Striving Government :  हिमाचल को हरित राज्य बनाने को प्रयासरत सरकार

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    Deputy Chief Minister hoisted the flag in Dharamshala on Independence Day 500 permits will be issued to the youth from the point of view of employment

    उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने धर्मशाला में उपायुक्त कार्यालय परिसर में स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य पर आयोजित जिला स्तरीय समारोह में ध्वजारोहण किया तथा मार्च पास्ट की सलामी भी ली। इससे पहले शहीद स्मारक में शहीदों को श्रद्वांजलि भी अर्पित की गई। इसके उपरांत अपने संबोधन में हिमाचल प्रदेश देवभूमि के साथ साथ वीरभूमि भी है। प्रदेश के वीर जवान अपने अदम्य साहस, पराक्रम एवं बलिदान के लिए जाने जाते हैं। याद रहे कि प्रदेश का पहला परमवीर चक्र राज्य के वीर सपूत मेजर सोमनाथ ने हासिल किया था, कैप्टन विक्रम बतरा, कर्नल डीएस थापा व मेजर संजय सिंह ने अद्भूत पराक्रम दिखाकर परमवीर चक्र की श्रेणी में नाम दर्ज किया।


    उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि हरित राज्य बनाने के लिए  सरकार प्रयासरत है और प्राइवेट आपरेटर्स द्वारा इलेक्ट्रिक बस, इलेक्ट्रिक टैक्सी व इलेक्ट्रिक ऑटो  खरीद पर पचास फीसद की दर पर 50 लाख तक अनुदान देने का फैसला लिया है और राज्य में छह इलेक्ट्रिक कोरिडोर घोषित किए हैं। इसी प्रयास के तहत धर्मशाला में 15 इलेक्ट्रिक बसें शुरू की गई हैं और 126 स्थानों पर 5 चार्जिंग स्टेशन बनाए जा रहे हैं। प्रदेश के वाहनों के टैक्स जमा करवाने के लिए पैनल्टी एवं ब्याज माफ करने के लिए 31 दिसंबर तक का समय दिया गया है। https://www.tatkalsamachar.com/committed-goverment-dr-shandil/ राज्य के युवाओं को रोजगार के नजरिये से 500 परमिट जारी करने का फैसला हुआ है और ई-वाहन खरीदने वाले युवाओं को प्रदेश सरकार 4 साल तक गाड़ी हायर करने की योजना पर काम कर रही है। जल मिशन का अधूरा कार्य 31 मार्च 2024 तक पूरा कर लिया जाएगा जिसके तहत जिले में 1027 करोड़ खर्च हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांगड़ा हिमाचल प्रदेश का अहम जिला है जहां पर जल एवं सिंचाई क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए निर्णायक प्रयास हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि नूरपुर क्षेत्र की फिन्ना सिंह मध्यम सिंचाई योजना अरसे से लटकी थी और अब तक तीन सौ करोड़ इस पर खर्चे जा चुके थे, लेकिन अब प्रदेश सरकार के प्रयासों से अब इसकी केंद्र से इनवस्टमेंट क्लीयरेंस मिली है, परियोजना की लागत 643 करोड़ तक पहुंच गई है। ज्वाली क्षेत्र की सुखाहार योजना भी ठंडे बस्ते में थी अब सरकार ने इसे केंद्र को प्रेषित करने की इजाजत दी है। इस पर भी 223 करोड़ व्यय होंगे। ज्वालामुखी क्षेत्र की मध्यम सिंचाई योजना 367 करोड़ की है इसको भी राज्य की कमेटी से मंजूर कर केंद्र को भेजा जा रहा है।


    पालमपुर की सिवरेज योजना पर 350 करोड़ खर्च किया जा रहा है। एशियन विकास बैंक द्वारा 120 करोड़ पेयजल योजनाओं के लिए प्रस्तावित हैं। प्रदेश की नदियां लगातार उफान पर हैं और बादल फटन की घटनाओं ने राज्य को हिलाकर रख दिया है, https://youtu.be/qgNPfEaUfJU मोटे अनुमान के मुताबिक आठ हजार करोड़ का नुक्सान एवं 300 से अधिक लोग इस मानसून का शिकार होकर जान गंवा चुके हैं। उन्होंने कहा कि संघीय ढांचे की मूल भावना का निर्वहन करते हुए केंद्र इस त्रासदी को राष्ट्रीय आपदा घोषित कर दो हजार करोड़ की मदद राशि जारी करे।


    इस अवसर पर मुख्य संसदीय सचिव किशोरी लाल, विधायक केवल सिंह पठानिया, विधायक मलेंद्र राजन, डीआईजी अभिषेक दुल्लर, सकोह बटालियन के कमांडेंट खुशहाल शर्मा, उपायुक्त डा निपुण जिंदल, पुलिस अधीक्षक शालिनी अग्निहोत्री सहित विभिन्न गणमान्य लोग उपस्थित थे।


    जल शक्ति विभाग में करूणामूलक आधार पर 25 युवाओं को दिए नियुक्ति पत्रः स्वतंत्रता दिवस समारोह के समापन अवसर पर उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने जल शक्ति विभाग में करूणामूलक आधार पर 25 युवाओें को नियुक्ति पत्र भी प्रदान किए गए।


    इंद्रूनाग मंदिर में टेका माथा: उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने मंगलवार को इंद्रूनाग मंदिर में शीश नवाया तथा हिमाचल की खुशहाली की कामना करते हुए कहा कि बरसात में हिमाचल में काफी जान और माल का नुक्सान हुआ है। उन्होंने कहा कि हिमाचल देवभूमि है तथा इंद्र नाग देव की बारिश के देवता के रूप मेें लोगों की काफी आस्था है जिसके चलते ही आज इंद्र नाग मंदिर में माथा टेककर हिमाचल को बारिश से राहत दिलाने की कामना की गई है।

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