कुल्लू: शहर में कचरे की समस्या से निपटने के लिये महामंथन देवसदन में डीसी ने कहा

कुल्लू शहर में कचरे की समस्या से निपटने के लिये महामंथन देवसदन में
डीसी ने कहा, नदी-नालों व शहर के वैभव को बचाने के लिये लेने होंगे कड़े फैसले
शहर की स्वच्छता पर सालाना खर्च कर रहे हैं 1.60 करोड़

कुल्लू 04 मार्च। जिला की नगर निकायों में ठोस व तरल कचरा अवशिष्ट का वैज्ञानिक ढंग से निष्पादन किया जाना चाहिए। जिला के नदी-नालों व शहरों के वैभव को बचाने के लिये नगर निकायों को कड़े फैसले लेने की समय की मांग है। यह बात उपायुक्त आशुतोष गर्ग ने शुक्रवार को देवसदन में नगर परिषद कुल्लू द्वारा कचरा अवशिष्ट की समस्या से निपटने के लिये आयोजित कार्यशाला को संबोधित करते हुए कही।

आशुतोष गर्ग ने कहा कि कूड़े-कचरे का प्रबंधन प्राथमिक स्तर से इसके डिस्पोजल तक एक व्यवथित ढंग से किया जाना चाहिए। सभी नागरिक घर से ही ठोस व तरल कचरे को अलग-अलग लिफाफों में उपयुक्त छंटाई के उपरांत ही नगर परिषद के कर्मी को देने की आदत को विकसित करें। कचरा एकत्र करने वाले कर्मी अपने साथ दो कंटेनर अथवा थैले रखें और अलग-अलग कचरा प्राप्त करें। शहरों में सड़कों के किनारे अस्थाई डम्पिग पर कड़ा संज्ञान लेते हुए उपायुक्त ने नगर परिषद को कहा कि इस प्रकार की डम्पिग को तुरंत से बंद करके इन स्थलों पर पार्क अथवा बैंच स्थापित किये जाएं। कचरा घरों से प्राप्त करने के बाद सीधे वाहन में डाला जाना चाहिए। इसके लिये छोटे वाहन विभिन्न स्थानों पर उपलब्ध होने चाहिए।

उपायुक्त ने कहा कि स्वच्छता अभियान को मूर्तरूप देने के लिये नगर निकायों को कुछ कड़े फैसले लेने होंगे। जिस मकान से कचरा उठाने के पैसे लेने में दिक्कत आती है, उस वार्ड में ऐसे लोगों की सूची को प्रदर्शित किया जाना चाहिए। सड़कों अथवा नदी-नालों में कूड़ा फैंकने वालों के चालान करने की व्यवस्था बनाई जानी चाहिए। नगर परिषद एक रात्रि स्क्वाड भी तैनात करे जो नियमों की उल्लंघना करने वालों की निगरानी करके उनके चालान कर सके। उपायुक्त ने कहा कि कुल्लू शहर को स्वच्छता में देश के प्रथम 100 शहरों में लाने तथा प्रदेश का आदर्श शहर बनाने के लिये पार्षदों को अपने-अपने वार्ड को स्मार्ट वार्ड बनाने के लिये कार्य करना होगा। उन्होंने आम नागरिकों से आग्रह किया कि कचरा एकत्र करने वालों का सहयोग करें। छंटाई के बाद घर का कचरा इन्हें सौंपे। हर महीने कचरे का शुल्क बिना विलंब के दें।

उन्होंने कहा कि मनाली के रांगड़ी संयंत्र में कचरे का प्रबंधन किया जा रहा है। इसमें जिला के सभी भागों का कचरा भेजा जा रहा है। इसके बावजूद यदि कोई ब्यास में कचरा डालता है, तो उसके विरूद्ध कड़ी कारवाई की जाएगी।

आशुतोष गर्ग ने नगर परिषद को कचरे के निष्पादन को लेकर एक व्यापक जागरूकता अभियान चलाने को कहा। उन्होंने कहा कि अभियान स्कूली स्तर पर चलाकर बच्चों को कचरे के प्रति संवेदनशील बनाने की जरूरत है जो अपने घर परिवार और समाज को समझाने का काम करने की सामर्थ्य रखते हैं।

उपायुक्त ने इस अवसर पर स्वच्छता की शपथ भी दिलाई।

नगर परिषद के अध्यक्ष गोपाल कृष्ण महंत ने स्वागत किया। उन्होंने कहा कि नगर परिषद कुल्लू शहर को स्वच्छ रखने के लिये सालाना 1.60 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जा रही है। उन्होंने कहा कि कुल्लू को अमु्रत योजना में शामिल किया गया है और पूरी धनराशि प्राप्त हो चुकी है। उन्होंने कहा कि शहर का कायाकल्प किया जा रहा है। अनेक पार्कों व रास्तों का निर्माण किया गया है।

स्वच्छ भारत मिशन पर प्रस्तुति देते हुए कार्यकारी अधिकारी बी.आर. नेगी ने बताया कि नगर परिषद कुल्लू के अंतर्गत कुल 11 वार्ड हैं जिनमें 6262 घर हैं। कूडे़ की दरें 50 रुपये से लेकर 2000 रुपये प्रतिमाह निर्धारित की गई हैं। उन्होंने कहा कि नागरिकों से छंटाई के उपरांत गीला, सूखा व हानिकारक कचरा प्राप्त करने के संबंध में व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। लोगों को पैम्फलेट बांटे जाएंगे। उन्होंने कहा कि लंकाबेकर स्थित आर्गेनिक वेस्ट प्लांट की क्षमता को तीन टन तक बढ़ाने की स्वीकृत प्राप्त हो चुकी है। 2200 टन प्लाटिक वेस्ट रांगड़ी प्लांट को भेजा जा चुका है। उन्होंने कहा कि अमु्रत योजनाके तहत 66.08 करोड़ की रााशि प्राप्त हुई है जिसे लोक निर्माण व जल शक्ति विभागों को निर्माण कार्यों के लिये जारी किया गया है। आवास योजना के तहत 1.65 लाख रुपये की राशि प्रदान की जाती है। उन्होंने कहा कि अखाड़ा बाजार में नगर परिषद ने 50 बिस्तरों का रैन बसेरा बनाया है ताकि कोई भी व्यक्ति बाहर सड़क पर न सोए।

परस्पर संवाद के दौरान पूर्व पार्षद तरूण बिमल ने नगर परिषद को रात्रि दस्ता नियुक्त करने को कहा ताकि ढाबों के समीप व नदी व सड़क किनारे गंदगी फैलाने वालों पर नजर रखी जा सके। उन्होंने कहा कि बस्तियों से कचरा एकत्र करने की व्यवस्था की जानी चाहिए। पार्षद अमीना ठाकुर ने कचरा एकत्रीकरण कार्य में आम लोगों के सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि लोग कचरा प्राप्त करने वालों के साथ अच्छा व्यवहार करें।

नगर परिषद की उपाध्यक्ष आशा महंत, पार्षदगण, वेस्ट टू एनर्जी प्लांट के प्रबंधक प्रेम, स्वयं सहायता समूह व नगर परिषद के कर्मी कार्यशाला में मौजूद रहे।    

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