Categories: India

कोरोना वायरसः संक्रमण हवा से कैसे फैलता है, इसका क्या मतलब है और ये जानना क्यों ज़रूरी है?

हाल तक विश्व स्वास्थ्य संगठन का ये कहना रहा था कि कोरोना वायरस का संक्रमण किसी सतह के संपर्क में आने से ही होता है. वैज्ञानिक सबूत भी इसकी तस्दीक कर रहे थे.

यही वजह थी कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के अधिकारियों ने कोविड-19 की बीमारी से बचाव के लिए मुख्य तौर पर हाथ धोने की सलाह दी थी.

लेकिन अब वे ये कह रहे हैं कि ख़ास परिस्थितियों में ‘हवा से संक्रमण’ की संभावना को भी ख़ारिज नहीं किया जा सकता है.

इसका मतलब ये हुआ कि जब लोग एक दूसरे से बात कर रहे होते हैं या फिर सांस छोड़ रहे होते हैं, तो सूक्ष्म कणों के ज़रिये भी कोरोना वायरस का संक्रमण हो सकता है.

अगर वैज्ञानिक साक्ष्यों से इसकी पुष्टि हो जाती है तो इससे चारदीवारी के भीतर वाली जगहों पर संक्रमण से बचाव के लिए दी गई गाइडलाइंस पर असर पड़ेगा.

हवा से संक्रमण’ तब होता है जब हम सांस के ज़रिए बैक्टीरिया या वायरस लेते हैं. ये बैक्टीरिया या वायरस हवा में तैर रहे सूक्ष्म कणों के ज़रिये हम तक पहुंचते हैं.

ये सूक्ष्म कण घंटों तक हवा में रह सकते हैं. कफ़ की छोटी-छोटी बूंदें बड़े इलाके तक फैल सकती हैं. टीबी (तपेदिक), फ्लू और निमोनिया हवा के ज़रिए फैलने वाली बीमारियों के उदाहरण हैं.

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने ये माना है कि इस बात के साक्ष्य मिले हैं कि बंद और भीड़-भाड़ वाली जगहों पर कोरोना वायरस का संक्रमण हवा के ज़रिये हो सकता है.

ये हवा में कितनी देर तक जीवित रहता है?

रिसर्च में ये बात सामने आई है कि कृत्रिम रूप से जब हवा में कोरोना वायरस का छिड़काव किया गया तो ये पाया गया कि कोरोना वायरस तीन घंटे तक जीवित रह सकता है.

लेकिन वैज्ञानिक ये भी कहते हैं कि ये प्रयोग लैबोरेटरी के नियंत्रित माहौल में किया गया था, असल ज़िंदगी में नतीजे अलग हो सकते हैं.

कोरोना वायरस संक्रमण के मामले जिस तेज़ी से बढ़ रहे हैं, उससे ये आशंका मज़बूत हुई हैं कि इस महामारी का संक्रमण हवा के ज़रिये भी हो सकता है.

अमरीका के वॉशिंगटन शहर के माउंट वर्नन में एक आदमी पर कम से कम 45 लोगों को संक्रमित करने का संदेह है. ये लोग एक गायक मंडली के सदस्य थे.

संक्रमित होने वाले लोगों में से कुछ ने सोशल डिस्टेंसिंग के कोई नियम नहीं तोड़े थे.

जनवरी के आख़िर में चीन के ग्वांग्झू में भी ऐसा ही एक मामला रिपोर्ट हुआ था. इस आदमी पर कम से कम नौ लोगों को कोरोना संक्रमित करने का संदेह था.

सभी लोगों ने एक ही रेस्तरां में खाया था. वैज्ञानिकों का कहना है कि रेस्तरां में एक संक्रमित ग्राहक उस व्यक्ति से छह मीटर की दूरी पर बैठा हुआ था.

हमें अब क्या करना चाहिए?

कोई बीमारी जिस तरह से फैलती है, उससे ये तय होता है कि इसे रोकने के लिए क्या क़दम उठाए जाएं.

विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से जारी की गई मौजूदा गाइडलाइंस के तहत गुनगुने पानी से 20 सेकेंड तक साबुन से हाथ धोने की सलाह दी गई है.

इसके अलावा डब्ल्यूएचओ ने सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करने की भी सलाह दी है.

लेकिन कुछ वैज्ञानिकों का अब ये कहना है कि इन एहतियाती उपायों की अपनी अहमियत है लेकिन हवा से संक्रमण के फैलने की सूरत में ये नाकाफ़ी होंगे.

अभी तक डब्ल्यूएचओ ने अपनी मौजूदा गाइडलाइंस में कोई नई बात नहीं जोड़ी है लेकिन वे नए साक्ष्यों का मूल्यांकन कर रहे हैं.

अगर इसकी पुष्टि होती है तो आधिकारिक सलाह में मास्क के बड़े पैमाने पर इस्तेमाल की बात को जोड़ा जा सकता है.

सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों को और सख़्त करने की वकालत की जा सकती है, ख़ासकर बार, रेस्तरां और सार्वजनिक परिवहन के साधनों में.

उन जगहों पर जहां एयर कंडीशनर की व्यवस्था होती है, उनके लिए भी कुछ सख़्त नियम लाने पर विचार किया जा सकता है.

डब्ल्यूएचओ की गाइडलाइंस बदलने की प्रक्रिया क्या है?

हाल ही में 32 देशों के 239 वैज्ञानिकों ने विश्व स्वास्थ्य संगठन को एक खुली चिट्ठी लिखी थी.

उन्होंने हवा के ज़रिये कोरोना संक्रमण फैलने की संभावना के मद्देनज़र विश्व स्वास्थ्य संगठन से अपनी गाइडलाइंस को अपडेट करने की अपील की थी.

इस चिट्ठी पर दस्तख़त करने वाले यूनिवर्सिटी ऑफ़ कोलोराडो के केमिस्ट जोसे जिमेनेज़ कहते हैं, “हम चाहते हैं कि इससे जुड़े साक्ष्यों को वह स्वीकार करें.”

जिमेनेज़ आगे कहते हैं, “ये निश्चित रूप से विश्व स्वास्थ्य संगठन पर कोई हमला नहीं है. ये एक वैज्ञानिक बहस है. लेकिन हमें लगा कि हमें जनता के बीच जाने की ज़रूरत है क्योंकि वह लंबी बातचीत के बाद भी सबूतों को देखने-सुनने से इनकार कर रहे थे.”

विश्व स्वास्थ्य संगठन के इंफ़ेक्शन प्रिवेंशन एंड कंट्रोल विभाग के टेक्निकल लीड बेनेडेट्टा एल्लेग्रांज़ी ने इस चिट्ठी के जवाब में कहा कि भीड़-भाड़ वाली, बंद जगहों और ख़राब रोशनी-हवा के इंतज़ाम वाली जगहों पर हवा के ज़रिए कोरोना वायरस के संक्रमण से इनकार नहीं किया जा सकता है.

हालांकि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने ये भी कहा है कि वो कोई फ़ैसला लेने से पहले और सबूतों की जांच करेगा.

डब्ल्यूएचओ के एक दूसरे एडवाइज़र डॉक्टर डेविड हेमैन का कहना है कि इस सिलसिले में जो रिसर्च हो रहा है, उससे एजेंसी को ठोस नतीजों की उम्मीद है ताकि वायरस पर रोकथाम के लिए नई रणनीति बनाई जा सके.

Recent Posts

Lok Bhawan: लोक भवन में गुजरात और महाराष्ट्र के स्थापना दिवस आयोजितविविधता में एकता भारत की सबसे बड़ी ताकतः राज्यपाल

लोक भवन में आज गुजरात और महाराष्ट्र के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में एक गरिमामय…

8 hours ago

Election: हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी की प्रदेश चुनाव समिति ने धर्मशाला, मंडी, पालमपुर व सोलन नगर निगम के चुनावों के लिए पार्टी उम्मीदवार घोषित कर दिए है।

धर्मशाला नगर निगम के लिए वार्ड संख्या – 1 श्रीमती हिमांशी पत्नी  सनी हरीश वार्ड संख्या  2  अशोक पठानिया…

1 day ago

IPR News: सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग में सेवानिवृत्ति समारोह आयोजित

सूचना एवं जन संपर्क निदेशालय में आज अधीक्षक ग्रेड-1 बलवीर सिंह और कम्पयूटर ऑपरेटर हरीश…

2 days ago

AHSB Celebrates: एएचएसबी ने उभरते युवा लेखक वेदांत शर्मा की उपलब्धि का किया सम्मान

कक्षा 7 के छात्र वेदांत शर्मा ने अपनी पहली पुस्तक “Where the Window Begins” प्रकाशित…

2 days ago

BJP: 28 तारीख तक क्यों नहीं आई एचआरटीसी की पेंशन, मुख्यमंत्री और मंत्री के दावों का क्या हुआ

शिमला से जारी बयान में पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर ने कहा…

3 days ago

Urban Development: विक्रमादित्य सिंह ने भारत सरकार से केंद्रीय हिस्से के रूप में 5400 करोड़ रुपये प्रदान करने का आग्रह किया।

लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने शनिवार देर सायं नई दिल्ली में…

5 days ago