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हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) की राजधानी शिमला में मॉनसून के चलते पेड़ों के गिरने का सिलसिला जारी है. लगातार बारिश (Rain) से लोगों के लिए खतरा बने पेड़ लोगों की छतों पर गिर रहे हैं. ऐसा ही मामला शिमला के फिंगास्क क्षेत्र का है. जहां मूसलाधार बारिश में एक पेड़ घर की छत पर गिर गया. गनीमत यह रही कि घर में रहने वालों को किसी तरह का कोई नुकसान नहीं पहुंचा. घटना शुक्रवार दोपहर की है.
प्रभावित परिवार का कहना है कि खतरनाक पेड़ को हटाने के लिए सरकार की ओर से फरवरी माह में अनुमति मिल चुकी है, लेकिन नगर निगम शिमला की ट्री कमेटी ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की है. इसके चलते शुक्रवार को दोपहर बाद यह पेड़ घर की छत पर गिर गया है. हालांकि किसी तरह का कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है.
शकुंतला देवी ने बताया कि उनके पति पिछले कई सालों से बीमारी के चलते बेड पर ही हैं. जब यह पेड़ गिरा तो उस समय भी उनके पति घर के भीतर ही थे. उन्होंने कहा कि वे भगवान के शुक्र गुजार हैं कि पेड़ गिरने से किसी तरह का कोई नुकसान नहीं हुआ है.उन्होंने कहा कि खतरनाक पेड़ों को हटाने के लिए एमसी ने कोई कार्रवाई नहीं कि है अब भी और पेड़ों के गिरने का खतरा बना है. जो कभी भी किसी बड़ी अनहोनी को अंजाम दे सकते हैं.उन्होंने एमसी खतरनाक पेड़ों को हटाने की मांग की है.
ट्री-कमेटी अध्यक्ष सत्या कौंडल का कहना है कि जब लोगों को खतरनाक पेड़ों को हटाने के लिए अनुमति मिल चुकी है. उन्होंने कहा कि इस पेड़ से किसी तरह का कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन फिर भी खतरनाक पेड़ को हटाने के लोग पैसे जमा कर पेड़ हटा सकते हैं. उन्होंने कहा कि फिंगास्क में गिरे पेड़ पर जांच की जाएगी, ताकि पेड़ से हुए नुकसान का मुआवजा प्रभावित परिवार को दिया जा सके.
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