असम में राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) बनने के बाद 445 बांग्लादेशी वापस अपने देश लौट गए हैं. यह दावा बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश के प्रमुख ने किया. उन्होंने कहा कि एनआरसी प्रकाशन के बाद पिछले 2 महीनों में 445 बांग्लादेशी भारत से लौटे है.
इससे पहले बॉर्डर गार्डस बांग्लादेश (बीजीबी) प्रमुख मेजर जनरल शफीनुल इस्लाम ने बताया था कि भारत की तरफ से बांग्लादेश जाने के दौरान यात्रा दस्तावेजों की कमी के कारण 300 से ज्यादा बांग्लादेशियों को गिरफ्तार किया गया है.
इस्लाम ने एक सवाल के जवाब में कहा, “हम सीमा पार करने वाले लोगों को नियमित तौर पर पकड़ते हैं. ये बांग्लादेशी अनजाने में या कार्य के लिए भारत आते हैं.” भारत की तरफ से बांग्लादेश में ‘अवैध’ आव्रजकों को नियमित तौर पर धकेले जाने के सवाल पर बीजीबी डीजी ने कहा, “हम अवैध तौर पर सीमा पार करने वाले लोगों को नियमित तौर पर गिरफ्तार करते हैं.”
एनआरसी भारत का आंतरिक मामला
पिछले रविवार को भारत के दौरे पर आए बॉर्डर गार्ड्स बांग्लादेश (बीजीबी) प्रमुख मेजर जनरल मोहम्मद शफीनुल इस्लाम ने कहा था कि विवादास्पद राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) की प्रक्रिया का असम में प्रयोग भारत के ‘राजनीतिक’ के साथ-साथ ‘आंतरिक मामला’ है. इस्लाम ने भारतीय अर्धसैनिक बल के साथ ज्वाइंट रिकॉर्ड ऑफ डिस्कशन पर हस्ताक्षर करने के बाद सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के साथ एक संयुक्त प्रेस वार्ता के दौरान एक सवाल के जवाब में यह प्रतिक्रिया दी.
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