Treding News

Mandi News: धार्मिक आस्था, विश्वास और पर्यटन गतिविधियों का केंद्र बनकर उभरा तत्तापानी

मंडी जिला के करसोग क्षेत्र में स्थित तत्तापानी तेजी से नए पर्यटन गंतव्य के रूप में उभर रहा है। अपने गर्म पानी के चश्मों के लिए मशहूर यह ऐतिहासिक नगर कोल डैम में रोमांचक वॉटर स्पोर्ट्स गतिविधियों के लिए भी अब विख्यात हो रहा है।

प्रदेश की राजधानी शिमला से महज 55 किमी दूर तत्तापानी आस्था, विश्वास और साहसिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। अपने मनोरम प्राकृतिक दृश्यों और गहरी आध्यात्मिक जड़ों के कारण यह क्षेत्र हर तरह के सैलानियों को आकर्षित करता है। कोलडैम परियोजना के कारण तत्तापानी में बनी झील में कई जलक्रीड़ा गतिविधियां शुरू की गई हैं। यहां आने वाले पर्यटकों के लिए पानी में अठखेलियां करती मोटर बोट से लेकर जेट स्की और हॉट एयर बैलून जैसी क्रीड़ाएं करवाई जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा तत्तापानी क्षेत्र को एक नए पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने की कवायद शुरू की गई है। इसके अन्तर्गत कोलडैम प्रबंधन के साथ हाल ही में बैठक कर राज्य सरकार ने धार्मिक आस्था और विश्वास की इस धरती पर स्थित गर्म पानी के प्राकृतिक चश्मों को पुनर्जीवित करने की पहल की है। साथ ही पहले से मौजूद कुंडों की हालत सुधारने तथा उनमें गर्म पानी उचित मात्रा में उपलब्ध करवाने के भी प्रयास किए जा रहे हैं। इन कार्यों के दृष्टिगत कोलडैम प्रबंधन को विस्तृत डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि इस स्थान को विकसित कर, यहां के धार्मिक महत्व और प्राकृतिक सौंदर्य को बरकरार रखा जा सके।

सतलुज नदी के किनारे स्थित तत्तापानी अपने प्राकृतिक गर्म पानी के चश्मों के लिए विश्व प्रसिद्ध है। यहां का गंधकयुक्त गर्म पानी औषधीय गुणों से भरभूर है। मान्यता है कि यहां स्नान करने से चर्म रोग और जोड़ों के दर्द ठीक हो जाते हैं। इसके अतिरिक्त, यहां का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व भी है। मान्यता है कि यहां स्नान करने से कुंभ स्नान के बराबर पुण्य मिलता है। हर वर्ष मकर संक्रांति पर, गर्म पानी के कुंडों में हजारों लोग आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य के भागी बनते हैं। सूर्य देव के उत्तरायण होने पर यहां मकर संक्रांति उत्सव मनाया जाता है, जिसमें हजारों लोग शामिल होते हैं। गर्म पानी के चश्मों में स्नान कर तुलादान करने की परंपरा भी रही है। लोग श्रद्धानुसार अन्न, वस्त्र आदि दान करते हैं। मान्यता अनुसार इससे ग्रह दोष शांत होते हैं और व्यक्ति को सुख-समृद्धि व मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस क्षेत्र का ऐतिहासिक महत्व भी है, क्योंकि यह सप्तऋषियों में से एक ऋषि जमदग्नि की तपोस्थली मानी गई है।

तत्तापानी वाटर स्पोर्ट्स एसोसिएशन के सचिव प्रेम रैना का कहना है कि यह स्थान धार्मिक आस्था, विश्वास और पर्यटन गतिविधियों का केंद्र बन कर उभरा है। ऋषि जमदग्नि की तपोभूमि होने, यहां का धार्मिक महत्व, औषधीय गुणों से भरपूर गर्म पानी के कुंड और झील में आयोजित होने वाली जलक्रीड़ा गतिविधियां पर्यटकों को आकर्षित करती हैं।

Vivek Sood

Recent Posts

Dussehra 2026: जानिए भगवान श्रीराम की विजय की कथा, रावण के पतन का कारण और जीवन बदलने वाली 15 प्रेरणाएँ

केवल रावण का पुतला जलाना ही दशहरा नहीं, बल्कि अपने भीतर छिपे अहंकार, क्रोध, लोभ…

23 hours ago

Hamirpur News : विधायक कमलेश ठाकुर ने एचपीकेवीएन के प्रशिक्षुओं को दी स्टाइपेंड राशि और प्रमाण पत्र

देहरा की विधायक कमलेश ठाकुर ने सोमवार को यहां सेरा के विश्राम गृह में हिमाचल…

1 week ago

Hamirpur News: हिमाचल के खिलाड़ियों को नादौन में मिलेंगी वर्ल्ड क्लास सुविधाएं

ख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा बिट्टू ने रविवार को यहां अणु में छात्राओं की…

1 week ago

Una News : शीतला माता मंदिर इसपुर में उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने प्रज्ज्वलित की प्रथम ज्योति

Click to teach Gmail that this conversation is important 11 अक्तूबर. उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री…

1 week ago

Mandi News : नेरचौक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार, मरीजों को मिल रही बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं

प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के आधुनिकीकरण की दिशा में कई ठोस कदम उठा रही है।…

2 weeks ago

Una News: माता श्री चिंतपूर्णी महोत्सव को लेकर बैठक आयोजित, 22 से 24 नवम्बर तक होगा भव्य आयोजन

धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित होने वाले माता श्री…

2 weeks ago