किम यो-जोंग पिछले कुछ वर्षों में उत्तर कोरिया की रहस्यमयी सत्ता में एक प्रमुख नेता बनकर उभरी हैं.
वो उत्तर कोरियाई शासक किम जोंग-उन की छोटी बहन हैं. किम यो-जोंग अपने भाई-बहनों में अकेली हैं जिन्हें किम जोंग-उन के करीबी और ताकतवर सहयोगी माना जाता है.
किम यो-जोंग साल 2018 में पहली बार अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में तब आईं जब वो दक्षिण कोरिया जाने वाली किम वंश की पहली सदस्य बनीं. शीत ओलंपिक के दौरान वो एक शिष्टमंडल के साथ दक्षिण कोरिया गई थी. दक्षिण और उत्तर कोरिया ने एक संयुक्त टीम के रूप में शीत ओलंपिक में हिस्सा लिया था.
साल 2018 में उन्हें अपने भाई और उत्तर कोरियाई शासक किम जोंग-उन के साथ मिलकर कूटनीतिक रणनीतियां तय करते भी देखा गया. उस साल किम जोंग-उन ने दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति मून जे-इन, चीनी राष्ट्रपति शी ज़िनपिंग और अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की थी. इन मुलाकातों ने किम यो-जोंग के लिए अंतरराष्ट्रीय कूटनीति का रास्ता खोला था.
इस साल अप्रैल में किम यो-जोंग एक बार फिर अपने भाई की करीबी सहयोगी और वरिष्ठ राजनीतिक भूमिका में नज़र आईं. अप्रैल में किम जोंग-उन अचानक ही कुछ हफ़्तों के लिए सार्वजनिक जीवन से दूर हो गए थे. इस दौरान उनके ‘ग़ायब’ होने की अटकलें लगाई जाने लगीं क्योंकि वो किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में नज़र नहीं आ रहे थे.
तीन दिवसीय 27वीं राज्य स्तरीय बहुतकनीकी एथलेटिक्स एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिता वीरवार को यहां राजकीय बहुतकनीकी…
नगर एवं ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने…
उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने नगर निगम हमीरपुर के लिए प्रस्तावित बड़ी विकासात्मक परियोजनाओं से संबंधित…
जिला स्तरीय नार्को समन्वय समिति (NCORD) की बैठक अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी मंडी डॉ मदन कुमार…
हिमाचल दिवस पर जिला स्तरीय समारोह 15 अप्रैल, 2026 को मंडी के ऐतिहासिक सेरी मंच पर हर्षोल्लास के साथ…
उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने परिवार सहित सोमवार को मैक्लोड़गंज में तिब्बती गुरू दलाई…