प्रदेश सरकार के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि राज्य में हरित और आत्मनिर्भर गौशालाएं स्थापित करने के लिए कार्य समूह समिति (वर्किंग ग्रुप कमेटी) का गठन किया गया है। उन्होंने बताया कि यह गौशालाएं बायोगैस ऊर्जा और सौर ऊर्जा उत्पादन से लैस होंगी। उन्होंने बताया कि जहां भी संभव होगा जमीन/छत्त पर सौर ऊर्जा संयंत्रों को ग्रिड के साथ जोड़कर इन गौशालाओं के लिए राजस्व अर्जित किया जाएगा।
प्रवक्ता ने बताया कि निदेशक ऊर्जा समिति के अध्यक्ष होंगे, मुख्य कार्यकारी अधिकारी हिम ऊर्जा, निदेशक ग्रामीण विकास व उनके प्रतिनिधि, निदेशक पशुपालन व पशुपालन विभाग के डाॅ. राजीव वालिया समिति के सदस्य होंगे तथा वरिष्ठ परियोजना अधिकारी हिम ऊर्जा विनीत सूद समिति के सदस्य सचिव होगें।
उन्होंने बताया कि यह कार्य समूह प्रदेश में स्थापित होने वाली हरित और आत्मनिर्भर गौशाला की प्रारूप परियोजना प्रस्तुत करेंगे। उन्होंने बताया कि पहले चरण के लिए 10 गौशालाओं का विस्तार में विश्लेषण किया जाएगा और सभी प्रासंगिक वित्तीय और तकनीकी मापदण्डों का मूल्यांकन किया जाएगा ताकि इन गौशालाओं में योजना को शीघ्र कार्यान्वित किया जा सके।
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