State Government committed to ensure protection of interests of outsourced employees: Mahendra Singh Thakur
आउटसोर्स आधार पर सेवाएं प्रदान कर रहे कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न मामलों के निवारण के लिए गठित मंत्री परिषद की उप-समिति की बैठक आज यहां उप-समिति के अध्यक्ष एवं जल शक्ति, राजस्व, बागवानी व सैनिक कल्याण मंत्री महेन्द्र सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित की गई, जिसमें सभी विभागाध्यक्षों ने भाग लिया। बैठक में उप-समिति के सदस्य एवं ऊर्जा मंत्री सुख राम चैधरी भी उपस्थित थे।
महेन्द्र सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न विभागों, निगमों और बोर्डों में हजारों युवा आउटसोर्स आधार पर अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। विभिन्न एजेंसियों के माध्यम से इन युवाओं की सेवाएं ली जा रही हैं। प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के दूरदर्शी नेतृत्व में आउटसोर्स कर्मियों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और इन्हें किसी भी प्रकार के शोषण से बचाने के लिए मंत्री परिषद की इस उप-समिति का गठन किया है। उप-समिति ने इन एजेंसियों के साथ सम्पर्क स्थापित करते हुए उनसे विभिन्न बिन्दुओं पर आउटसोर्स कर्मचारियों के बारे में जानकारी मांगी है। इसी कड़ी में आज सभी विभागाध्यक्षों के साथ भी विभिन्न पहलुओं पर चर्चा के लिए यह बैठक आयोजित की गई है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के पास इन कर्मचारियों केे साथ विभिन्न स्तरों पर हो रहे शोषण से संबंधित कुछ शिकायतें प्राप्त हुई हैं। विधायिका व कार्यपालिका को इन शिकायतों के त्वरित व स्थायी हल के लिए समन्वित प्रयास करने होंगे। इसी उद्देश्य से मुख्यमंत्री के निर्देशों पर यह उप-समिति अपना कार्य कर रही है। समिति का प्रयास है कि सभी विभागों से प्राप्त सुझावों की गहन विवेचना करने के उपरान्त अपनी रिपोर्ट को इसी बजट सत्र में अन्तिम स्वरूप तक पहुंचाया जाए ताकि प्रदेश सरकार इस पर आगामी उचित निर्णय ले सके। उन्होंने सभी विभागों को वांछित सूचना 3 फरवरी, 2022 से पूर्व उप-समिति को प्रेषित करने के निर्देश भी दिए।
महेन्द्र सिंह ठाकुर ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए कि आउटसोर्स कर्मियों को देय सभी भुगतान समय पर सुनिश्चित करें। उन्होंने प्रत्येक आउटसोर्स कर्मी के पास ईपीएफ कार्ड की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी बल दिया। उनके भविष्य निधि खातों तथा उन्हें प्रदान की जा रही अन्य सुविधाओं के बारे में जागरूक करने के लिए विशेष शिविर आयोजित करने के भी निर्देश दिए। इसके लिए विभिन्न विभागों को आपसी समन्वय से ऐसे शिविर आयोजित करने को भी कहा।
उन्होंने विभागाध्यक्षों कोे यह भी निर्देश दिए कि वे आउटसोर्स एजेंसियों द्वारा जीएसटी, ईपीएफ, ईएसआईसी के समयबद्ध भुगतान से संबंधित ब्यौरे की निगरानी के लिए एक तंत्र विकसित करें। विभागाध्यक्ष अपने विभागों के माध्यम से चयनित एजेंसियों के साथ बैठक कर इसका पुर्न-मिलान भी करें। इसके अतिरिक्त, उन्होंने जीएसटी, ईपीएफ, ईएसआईसी अंशदान के समयबद्ध भुगतान की निगरानी के लिए एक समरूप प्रणाली विकसित करने के लिए सभी विभागों से सुझाव भी आमंत्रित किए। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों, निगमों व बोर्डों में कर्मचारियों की सेवाएं उपलब्ध करवा रही एजेंसियों के सर्विस चार्ज में भी समरूपता लाई जानी चाहिए।
ऊर्जा मंत्री सुख राम चैधरी ने भी बैठक में अपने बहुमूल्य सुझाव दिए।
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