जो बाइडन को दुनिया के सबसे तजुर्बेकार राजनेताओं में से एक माना जाता है. लेकिन, वो अपने भाषणों में भयंकर ग़लतियां करने के लिए भी कुख्यात हैं. हालांकि, डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव के उम्मीदवार चुने गए बाइडन के बारे में आपके लिए बस इतना जानना पर्याप्त है कि वो इस साल नवंबर में होने वाले चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी के प्रत्याशी डोनाल्ड ट्रंप को चुनौती देंगे.
जो बाइडन वो इंसान हैं, जो अमरीका की सत्ता के केंद्र व्हाइट हाउस में डोनाल्ड ट्रंप के अगले चार बरस बिताने के ख़्वाब की राह में खड़ी इकलौती बाधा हैं. बराक ओबामा के शासन काल में उप-राष्ट्रपति रहे बाइडन को औपचारिक रूप से डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से नवंबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव का प्रत्याशी चुन लिया गया है.
अपने समर्थकों के बीच में जो बाइडन, विदेश नीति के विशेषज्ञ के तौर पर मशहर हैं. उनके पास वॉशिंगटन डी. सी. में राजनीति करने का कई दशकों का तजुर्बा है. वो मीठी ज़ुबान बोलने वाले नेता के तौर पर मशहूर हैं, जो बड़ी आसानी से लोगों का दिल जीत लेते हैं.
बाइडन की सबसे बड़ी ख़ासियत ये है कि वो बड़ी सहजता से आम आदमी से नाता जोड़ लेते हैं. अपनी निजी ज़िंदगी में बाइडन ने बहुत से उतार चढ़ाव देखे हैं और बहुत सी त्रासदियां झेली हैं. वहीं, विरोधियों की नज़र में जो बाइडन ऐसी शख़्सियत हैं, वो अमरीकी सत्ता में गहरे रचे बसे इंसान हैं, जिनमें कमियां ही कमियां हैं.
बाइडन के बारे में उनके विरोधी कहते हैं कि वो अपने भाषणों में झूठे दावे करते हैं. साथ ही उनकी एक और आदत को लेकर भी अक्सर चिंता जताई जाती है कि उन्हें महिलाओं के बाल सूंघने की बुरी लत है. बड़ा सवाल ये है कि क्या बाइडन में वो ख़ासियत है कि वो नवंबर के राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप को व्हाइट हाउस से बाहर का रास्ता दिखा सकें?
जो बाइडन का चुनाव प्रचार से बड़ा पुराना नाता रहा है. अमरीका की संघीय राजनीति में उनके करियर की शुरुआत, आज से 47 बरस पहले यानी 1973 में सीनेट के चुनाव से हुई थी. और उन्होंने राष्ट्रपति चुनाव में भागीदारी के लिए पहला दांव आज से 33 साल पहले चला था.ऐसे में अगर ये कहें कि बाइडन के पास वोटर को लुभाने का क़ुदरती हुनर है, तो ग़लत नहीं होगा. मगर, बाइडन के साथ सबसे बड़ा जोखिम ये है कि वो कभी भी कुछ भी ग़लत बयानी कर सकते हैं, जिससे उनके सारे किए कराए पर पानी फिर जाए.
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