मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज हमीरपुर में लगभग 19.40 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले नगर निगम कार्यालय भवन के शिलान्यास और छोटे व्यापारियों एवं महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए लगभग 50 लाख रुपये की लागत से निर्मित दुकानों तथा ग्रामीण हाट के उद्घाटन किए। इसके उपरांत टाउन हॉल में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि सरकारी भूमि पर कई वर्षों पहले बसे गरीब एवं भूमिहीन लोगों के मकानों को रियायत प्रदान करने के लिए प्रदेश सरकार एक नीति बनाने पर विचार करेगी ताकि उन्हें राहत प्रदान की जा सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अतिक्रमण के मामलों के संबंध में उच्चतम न्यायालय के दिशा-निर्देशों का अध्ययन कर रही है तथा इस पर उचित निर्णय लिया जाएगा।


उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य एवं शिक्षा क्षेत्र प्रदेश सरकार की प्राथमिकता हैं। सरकार राज्य के सभी मेडिकल कालेजों में अत्याधुनिक मशीनें स्थापित करवाने तथा सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों एवं प्रोफेसरों की भर्ती पर विशेष ध्यान केन्द्रित कर रही है, ताकि लोगों को प्रदेश की भीतर ही एम्स एवं पीजीआई स्तर की चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। इन चिकित्सा संस्थानों में प्रयोगशालाओं के आधुनिकीकरण पर प्रदेश सरकार 125 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। राज्य सरकार आम मरीजों को अत्यंत महंगी रोबोटिक सर्जरी कम खर्च पर उपलब्ध करवा रही है। इन कॉलेजों में पीजी की सीटों में भी बड़े स्तर पर बढ़ोतरी की जा रही है। इससे प्रदेश में अधिक स्पेशिलस्ट डॉक्टर उपलब्ध होंगे और स्वास्थ्य सेवाएं सशक्त होंगी।


 मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने यूपीए शासनकाल में तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद से हमीरपुर के लिए मेडिकल कालेज स्वीकृत करवाया था। वर्तमान प्रदेश सरकार इस कॉलेज के लिए अभी तक लगभग 500 करोड़ रुपये जारी कर चुकी है। उन्होंने कहा कि जोल सप्पड़ के नए परिसर में इस कॉलेज का शीघ्र ही संचालन आरंभ कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार हिमकेयर योजना को बंद नहीं करेगी, लेकिन इस योजना के नाम पर हुए घोटाले का पर्दाफाश किया जाएगा।


  उन्होंने  कहा कि प्रदेश सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में अनेक सुधार किए हैं और सीबीएसई स्कूलों की स्थापना से प्रदेश के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या में लगभग 24 हजार की वृद्धि हुई है। प्रदेश सरकार ने एचपीपीएससी और हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग के माध्यम से सभी भर्तियों में पारदर्शिता सुनिश्चित करके प्रतिभाशाली युवाओं के साथ न्याय किया है।


 उन्होंने कहा कि किशाऊ बांध परियोजना, अन्य जलविद्युत परियोजनाओं और वाइल्ड फ्लॉवर हॉल जैसे मामलों में प्रदेश सरकार ने दृढ़ता के साथ अपना पक्ष रखा है, जिससे हिमाचल के हितों की रक्षा हुई है और प्रदेश को अरबों रुपये का राजस्व सुनिश्चित हुआ है।


 मुख्यमंत्री ने कहा कि नगर निगम हमीरपुर में शामिल हुए नए क्षेत्रों के लोगों को पांच साल तक करों में छूट प्रदान की जाएगी। हमीरपुर में लगभग 130 करोड़ रुपये की लागत से प्रदेश के सबसे बड़े बस अड्डे का निर्माण किया जा रहा है और वर्तमान बस अड्डे की जगह लगभग 200 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक सिटी सेंटर का निर्माण किया जाएगा। यहां शहरवासियों और प्रतिदिन बाहर से आने वाले लोगों को शॉपिंग, मनोरंजन एवं पार्किंग सहित सभी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। पुराने व्यवसायियों को भी इस सिटी सेंटर या अन्य उपयुक्त स्थानों पर समायोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमीरपुर में विभिन्न विभागों, निगमों एवं बोर्डों के पांच राज्य स्तरीय कार्यालय स्थापित किए गए हैं और कई बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।


मुख्यमंत्री ने हमीरपुर में दशहरा उत्सव और अन्य आयोजनों के लिए उपयुक्त जगह विकसित करने तथा अन्य मांगों को भी पूरा करने की घोषणा की। उन्होंने हमीरपुर शहर के रेहड़ी-फहड़ी धारकों के लिए भी बेहतर सुविधाएं प्रदान करने का आश्वासन भी दिया।


 इस अवसर पर विधायक सुरेश कुमार, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा बिट्टू, राज्य कृषि विपणन बोर्ड के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, कांगड़ा सहकारी प्राथमिक कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के अध्यक्ष राम चंद्र पठानिया, राज्य नशा निवारण बोर्ड के संयोजक एवं सलाहकार नरेश ठाकुर, अन्य पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम के उपाध्यक्ष डॉ. मोहन लाल, ओबीसी आयोग के सदस्य राजीव राणा, एपीएमसी के अध्यक्ष अजय शर्मा, कांग्रेस के जिला अध्यक्ष सुमन भारती, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा, सुभाष ढटवालिया, पूर्व विधायक मनजीत डोगरा, उपायुक्त गंधर्वा राठौड़, पुलिस अधीक्षक बलवीर सिंह, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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