्रणी देशों में अपनी भूमिका और मजबूत कर सकता है।
उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि देश के विकास में केवल सरकार की नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की भागीदारी आवश्यक है। युवा अपनी प्रतिभा, ज्ञान और ऊर्जा का उपयोग समाज और राष्ट्र के हित में करें तथा नशे, हिंसा, भेदभाव और नकारात्मकता से दूर रहकर सकारात्मक भारत के निर्माण में योगदान दें।
इस वर्ष के स्वतंत्रता दिवस समारोह का एक महत्वपूर्ण पहलू ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होना भी है। आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार 15 अगस्त 2026 को लाल किले के समारोह में पहली बार ‘वंदे मातरम्’ का गायन भी विशेष रूप से शामिल किया गया।
श्री सूद जी ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि मातृभूमि के प्रति सम्मान, प्रेम और समर्पण की भावना का प्रतीक है। भारत की विविध भाषाओं, संस्कृतियों, परंपराओं और विचारों के बावजूद राष्ट्र के प्रति प्रेम हम सभी को एक सूत्र में जोड़ता है।
श्री विजय कुमार सूद जी ने कहा कि भारत की शक्ति उसकी विविधता में एकता में निहित है। जाति, भाषा, क्षेत्र, धर्म और विभिन्न सामाजिक पहचान से ऊपर उठकर हमें भारतीय होने की भावना को सर्वोच्च स्थान देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि देश की एकता और अखंडता केवल सीमाओं की सुरक्षा से नहीं, बल्कि समाज में आपसी विश्वास, भाईचारे और सम्मान से भी मजबूत होती है। हमें ऐसा वातावरण बनाना होगा जहां हर नागरिक स्वयं को सुरक्षित, सम्मानित और राष्ट्र की विकास यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा महसूस करे।
श्री सूद जी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर स्वस्थ भारत के निर्माण को भी अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी विकसित राष्ट्र की वास्तविक ताकत उसके स्वस्थ नागरिक होते हैं।
उन्होंने लोगों से अपनी जीवनशैली में योग, आयुर्वेद, प्राकृतिक जीवनशैली, संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और मानसिक स्वास्थ्य को महत्व देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत की प्राचीन चिकित्सा एवं स्वास्थ्य परंपराएं आधुनिक जीवनशैली के साथ मिलकर स्वस्थ समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
श्री विजय कुमार सूद जी ने कहा कि स्वतंत्रता का अगला चरण आर्थिक, सामाजिक, तकनीकी और मानसिक रूप से आत्मनिर्भर भारत का निर्माण है। स्थानीय उत्पादों, भारतीय उद्यमियों, किसानों, कारीगरों, छोटे व्यवसायों और नवाचार को प्रोत्साहन देना राष्ट्र की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में सहायक होगा।
उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण केवल बड़े संस्थानों या सरकारों की जिम्मेदारी नहीं है। एक शिक्षक का ईमानदारी से पढ़ाना, चिकित्सक का समर्पण से सेवा करना, किसान का मेहनत करना, सैनिक का सीमा पर डटे रहना, युवा का कौशल हासिल करना और नागरिक का अपने कर्तव्यों का पालन करना—ये सभी राष्ट्र सेवा के ही रूप हैं।
उन्होंने देशवासियों से स्वतंत्रता दिवस पर यह संकल्प लेने का आह्वान किया कि हम अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखेंगे, पर्यावरण की रक्षा करेंगे, जल का संरक्षण करेंगे, महिलाओं और बच्चों का सम्मान करेंगे तथा समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों की सहायता के लिए आगे आएंगे।
उन्होंने कहा कि देशभक्ति केवल तिरंगा फहराने और राष्ट्रगान गाने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। देशभक्ति हमारे व्यवहार, कार्य और जिम्मेदारियों में दिखाई देनी चाहिए।
श्री सूद जी ने कहा कि स्वतंत्रता के 80वें वर्ष में भारत एक ऐसे महत्वपूर्ण दौर से गुजर रहा है जहां आने वाले वर्षों की दिशा आज के निर्णय तय करेंगे। विकसित भारत का लक्ष्य केवल आर्थिक विकास तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसमें स्वस्थ नागरिक, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, रोजगार, मजबूत अर्थव्यवस्था, आधुनिक तकनीक, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक न्याय और मजबूत राष्ट्रीय एकता भी शामिल होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 में स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होंगे। इसलिए आज की पीढ़ी पर विशेष जिम्मेदारी है कि वह आने वाली पीढ़ियों के लिए ऐसा भारत तैयार करे जिस पर प्रत्येक भारतीय गर्व कर सके।
उन्होंने अंत में सभी देशवासियों से आपसी भाईचारा, शांति, सद्भाव और राष्ट्रहित की भावना को मजबूत करने का आह्वान करते हुए कहा कि भारत की प्रगति में ही प्रत्येक भारतीय की प्रगति निहित है।
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