Night Curfew in District Sirmaur from 10 PM to 5 AM - DC
जिला वासियों को ओमीक्रॉन के प्रभावी प्रबंधन व कोविड-19 प्रोटोकॉल का सख्त पालन करना होगा सुनिश्चित
जिला सिरमौर में गत 7 दिनों में विदेशों से लौटे लोगों को अनिवार्य रूप से 7 दिन होम क्वारंटाइन रहना होगा। यह आदेश जिला दण्डाधिकारी सिरमौर राम कुमार गौतम ने कोविड-19 के नए वेरिएंट पर सरकार के दिशा निर्देशों का अनुसरण करते हुए जारी किए।आदेशानुसार सभी अंतरराष्ट्रीय पर्यटक व यात्री, जो जिला सिरमौर में आने के इच्छुक हैं, उन्हें स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करना होगा।
इसके अतिरिक्त, विदेशों से लौटे लोगों को उनके आगमन की सूचना संबंधित उपमंडल दण्डाधिकारी को देनी होगी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी दैनिक आधार पर जिले में विदेशों से आए लोगों का एक डेटाबेस तैयार करेगी जिन्हें अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर नेगेटिव रिपोर्ट आने पर होम क्वारंटाइन रहने के लिए कहा गया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी इस डेटा को उपमंडल दण्डाधिकारी की अध्यक्षता में गठित उप-मंडल स्तरीय टास्क फोर्स के साथ-साथ जिला राजस्व अधिकारी को भी दैनिक आधार पर साझा करेंगे।
उप-मंडल स्तरीय टास्क फोर्स यह सुनिश्चित करेगी कि सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को अनिवार्य रूप से सात दिनों के होम क्वारंटाइन के तहत रखा जाए और होम क्वारंटाइन के तहत व्यक्ति परिवार के सदस्यों से मिले बिना कोविड प्रोटोकॉल का ठीक से पालन करे। यदि विदेशी यात्री ने अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आगमन के दौरान आरटीपीसीआर नहीं करवाया है, तो उसे जिले में आगमन पर आरटीपीसीआर टेस्ट करवाना होगा।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि होम क्वारंटाइन में रह रहे विदेशों से लौटे लोगों की नियमित निगरानी संबंधित आशा कार्यकर्ता द्वारा व्यक्तिगत और टेलीफोन के माध्यम से की जाए। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग जिला में आरटीपीसीआर टेस्ट के सैंपल को जल्द से जल्द लेबोरेटरी भेजना सुनिश्चित करेगा।
इसके अतिरिक्त, किसी भी व्यक्ति के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने पर कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित किया जाएगा और पॉजिटिव व्यक्ति के सभी प्राथमिक संपर्कों को 12 घंटे के भीतर ट्रेस कर उन्हें भी होम क्वारंटाइन में रख कर उनकी निगरानी और कोविड प्रोटोकॉल के अनुसार उनका आरटीपीसीर टेस्ट करना होगा। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित उपमंडल दण्डाधिकारी के निेर्देशों पर कंटेनमेंट जोन का सावधानीपूर्वक सीमांकन किया जाएगा।उन्होंने बताया कि जिला वासियों को ओमीक्रॉन के प्रभावी प्रबन्धन यानि टेस्ट, ट्रेक, ट्रीट, टीकाकरण व कोविड-19 प्रोटोकॉल का सख्त पालन सुनिश्चित करना होगा।
सार्वजनिक स्थान पर थूकना और मास्क न पहनना, संबंधित कानून, नियमों या विनियमों के अनुसार जुर्माने के साथ दंडनीय होगा। इसके अतिरिक्त, अस्पतालों में भर्ती मरीजों की शत-प्रतिशत कोविड जांच सुनिश्चित की जाएगी और सब्जी मंडियों, ट्रक यूनियन और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर मोबाइल टीमों के माध्यम से परीक्षण सुनिश्चित किया जाएगा। राज्य के बाहर से आने वाले मजदूरों व व्यक्तियों का उद्योगों और जिले में अन्य जगहों पर परीक्षण किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, रेस्तरां, ढाबों में सार्वजनिक लंगर, कार्यक्रमों आदि में कामगारों, रसोइयों के लिए आरटीपीसीआर परीक्षण अनिवार्य होगा।संबंधित उपमंडल दण्डाधिकारी अपने क्षेत्र में सभी पंचायत स्तरीय टास्क फोर्स को सक्रिय करना सुनिश्चित करेंगे ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।
भगवान श्रीराम का जीवन सत्य, कर्तव्य, न्याय और धर्म के मार्ग पर चलने की देता…
केवल रावण का पुतला जलाना ही दशहरा नहीं, बल्कि अपने भीतर छिपे अहंकार, क्रोध, लोभ…
देहरा की विधायक कमलेश ठाकुर ने सोमवार को यहां सेरा के विश्राम गृह में हिमाचल…
ख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा बिट्टू ने रविवार को यहां अणु में छात्राओं की…
Click to teach Gmail that this conversation is important 11 अक्तूबर. उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री…
प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के आधुनिकीकरण की दिशा में कई ठोस कदम उठा रही है।…