Safe construction model competitions will be organized in educational institutions
उपायुक्त एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ऊना के अध्यक्ष जतिन लाल ने बताया कि समर्थ-2024 अभियान के अंतर्गत आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए जिले के शिक्षण संस्थानों में ‘सुरक्षित निर्माण मॉडल’ (सेफ कंस्ट्रक्शन मॉडल) प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। शिक्षा विभाग के सहयोग से आयोजित इन प्रतियोगिताओं में तीन श्रेणियों में – हाई स्कूल, सीनियर सेकेंडरी स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थी भाग लेंगे। उपायुक्त ने गुरुवार को इस अभियान की योजना पर चर्चा को बुलाई बैठक में बताया कि हर ब्लॉक में एसडीएम की अध्यक्षता में गठित चयन समिति सर्वश्रेष्ठ मॉडल का चयन करेगी, जिसमें बीडीओ सदस्य सचिव होंगे और लोक निर्माण विभाग से एक सदस्य भी शामिल रहेगा।
उपायुक्त ने बताया कि ब्लॉक स्तर पर चयनित मॉडल जिला स्तर की प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे, जहां डीसी ऊना की अध्यक्षता में बनी कमेटी जिला स्तर पर सर्वश्रेष्ठ मॉडल का चयन करेगी। प्रत्येक श्रेणी के सर्वश्रेष्ठ मॉडल को राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए भेजा जाएगा, और अंतर्राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस 2024 के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में इन मॉडलों को प्रदर्शित और पुरस्कृत किया जाएगा।
सामुदायिक जागरूकता और भागीदारी पर बल
उपायुक्त ने आपदा जोखिम को कम करने के लिए सुरक्षित निर्माण प्रथाओं को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने सामुदायिक जागरूकता और भागीदारी के महत्व को रेखांकित किया और जिला स्तर पर आपदा प्रबंधन कार्यक्रमों के आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया।
इसके अलावा, उन्होंने तकनीकी शिक्षा विभाग को पॉलिटेक्निक कॉलेजों और सीमेंट कंपनियों के साथ मिलकर सुरक्षित ढांचा निर्माण प्रथाओं के प्रति व्यापक जन जागरूकता फैलाने के निर्देश दिए। https://tatkalsamachar.com/kangra-news-quarterly-meeting/ ग्रामीण क्षेत्रों में भी सुरक्षित निर्माण प्रथाओं को प्रोत्साहित करने के लिए 2 अक्टूबर को ग्राम सभा बैठकों के दौरान जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। https://youtu.be/JD-3wYhDFVc?si=l8b51pzQhvoEaiZO प्रत्येक पंचायत में ग्राम आपदा प्रबंधन समिति की बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें आपदा मित्र और युवा स्वयंसेवकों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा ब्लॉक और जिला स्तर पर जूनियर इंजीनियरों और तकनीकी सहायकों के लिए प्रशिक्षण कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। इन कार्यशालाओं में मास्टर ट्रेनर्स द्वारा आपदा-प्रतिरोधी निर्माण मानकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
उपायुक्त ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से स्कूल सुरक्षा ऐप की प्रगति की समीक्षा की और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि सभी स्कूल अपनी आपदा प्रबंधन योजनाओं को समय पर ऐप पर अपलोड करें।
बैठक में जिला पंचायत अधिकारी नीलम कटोच, डीआरडीए की परियोजना अधिकारी शैफाली शर्मा, सभी विकास खंड अधिकारी और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की समन्वयक सुमन चहल समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
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