आप किसी भी तरह की एक्सर्साइज करें लेकिन ऐक्टिव रहना बहुत जरूरी है। हार्ट को दुरुस्त रखना है तो आप योगासन या प्राणायाम वगैरह ट्राई कर सकते हैं। कुछ नहीं तो कम से कम रोजाना 30 मिनट वॉक करें।
हाइलाइट्स
दिल को फिट रखने और बीमारी से बचने के लिए रोजाना कम-से-कम 30 मिनट या हफ्ते में 5 दिन 45 मिनट कार्डियो एक्सरसाइज करना जरूरी है। इससे वजन और ब्लड प्रेशर, दोनों कम होते हैं। कार्डियो एक्सरसाइज में ब्रिस्क वॉक, जॉगिंग, साइक्लिंग, स्विमिंग, डांस, जुंबा आदि आते हैं।
इसका सीधा-सा फॉर्म्युला है कि वॉक या दूसरी एक्सरसाइज की स्पीड इतनी तेज हो कि इस दौरान हार्ट बीट पीक तक जानी चाहिए। पीक हार्ट रेट निकालने का फॉर्म्युला हैः 220 – उम्र = जवाब का 75 फीसदी। अगर उम्र 40 साल है तो पीक हार्ट रेट होगा: 220 – 40 (साल) = 180 का 75 फीसदी यानी 135 तक। मोटे तौर पर इसे यूं भी कह सकते हैं कि 45 मिनट में 5-6 किमी चलने की कोशिश करनी चाहिए। कार्डियो के अलावा योगासन, प्राणायाम और मेडिटेशन भी दिल को सेहतमंद रखने में मदद करते हैं। ताड़ासन, उत्तानपादासन, कटिचक्रासन, धनुरासन, नौकासन, पवनमुक्तासन, अर्ध-हलासन और बिलाव आसन (कैट पॉश्चर) दिल के लिए खासतौर पर फायदेमंद हैं। इन सभी के करीब 3-5 राउंड कर लें और हर राउंड में फाइनल पॉश्चर पर पहुंचने के बाद 10-15 सेकंड या 3-5 सांस तक रुकें। फिर वापस आएं।
अगर है दिल की बीमारी…
• रोजाना 45-50 मिनट वॉक करें। एक बार में नहीं कर सकते तो 15-15 मिनट के लिए तीन बार में करें। साइक्लिंग और स्वीमिंग करना भी फायदेमंद है।
• जॉगिंग, एयरोबिक्स या हेवी एक्सरसाइज से पहले डॉक्टर से सलाह ले लें, क्योंकि इससे ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है।
• योग और प्राणायाम करें, लेकिन भस्त्रिका प्राणायाम न करें।
• शवासन करें। इससे मांसपेशियों का तनाव कम होता है और बीपी कंट्रोल होता है।
• ऐसे आसन डॉक्टर की सलाह के बिना न करें, जिनमें सारा वजन सिर पर या हाथों पर आता है, जैसे कि मयूरासन, शीर्षासन आदि।
प्राणायाम
• चंद्रभेदी प्राणायाम
• सूर्यभेदी प्राणायाम
• शीतली प्राणायाम
• भ्रामरी प्राणायाम
• ओम का उच्चारण
• डीप ब्रिदिंग
• अनुलोम-विलोम
हर प्राणायाम और क्रिया 3-5 मिनट कर लें। ये तमाम प्राणायाम और क्रियाएं मन को रिलैक्स कर ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने में मदद करती हैं। शीतली और चंद्रभेदी प्राणायाम सर्दियों में न करें क्योंकि ये शरीर को ठंडक पहुंचाने वाले होते हैं।
टेशन
10-15 मिनट मेडिटेशन करें। सबसे आसान मेडिटेशन है, आराम से बैठकर सांस पर फोकस करना। मेडिटेशन से मन शांत होने के साथ-साथ एकाग्रता भी बढ़ती है।
ये भी करें
जब भी मौका मिले, गहरी सांस लें। सांस लेने का फॉर्म्युला है…
SSLD यानी Smood, Slow, Long और Deep. रुटीन में इस तरह सांस लेने की आदत डाल लें तो अच्छा रहेगा। इससे शरीर को ज्यादा ऑक्सिजन मिलती है, तनाव कम होता है और मन रिलैक्स होता है।
योग के फायदे
शरीर बनता है मजबूत, फिट और फुर्तीला।
आसन से शरीर में लचक बढ़ती है
पसीने के साथ टॉक्सिन्स बाहर निकल जाते हैं।
ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है जिससे इम्यूनिटी सुधरती है।
मेडिटेशन टेंशन को कम करता है।
ऐंग्जाइटी खत्म होती है और कॉन्फिडेंस बढ़ता है।
कंसंट्रेशन बढ़ाकर मेमरी को बेहतर करता है।
ये न भूलें
भगवान का शुक्रिया अदा करना और दूसरों को माफ करना सीखें। ये दोनों बातें मन को शांत करने के लिए बहुत जरूरी हैं।
नोट: किसी भी एक्सरसाइज के दौरान बेचैनी, दर्द, उल्टी आदि हो, तो एक्सरसाइज तुरंत बंद कर लें और डॉक्टर को दिखाने के बाद ही फिर से एक्सरसाइज शुरू करें। वैसे, दिल के मरीज डॉक्टर से पूछकर एक्सरसाइज और योग गुरु की देखरेख में योग करें तो बेहतर है।
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