बिहार में चुनावी बिगुल फूंकने और पश्चिम बंगाल की जनता से नरेंद्र मोदी को मौक़ा देने की अपील के बाद, राष्ट्रीय त्रासदी प्रबंधन ग्रुप के मुखिया और देश के गृह मंत्री अमित शाह का फ़ोकस पिछले दो दिनों से लगातार दिल्ली पर बना हुआ है,
जहां सोमवार को उन्होंने राजधानी के मुख्य राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ दिल्ली में कोरोना के बढ़ते संकट पर नार्थ ब्लॉक में दोपहर के समय तक़रीबन घंटे भर की बैठक की. महाराष्ट्र और तमिलनाडु के बाद दिल्ली में संक्रमण के सबसे अधिक मामले सामने आ रहे हैं जिसकी वजह से राष्ट्रीय राजधानी लगातार न सिर्फ़ राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय सुर्ख़ियों में बना हुआ है.
मंगलवार तक दिल्ली में पॉज़िटिव मरीज़ों की कुल तादाद 41 हज़ार से ऊपर जा चुकी थी. अब तक 1327 लोगों की बीमारी से मौत हो चुकी है. सोमवार को राजधानी में संक्रमण के दो हज़ार से अधिक केस सामने आए थे.
जहां दिल्ली सरकार कह रही थी कि राजधानी में संक्रमण कम्युनिटी स्प्रेड के स्तर तक पहुंच चुका है तो केंद्र का नज़रिया इससे अलग था. वहीं दिल्ली में सिर्फ़ दिल्ली वालों का इलाज, राजधानी में मौजूद अलग-अलग सरकारी अस्पतालों का अलग-अलग एजेंसियों – केंद्र, राज्य और नगर निगमों के अधीन होना भी एक अजीब सी तस्वीर पेश कर रहे थे.
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