मंडी : पीजीडीसीए और डीसीए कोर्सेस के लिए आवेदन आमंत्रित.

हिमाचल प्रदेश के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अनुसूचित जाति, अनुसचित जनजाति, अल्पसंख्यक एवं विशेष रूप से सक्षम का सशक्तिकरण निदेशालय ने वर्ष 2021-22 के लिए ‘‘कम्यूटर एप्लीकेशन व समवर्गी क्रिया-कलापों में प्रशिक्षण एवं दक्षता’’ योजना के तहत पात्र उम्मीदवारों से आवेदन मांगे हैं।जिला कल्याण अधिकारी मंडी आर.सी. बंसल ने बताया कि निदेशालय ने योजना के तहत एक-एक वर्ष की अवधि के पीजीडीसीए और डीसीए कोर्सेस के लिए पात्र उम्मीदवारों के आवेदन आमंत्रित किए हैं। इच्छुक उम्मीदवार अपने आवेदन पत्र जिला कल्याण अधिकारी मंडी कार्यालय या तहसील कल्याण अधिकारी कार्यालयों में 22 अगस्त तक प्रस्तुत कर सकते हैं।
योजना के अन्तर्गत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जाति, जनजाति अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, विधवा, एकल नारी व विशेष रूप से सक्षम श्रेणी से सम्बन्धित उम्मीदवारों के लिए दो कोर्स चलाए जा रहे हैं। इन कोर्सों के लिए उम्मीदवारों की आयु 18 से 35 वर्ष के मध्य होनी चाहिए और वे गरीबी रेखा से नीचे रह रहे चयनित परिवारों के सदस्य हों अथवा उनके परिवार की वार्षिक आय 2 लाख रुपए से कम होनी चाहिए।


आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को 10वीं, 12वीं तथा स्नातक कक्षा के प्रमाण-पत्र, जाति प्रमाण पत्र, सम्बन्धित पंचायत सचिव से जारी बीपीएल प्रमाण-पत्र जो छः माह के भीतर जारी किया हो, जो बीपीएल परिवार में चयनित नहीं है, वे तहसीलदार/नायब तहसीलदार द्वारा जारी आय प्रमाण पत्र व हिमाचली प्रमाण-पत्र की सत्यापित छायाप्रतियां अपेक्षित दस्तावेजों सहित प्रस्तुत करने होंगे। अधिक जानकारी के लिए जिला कल्याण अधिकारी कार्यालय के दूरभाष नंबर 1905-222196 अथवा नजदीकी तहसील कल्याण अधिकारी कार्यालयों में सम्पर्क किया जा सकता है।


आर.सी. बंसल ने बताया कि पीजीडीसीए के प्रशिक्षण की अवधि एक वर्ष रहेगी, जिसके लिए न्यूनतम योग्यता स्नातक रखी गई है तथा डीसीए के प्रशिक्षण की अवधि एक वर्ष रहेगी, जिसके लिए उनकी न्यूनतम योग्यता 12वीं रखी गई है। प्रशिक्षण राष्ट्रीय ईलेक्ट्रॉनिक्स व सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (नाईलेट) अथवा सेन्टर फॉर डवेल्पमेंट ऑफ एडवांसड कम्प्यूटिंग (सी-डैक) संस्थान से कराया जाएगा।
ये कोर्स पहली सितम्बर से शुरू होंगे। प्रशिक्षण कार्यक्रम जिला मुख्यालय स्तर पर आयोजित किए जाएंगे। चयनित उम्मीदवार को प्रशिक्षण के पूर्व एक बॉंड भरना होगा कि वह प्रशिक्षण को बीच में नहीं छोडे़गा और कोर्स पूरा करने पर वार्षिक परीक्षा में भाग लेगा । प्रशिक्षण को बीच में छोड़ने पर कार्यक्रम पर हुए खर्च एवं छात्रवृति की राशि विभाग को लौटानी होगी। प्रशिक्षण के दौरान अभ्यर्थी को अपने रहन-सहन एवं भोजन इत्यादि की व्यवस्था स्वयं करनी होगी। प्रशिक्षण अवधि के दौरान अभ्यर्थी को 1 हजार रुपये प्रतिमाह तथा विशेष रूप से सक्षम उम्मीदवार को 1200 रूपए छात्रवृति दी जाएगी, इसके लिए उसे प्रत्येक माह मासिक टेस्ट में 50 प्रतिशत अंक हासिल करने आवश्यक हैं और उसकी मासिक उपस्थित 85 प्रतिशत होनी चाहिए।


इसके अतिरिक्त उत्तीर्ण प्रशिक्षणार्थी को प्रशिक्षण समाप्ति एवं परिणाम के पश्चात् एक वर्ष के भीतर छः माह के लिए सरकारी, गैर सरकारी संस्थाओं, कार्यालयों में कार्य करके कम्प्यूटर एप्लीकेशन में प्रवीणता हासिल करनी होगी, जिसके लिए उसे प्रातः 10 बजे से सायं 5 बजे तक सरकरी कार्यालय में उपस्थिति देनी होगी। इस अवधि के दौरान उसे प्रतिमाह 1500 रुपये छात्रवृति के रूप में दी जाएगी तथा विशेष रूप से सक्षम प्रशिक्षणार्थी को 1800 रूपये प्रतिमाह दिए जाएंगे

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