भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड की ओर से कोविड-19 की दवा खोज लेने के दावों को लेकर मीडिया में छपी रिपोर्टों पर संज्ञान लिया है और साफ़ तौर पर कहा है कि कथित वैज्ञानिक अध्ययन के दावों की सच्चाई और विवरण के बारे में मंत्रालय को कोई जानकारी नहीं है.
मगर पतंजलि के चेयरमैन आचार्य बालकृष्ण ने इसे ‘कम्युनिकेशन गैप’ बताते हुए यह दावा किया है कि ‘उनकी कंपनी ने आयुष मंत्रालय को सारी जानकारी दे दी है.’
बालकृष्ण ने अपने ट्वीट में लिखा है कि “यह सरकार आयुर्वेद को प्रोत्साहन व गौरव देने वाली है. क्लीनिकल ट्रायल के जितने भी तय मानक हैं, उन 100 प्रतिशत पूरा किया गया है.”
पतंजलि ग्रुप ने मंगलवार सुबह ‘कोरोनिल टैबलेट’ और ‘श्वासारि वटी’ नाम की दो दवायें लॉन्च कीं जिनके बारे में कंपनी ने दावा किया है कि ‘ये कोरोना वायरस से होने वाली बीमारी का आयुर्वेदिक इलाज हैं.’
पतंजलि विश्वविद्यालय एवं शोध संस्थान के संयोजक स्वामी रामदेव ने दावा किया है कि “कोविड-19 की दवाओं की इस किट को दो स्तर के ट्रायल के बाद तैयार किया गया है. पहले क्लीनिकल कंट्रोल स्टडी की गई थी और फिर क्लीनिकल कंट्रोल ट्रायल भी किया जा चुका है.”
हिमाचल प्रदेश में नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे सघन अभियान के तहत आज दिनांक…
पहली बार लाहौल-स्पीति एवं मनाली पहुंचे राज्यपाल का स्थानीय लोगों ने किया भव्य स्वागत हिडिंबा…
दंत चिकित्सा के क्षेत्र में आधुनिक तकनीक खोल रही नए अवसरः राज्यपाल राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता…
शिमला, 05 मई: एक छोटे से एक कमरे के घर में, जहाँ रोज़मर्रा की ज़रूरतें…
कचरा प्रबंधन के लिए यह पहल करने वाला नगर निगम शिमला बना राज्य का पहला…
शिमला से जारी बयान में पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि…