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कंगना रनौत पिछले कुछ दिनों से काफी चर्चा में चल रही हैं. शिवसेना लीडर संजय राउत के साथ हुई ट्विटर वॉर के दौरान कंगना ने मुंबई को असुरक्षित और पीओके बता दिया था. वहीं संजय ने कंगना को हरामखोर और फिर नॉटी कहा था.
कंगना जिस दिन मुंबई पहुंची उसी दिन उनके मुंबई ऑफिस में बीएमसी ने एक्शन लिया और तोड़फोड़ की गई. कंगना ने इसके बाद अपने ऑफिस को राममंदिर और बीएमसी कर्मचारियों की बाबर से तुलना कर दी. अब चूंकि कंगना वापस हिमाचल प्रदेश लौट गई हैं तो सुप्रीम कोर्ट के वकील ने कंगना की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए हैं.
इस शख्स ने लिखा- Y कैटेगिरी की सुरक्षा एक इंसान को देने पर केंद्र सरकार को हर महीने 10 लाख से ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ता है. ये पैसा टैक्स भरने वाले लोगों का है. चूंकि अब कंगना हिमाचल प्रदेश में सुरक्षित है (और पीओके से बहुत दूर जा चुकी हैं). ऐसे में क्या मोदी सरकार उनकी सुरक्षा को हटाएगी?
इस पर रिएक्ट करते हुए कंगना ने कहा- ब्रिजेश जी, सुरक्षा इस आधार पर नहीं दी जाती है कि आप क्या सोचते हैं या मैं क्या सोचती हूं. इंटेलीजेंस ब्यूरो खतरे की जांच करती है. इस खतरे के आधार पर मेरी सिक्योरिटी की ग्रेड का फैसला होता है. भगवान ने चाहा तो आगे आने वाले दिनों में ये सिक्योरिटी पूरी तरह से हटा ली जाएगी और अगर इंटेलीजेंस ब्यूरो को खराब रिपोर्ट मिलती है तो हो सकता है कि सुरक्षा बढ़ा दी जाए.
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