A special program on the “Farm to Fork” theme was organized in Dharamshala
*किसानों को उनके प्रोडक्ट के मिल सकेंगे और अधिक बेहतरीन दाम*
राज्य होटल प्रबंधन संस्थान (एसआईएचएम) खनियारा धर्मशाला द्वारा शुक्रवार को “फार्म टू फोर्क” थीम पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें प्राकृतिक संसाधनों व खेती से सीधे थाली तक भोजन की यात्रा को दर्शाया गया। इस थीम-आधारित कार्यक्रम की ये धर्मशाला में दूसरी कड़ी थी। इस पहल से जहां किसानों को अपने उत्पादों की मार्केटिंग की चिंता नहीं रहेगी, वहीं होटल स्टाफ को भी जरूरत अनुरूप कृषि उत्पाद होटलों में ही उपलब्ध होंगे। कार्यक्रम में डीसी कांगड़ा हेमराज बैरवा ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की, जबकि जिला पर्यटन अधिकारी विनय धीमान और कृषि विभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर डा. राहुल धीमान विशेष रूप से उपस्थित रहे। फार्म टू फोर्क कार्यक्रम में नवीन पाक-कला तकनीकों का प्रदर्शन किया गया, साथ ही स्थानीय रूप से उपलब्ध सामग्रियों का उपयोग कर पर्यावरण के अनुकूल व्यंजन प्रस्तुत किए गए।
डीसी कांगड़ा हेमराज बैरवा ने कहा कि पर्यटन और कृषि विभाग की संयुक्त पहल के तहत धर्मशाला शहर के प्रमुख होटलों व एसआईएचएम के स्टूडेंटस को साथ लेकर फार्म टू फोर्क कार्यक्रम आयोजित किया। इस पहल से होटलों के किचन में रोजमर्रा प्रयोग में लाई जाने वाली चीजें सीधे होटलों तक पहुंचेगी। इसकी शुरूआत कंडी स्थित निजी होटल के साथ की गई है तथा कृषि विभाग द्वारा प्रगतिशील किसानों की लिस्ट भी पर्यटन विभाग के साथ सांझा की गई हैं। जिसके तहत होटलों व किसानों का सीधा संपर्क स्थापित करवाया है, इससे जहां किसानों को अपने कृषि उत्पाद आसानी से बेचने की सुविधा मिलेगी, वहीं होटलों की जरूरतें भी बिना बाजार के चक्कर लगाए ही पूरी हो पाएंगी। इसका उद्देश्य सतत विकास, ताजगी और स्थानीय स्रोतों से प्राप्त सामग्री के महत्व को उजागर करना रहा। कार्यक्रम का मुख्य संदेश था—“प्रकृति की समृद्धि से थाली की सुंदरता तक”, जो भोजन के हर चरण में गुणवत्ता और पर्यावरण के प्रति जागरूकता को रेखांकित करता है।
इस आयोजन को संस्थान के छात्रों और संकाय सदस्यों द्वारा तैयार किया गया। इसमें नवीन पाक-कला तकनीकों का प्रदर्शन किया गया, साथ ही स्थानीय रूप से उपलब्ध सामग्रियों का उपयोग कर पर्यावरण के अनुकूल व्यंजन प्रस्तुत किए गए।
कांगड़ा पर्यटन विभाग के उप-निदेशक एवं संस्थान के प्रधानाचार्य विनय धीमान ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान देने के साथ-साथ उन्हें जिम्मेदार और जागरूक शेफ बनने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल किसानों की प्राकृतिक खेती को सीधे बड़े होटलों व रेस्तरां में पहुंचाने से उनकी आर्थिक में भी सुधार हो सकेगा। इस दौरान कृषि विभाग के नोर्थ जॉन के ज्वाइंट डायरेक्टर राहुल कटोच ने कहा कि धर्मशाला में ये दूसरा आयोजन है। इससे किसानों को बेहतर दाम मिल पाएंगे। इससे पहले भी किसानों को बेहतर दाम देने के लिए नाम पोर्टल सहित एपीएमसी की ओर से भी कार्य किया जा रहा है। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने व्यंजनों के स्वाद और प्रस्तुति की खूब सराहना की। यह आयोजन न केवल पाक-कला का उत्सव रहा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सतत जीवनशैली के प्रति जागरूकता बढ़ाने का भी एक महत्वपूर्ण प्रयास साबित हुआ।
भारत सरकार और हिमाचल प्रदेश सरकार के मध्य आज नई दिल्ली में जल जीवन मिशन…
स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के अंतर्गत वर्ष 2026 में ‘हर घर पहुंचेगा अभियान’ को सफल…
राज्यपाल के अभिभाषण पर मुख्यमंत्री के जवाब से असंतुष्ट होकर भाजपा विधायक दल ने दोपहर…
मट्टनसिद्ध स्थित पंजाब नेशनल बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) हमीरपुर द्वारा महिलाओं के लिए…
भारतीय वायु सेना 25 और 26 मार्च को सुजानपुर टिहरा के मैदान के ऊपर एक…
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने सीआईआई हिमाचल प्रदेश द्वारा शिमला में गुरुवार देर शाम…