Health institutions should follow the highest standards, focus on quality services - Jatin Lal
उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने जिले के स्वास्थ्य संस्थानों को उच्चतम मानकों का पालन करते हुए गुणवत्तापरक सेवाएं देने पर विशेष ध्यान केंद्रित करने को कहा है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को कहा कि सेवा की गुणवत्ता में सुधार के लिए निर्धारित मानकों का सख्ती से अमल करें। कमियों की पहचान कर उन्हें दूर करने के लिए तत्परता दिखाएं, जिससे सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके। यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी स्वास्थ्य सेवाएं उच्चतम मानकों पर आधारित हों, जिससे न केवल लोगों को बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त होंगी, बल्कि उत्कृष्टता के लिए प्रतिष्ठित अवार्ड भी हासिल किए जा सकेंगे।
उपायुक्त शनिवार को जिला गुणवत्ता आश्वासन समिति और जिला अवार्ड समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ ऊना जिले को स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रदेश में अग्रणी बनाने के लिए प्रेरित किया तथा कायाकल्प पुरस्कार योजना में अव्वल आने के लिए लक्षित प्रयास करने को कहा।
कायाकल्प में पुरस्कार के लिए ये हैं मानक
जतिन लाल ने बताया कि कायाकल्प पुरस्कार योजना का उद्देश्य सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं में स्वच्छता, सफाई और संक्रमण नियंत्रण प्रथाओं को बढ़ावा देना है । इसके तहत स्वास्थ्य सुविधाओं के प्रदर्शन को जिन मापदंडों पर आंका जाता है, उनमें अस्पताल की देखरेख, स्वच्छता और सफाई, अपशिष्ट प्रबंधन, संक्रमण नियंत्रण, सहायक सेवाएं, स्वच्छता संवर्धन, और अस्पताल की सीमा से परे किए गए कार्य शामिल हैं। https://tatkalsamachar.com/mandi-news-vikramaditya-singh/उन्होंने यह भी बताया कि जिले को इस वर्ष कायाकल्प योजना में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर 18.60 लाख रुपये प्राप्त हुए हैं, जिसे स्वास्थ्य सेवाओं में गुणात्मक सुधार पर खर्च किया जाएगा।
राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानकों के 8 बिंदु
उपायुक्त ने बताया कि राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानकों (एनक्यूएएस) को सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं की विशिष्ट आवश्यकताओं और वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है। इसमें मुख्यतः 8 बिंदुओं – सेवा प्रावधान, रोगी अधिकार, इनपुट्स, सहायक सेवाएं, नैदानिक देखभाल, संक्रमण नियंत्रण, गुणवत्ता प्रबंधन, और परिणाम के आधार पर मूल्यांकन किया जाता है।
सिविल अस्पताल हरोली और अंब क्वालिटी सर्टिफाइड
उन्होंने बताया कि ऊना जिले के सिविल अस्पताल हरोली और सिविल अस्पताल अंब ने हाल ही में राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानकों (एनक्यूएएस) के तहत क्वालिटी सर्टिफाइड बनने की उम्दा उपलब्धि प्राप्त की है। इन संस्थानों का निरीक्षण एनक्यूएएस के अंतर्गत किया गया था तथा मूल्यांकन में इन्हें श्रेष्ठ आंका गया।https://www.youtube.com/watch?v=9uQQJPXgSSM&t=4s सिविल अस्पताल हरोली ने 95.44 प्रतिशत स्कोर प्राप्त कर उपमंडल स्तरीय श्रेणी में देशभर में प्रथम स्थान हासिल किया है।
उपायुक्त ने सभी अन्य स्वास्थ्य संस्थानों को भी इसी तर्ज पर गुणवत्तापरक सुधार लाने और प्रमाणन के लिए तैयार करने के लिए प्रेरित किया।
बैठक में जिला परिषद अध्यक्ष नीलम कुमारी, सीएमओ डॉ संजीव वर्मा, चिकित्सा अधीक्षक डॉ संजय मनकोटिया, स्वास्थ्य चिकित्सा अधिकारी डॉ सुखदीप सिंह सिधू, डॉ रमन संदल सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
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