लिपुलेख सीमा विवाद मामले में भारत और नेपाल के बीच पिछले कुछ दिनों से तल्खी तेज है. हालांकि दोनों देशों ने आपसी बातचीत से इस तनाव को खत्म करने का निर्णय लिया है. इस बीच बुधवार को नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने एक बयान में कहा कि ‘लिम्पियाधुरा, लिपुलेख और कालापानी विवादित भूमि है, जिसका पूरा भूगोल ही भारत के कब्जे में है. कालापानी में भारतीय सेना रख कर वहां से लिपुलेख और लिम्पियाधुरा पर भारत ने कब्जा कर लिया है.’
नेपाल के प्रधानमंत्री ओली ने कहा, सेना रख कर हमसे हमारी जमीन छीनी गई है. जब तक वहां भारतीय सेना की मौजूदगी नहीं थी, तब तक वह जमीन हमारे पास ही थी. सेना रखने के कारण हम उधर नहीं जा सकते हैं. एक प्रकार से कहा जाए तो यह कब्जा है. इस कारण हम बार-बार अपने मित्रराष्ट्र भारत से कह रहे हैं कि वह जमीन हमारी है. हमें हमारी जमीन वापस चाहिए. प्रमाण के आधार पर, ऐतिहासिक तथ्यों के आधार पर हमारी जमीन वापस करनी होगी.
हिमाचल प्रदेश के राज्य स्तरीय पूर्ण राज्यत्व दिवस के अवसर पर इस वर्ष एक भव्य…
नगर एवं ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने…
Every year in mid-January, when the cold is at its peak and the land seems…
जिला युवा अधिकारी, मेरा युवा भारत किन्नौर शुभम चंद्रन ने बताया कि स्वामी विवेकानंद जी…
शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने शनिवार को रैत…
जिला मुख्यालय चंबा में एनकोरड समिति की जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता…