Sukh Ashar Yojana : अनाथ बच्चों को मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत किया जाएगा कवर

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    Orphaned children will be covered under Chief Minister's Sukh Ashray Yojana

     मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के अन्तर्गत 0 से 18 तथा 18 से 27 वर्ष की आयुवर्ग के अनाथ बच्चों को कवर किया जाएगा, जिसके लिए ज़िला कार्यक्रम अधिकारी को आवेदन करना होगा। यह जानकारी खंड स्तरीय अभिसरण समिति की बैठक  की अध्यक्षता करते हुए एसडीएम विश्वमोहन देव चैहान ने दी।   उन्होंने बताया कि जिला बाल संरक्षण इकाई ऐसे सभी अनाथ बच्चों की सुविधा में सक्रिय भूमिका निभाएगी।

    अनाथ बच्चों की पात्रता जिला बाल संरक्षण अधिकारी और जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा प्रमाणित की जाएगी। उसके उपरांत वरीयता के साथ पूरा मामला उपायुक्त को भेजा जाएगा।मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना-2023 के तहत राज्य सरकार द्वारा विभिन्न लाभ प्रदान किए जाएंगे जिसमें सामाजिक सुरक्षा के तहत बाल-बालिका आश्रमों में रहने वाले प्रत्येक बच्चे के लिए आवर्ती जमा (आरडी) खाता खोला जाएगा और जिला बाल संरक्षण अधिकारी के साथ संयुक्त संचालन में खाते आयोजित किए जाएंगे।

     उत्सव भत्ता  इस योजना के तहत उत्सव भत्ता 500 रुपये प्रति बच्चा बाल देखभाल संस्थानों, राज्य गृह सह संरक्षण गृह, शक्ति सदन और वृद्धाश्रम के निवासियों के बैंक खाते में मुख्य त्योहार मनाने के लिए हस्तांतरित किया जाएगा।भूमि का आवंटन और घर के निर्माण के लिए अनुदान  उन्होंने बताया कि एक व्यक्ति जो 27 वर्ष की आयु से पहले अनाथ हो गया है और जो भूमिहीन है, वह टीसीपी मानदंडों के अनुसार एक बार सरकारी भूमि यानी तीन बिस्वा और अपने पूरे जीवन काल के दौरान किसी भी समय घर के निर्माण के लिए आवास अनुदान प्राप्त करने के लिए पात्र होगा।

    आवास निर्माण के लिए 1.5 लाख रुपये दिए जाएंगे, ग्रामीण विकास की आवास योजना के पूरक के रूप में अनाथ बच्चों को मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत आवास निर्माण के लिए 1.5 लाख रुपये की अतिरिक्त राशि प्रदान की जाएगी। राज्य के बाहर वार्षिक शैक्षिक यात्रा इस योजना के अंतर्गत भारत के विभिन्न स्थलों, ऐतिहासिक स्थलों के लिए शैक्षिक भ्रमण, भ्रमण-यात्रा का आयोजन प्रति वर्ष 15 दिनों के लिए किया जाएगा।https://www.tatkalsamachar.com/solan-news/ बच्चों के लिए यात्रा की व्यवस्था शताब्दी (चेयर कार), एसी वॉल्वो, एयर सुविधा द्वारा की जाएगी। ऐसे दौरों के दौरान ठहरने की व्यवस्था तीन सितारा होटलों में की जाएगी।

    कोचिंग सुविधा  इस  योजना के अंतर्गत ऑनलाइन कोचिंग आयोजित की जाएगी और ऑफ लाइन कोचिंग सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी। हायर सेकेंडरी और ग्रेजुएशन के दौरान कोचिंग दी जाएगी। कोचिंग के लिए प्रति व्यक्ति 1 लाख रुपये प्रति वर्ष की एकमुश्त वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। पाठ्यक्रम के दौरान प्रति व्यक्ति प्रति माह 4 हजार रुपये का मासिक वजीफा भी प्रदान किया जाएगा।उच्च शिक्षा (शैक्षणिक), व्यावसायिक प्रशिक्षण, कौशल विकास हिमाचल प्रदेश राज्य से संबंधित 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने के बाद पात्र बच्चों, व्यक्तियों के लिए छात्रावास व मैस शुल्क और ट्यूशन फीस सहित उच्च शिक्षा (शैक्षणिक), व्यावसायिक प्रशिक्षण, कौशल विकास) का सभी व्यय वास्तविक दरों पर वहन करेगा।

    अध्ययन अवधि के दौरान उनके व्यक्तिगत खर्चों को पूरा करने के लिए प्रति माह 4 हजार रुपये का वजीफा दिया जाएगा। यदि संस्थान में छात्रावास की सुविधा उपलब्ध नहीं है, तो सरकार डिग्री, पाठ्यक्रम के पूर्ण होने तक छात्रावास के बाहर रहने और रहने का पूरा खर्चा भी वहन करेगी।स्वरोजगार सहायता योजना के अंतर्गत लघु, सूक्ष्म उद्योगों के लिए अनुदान- उन्होंने बताया कि 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने के बाद अपना निजी कार्य स्थापित करना चाहते हैं तो उन्हें प्रति व्यक्ति 2 लाख रुपये की एक बार वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी जिससे वे आजीविका अर्जित कर सकें। ये व्यक्ति मुख्यमंत्री स्वावलम्बन योजना के तहत ऋण लाभ के हकदार होंगे। मिशन वात्सल्य योजना के पूर्व लाभार्थी या कोई अन्य अनाथ सरकार की किसी अन्य योजना का लाभ लेने के लिए पात्र होंगे।

    हालांकि, योजनाओं की समान प्रकृति के लिए लाभ केवल एक योजना के तहत दिया जाएगा।विवाह अनुदान योजना के तहत मिशन वात्सल्य के सभी पूर्व लाभार्थियों या 18 वर्ष की आयु से पहले अनाथ हुए लोगों को कानून के अनुसार विवाह योग्य आयु प्राप्त करने के बाद एक बार विवाह अनुदान 2 लाख रुपये या वास्तविक जो भी कम हो, प्रदान किया जाएगा, जिसमें से 51 हजार रुपये व्यक्ति के विवाह के समय शगुन के रूप में लाभार्थी के खाते में हस्तांतरित किए जाएंगे।इस योजना के तहत यदि कोई भी इच्छुक बच्चा, व्यक्ति इस योजना का लाभ लेना चाहता है तो कार्यालय दूरभाष 01975-225850 व मोबाइल नम्बर 82196-04768 से सम्पर्क कर सकते हैं|  बैठक में बाल विकास परियोजना अधिकारी कुलदीप सिंह दयाल, खंड चिकित्सा अधिकारी रामपाल शर्मा , खंड विकास अधिकारी केएल वर्मा,  खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी कांता देवी ,तहसील कल्याण अधिकारी जतिंदर शर्मा, एमसी ऊना प्रतिनिधि, समस्त पर्यवेक्षक बाल विकास परियोजना ऊना,  सांख्कीय सहायक , पोषण ब्लॉक कोऑर्डिनेटर  सहित अन्य अधिकारी उपस्थित हुए ।


    शिशुलिंगानुपात में समानता लाने के लिए नियमित प्रयास जरूरी विश्वमोहन: पोषण अभियान के तहत खंड स्तरीय अभिसरण समिति तथा एकीकृत बाल विकास सेवाएं  के तहत खंड स्तरीय अभिसरण समिति की बैठक उपमंडल अधिकारी ऊना विश्वमोहन देव चैहान की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत ब्लाक ऊना में चलाई जा रही विभिन्न गतिविधियों की समीक्षा करते हुए शिशु लिंगानुपात में हुई बढ़ोतरी पर उन्होंने संतोष व्यक्त किया और आशा व्यक्त की कि ब्लाक ऊना में इस योजना को और प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।  उन्होंने बताया कि वर्ष 2011 में जिला ऊना में शिशु लिंगानुपात 875 था जोकि वर्ष 2022-23 में बढ़कर 949 रहा

    जबकि वर्तमान में ब्लाक ऊना का शिशु लिंगानुपात 959 हो गया है जोकि जिला ऊना में सबसे अधिक है| https://youtu.be/oit97zN-Vpo उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि आंकड़ों के अनुसार लिंगानुपात में नियमित रूप से सुधार हो रहा है, जिसकी गति को भविष्य में भी बनाये रखने के प्रयास जारी रखें। लिंग जांच ना हो, इस बारे आम जनमानस को जागरुक किया जाए और किसी संस्थान में ऐसा मामला किसी के ध्यान में आता है तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस या प्रशासन को दी जाए ताकि नियमानुसार उचित कार्रवाई की जा सके।   बैठक  में पोषण अभियान के तहत चलाई जा रही विभिन्न गतिविधियों की समीक्षा करते हुए उप मंडल अधिकारी ने कहा कि बच्चे के पहले 1000 दिन स्तनपान, ऊपरी आहार, गृह भ्रमण सहित अति कुपोषित बच्चों की निगरानी पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।

    शिशुओं में संतुलित आहार आदतों के विकास के लिए महिलाओं को जागरुक किया जाए।  उन्होंने खंड चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिया की जो बच्चे राष्ट्रीय बाल सुरक्षा कार्यक्रम टीम द्वारा अनीमिक पाये गये थे उनकी अनुवर्ती रिपोर्ट उप मंडल अधिकारी को भी उपलब्ध करवाई जाए।   बैठक में बाल विकास परियोजना अधिकारी कुलदीप सिंह दयाल, खंड चिकित्सा अधिकारी रामपाल शर्मा , खंड विकास अधिकारी केएल वर्मा, एसएमएस कृषि विभाग प्यारो देवी, कनिष्ठ अभियंता आईपीएच सुरजीत सिंह व अशोक कुमार, खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी कांता देवी, तहसील कल्याण अधिकारी जितेन्द्र शर्मा, एमसी ऊना प्रतिनिधि, समस्त पर्यवेक्षक बाल विकास परियोजना ऊना,  संख्याखिक सहायक , पोषण ब्लॉक कोऑर्डिनेटर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित हुए ।

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