Strike: डॉक्टरों की हड़ताल का नही दिखा असर

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    4 अक्टूबर 2022 को वरिष्ठ चिकित्सक जो प्रदेश के अलग अलग मेडिकल कॉलेजों में अध्यापन का कार्य भी कर रहे हैं SAM DCOT की अपील पर मास केजुअल लीव ( सामूहिक अवकाश) पर जाने का संदेश पाया था।
    पूरे प्रदेश भर से जानकारी प्राप्त करने पर यह पाया गया कि मेडिकल कॉलेज नाहन नेरचौक और चंबा कॉलेज के वरिष्ठ चिकित्सक (एसोसिएट प्रोफेसर) के अलावा चम्बा में कोई भी इस SAM DCOT के निर्णय में शामिल नही हुआ और मरीजों को अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
    वहीं IGMC में पड़ताल में पाया गया कि वरिष्ट प्रशासनिक अधिकारी इंचार्ज इंफ्रास्ट्रक्चर व हेल्थ स्कीम खुद अस्पताल के राउंड ले रहे हैं। ताकि अस्पताल में आने वाले मरीजों को प्रदेश सरकार द्वारा दी जाने वाली स्वास्थ्य सुविधा और योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जा सके।
    ये भी पाया गया कि कुछ वरिष्ठ चिकित्सक भी IGMC में
    SAM DCOT की अपील को ठुकरा कर मरीजों व प्रदेश हित मे बिना अवकाश लिए कार्य कर रहे हैं जानकारी के अनुसार SAM DCOT ने ये निर्णय बिना जनरल हाउस के लिया है और बाकी मेडिकल कॉलेज के शिक्षकों को भी एक दम से अवकाश लेने का आग्रह किया है जोकि बाकी सभी ने ठुकरा दिया है SAM DCOT का सामूहिक अवकाश पर जाने का निर्णय इसलिए है ताकि टाइम बॉन्ड प्रमोशन को पे स्केल और अन्य भत्तों के साथ किया जाए और अकेडमिक भत्ता 15000 रु प्रतिमाह पेरीफ़ेरल हेल्थ इंस्टीट्यूट में तैनात स्पेशलिस्ट की तर्ज पर मिलना चाहिए क्योंकि यहां पर मरीजों के इलाज कद साथ साथ डॉक्टरों को पढ़ाया भी जाता है। फिलहाल हड़ताल का असर देखने को नही मिला।

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