Shimla News : हिमाचल प्रदेश मंत्रिमण्डल के निर्णय

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आज यहां आयोजित प्रदेश मंत्रिमण्डल की बैठक में बरसात के इस मौसम में राज्य में भारी बारिश के कारण हुई जान-माल की व्यापक क्षति पर दुःख व्यक्त किया गया तथा इस आपदा में काल का ग्रास बने लोगों को श्रद्धांजलि दी गई। राजस्व विभाग ने आपदा प्रबन्धन और सार्वजनिक एवं निजी सम्पत्ति को हुए नुकसान पर एक विस्तृत प्रस्तुति भी दी।
मंत्रिमण्डल ने स्वर्ण जयंती ऊर्जा नीति में संशोधन का निर्णय लिया।

इसके तहत समझौता ज्ञापन 40 वर्षों के लिए होगा और रॉयल्टी की दरें 12 वर्ष के लिए 15 प्रतिशत, अगले 18 वर्षों के लिए 20 प्रतिशत तथा शेष 10 वर्षों के लिए 30 प्रतिशत होंगी। इसके उपरांत परियोजना राज्य सरकार को बिना किसी लागत तथा सभी तरह की देनदारियों और ऋण भार से मुक्त वापिस मिल जाएगी। हालांकि, बढ़ी हुई अवधि के लिए राज्य को अदा की जाने वाली रॉयल्टी 50 प्रतिशत से कम नहीं होगी।
बैठक में 210 मेगावाट क्षमता की लुहरी चरण-1, 66 मेगावाट क्षमता की धौलासिद्ध, 382 मेगावाट क्षमता की सुन्नी बांध तथा 500 मेगावाट क्षमता की डुगर जल विद्युत परियोजना के लिए सतलुज जल विद्युत निगम एवं एन.एच.पी.सी को प्रदत्त बाधा रहित निःशुल्क विद्युत रॉयल्टी की छूट वापस लेने का भी निर्णय लिया गया।


मंत्रिमण्डल ने जल विद्युत परियोजनाओं से लिए जाने वाले जल उपकर की दरों का युक्तिकरण करने का भी निर्णय लिया।
बैठक में हिमाचल प्रदेश विधवा पुनर्विवाह योजना के अन्तर्गत प्रदान की जाने वाली वित्तीय सहायता 65 हजार रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये करने को भी स्वीकृति प्रदान की गई।


मंत्रिमण्डल ने वर्ष 2023-24 के लिए राज्य में मण्डी मध्यस्थता योजना के अन्तर्गत सेब, आम और नींबू प्रजाति के फलों के समर्थन मूल्य में बढ़ौत्तरी करने का भी निर्णय लिया। https://www.tatkalsamachar.com/horticulture-training/ इसके तहत अब सेब और आम का समर्थन मूल्य 10.50 रुपये के बजाय 12 रुपये प्रति किलोग्राम होगा। इसके अतिरिक्त किन्नू, माल्टा और संतरे के लिए समर्थन मूल्य 9.50 रुपये से बढ़कर 12 रुपये प्रति किलोग्राम जबकि नींबू एवं गलगल का समर्थन मूल्य आठ रुपये से बढ़कर 10 रुपये प्रति किलोग्राम हो जाएगा।


बैठक में मिड-डे-मील योजना के तहत कुक-सह-हेल्पर के मानदेय में प्रथम अप्रैल, 2023 से 500 रुपये प्रतिमाह की बढ़ौत्तरी को स्वीकृति प्रदान की गई, जिससे उन्हें प्रतिमाह 3500 रुपये से बढ़कर 4000 रुपये का मानदेय प्राप्त होगा। इस निर्णय से इस योजना के तहत कार्यरत 21431 व्यक्तियों को लाभ मिलेगा।
मंत्रिमण्डल ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोज़गार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत 15 अगस्त, 2023 से गैर जनजातीय क्षेत्रों में दिहाड़ी की दरें 224 रुपये बढ़ाकर 240 रुपये करने तथा जनजातीय क्षेत्रों में 280 रुपये से बढ़ाकर 294 रुपये करने को भी स्वीकृति प्रदान की।
बैठक में राज्य में सफाई कर्मियों को स्वास्थ्य बीमा प्रदान करने के लिए उन्हें आयुष्मान भारत योजना के तहत शामिल करने का निर्णय लिया गया।


बैठक में 874 उम्मीदवारों को पटवारी के रूप में और 16 पात्र चेनमैन को चयनित और प्रशिक्षित करने का निर्णय लिया गया जिन्हें अगले पांच वर्षों में राज्य में तैनात किया जाएगा।
मंत्रिमण्डल ने कीरतपुर-मनाली फोरलेन राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात नियमों के उल्लंघन को कम करने और सड़क सुरक्षा मानदण्डों को सुनिश्चित करने के लिए तीन नए स्थापित यातायात सह पर्यटक पुलिस स्टेशनों के प्रबन्धन के लिए विभिन्न श्रेणियों के 48 पद सृजित कर भरने को भी मंजूरी प्रदान की।


बैठक में ग्रामीण विकास विभाग में जूनियर ऑफिस एसिस्टेंट (आईटी) के 35 पद भरने का निर्णय लिया गया।
मंत्रिमण्डल ने शिक्षा विभाग में 31 मार्च, 2023 और 30 सितम्बर, 2023 तक संयुक्त रूप से 11 वर्ष की दैनिक भोगी और अंशकालिक सेवाओं को पूर्ण करने वाले अंशकालिक जलवाहकों की सेवाओं को नियमित करने की स्वीकृति प्रदान की।
मंत्रिमण्डल ने वन भूमि में गिरे पेड़ों की गणना, चिन्हांकन, निष्कर्षण और निपटान के लिए मानक संचालन प्रक्रिया को मंजूरी प्रदान की। इससे स्थानीय स्तर पर लकड़ी की उपलब्धता सुनिश्चित होगी और इसे अपरिष्कृत रूप में ढालने में भी मदद मिलेगी। साथ ही परिवहन लागत में कमी आएगी और राजस्व में भी वृद्धि होगी।

इससे फील्ड स्टाफ की दक्षता में भी वृद्धि होगी।
बैठक में राजीव गांधी स्वरोजगार योजना-2023 के तहत सरकारी विभागों, स्थानीय प्राधिकरणों, स्वायत्त निकायों, बोर्ड, निगमों, सरकारी उपक्रमों और अन्य संस्थानों में ई-टैक्सी किराये पर लेने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया को अनुमति प्रदान की गई। https://youtu.be/rXR_b3a7OdY इस योजना से युवाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे और राज्य सरकार ई-टैक्सी खरीदने के लिए 50 प्रतिशत उपदान प्रदान करेगी। यह निर्णय वाहन प्रदूषण को कम करने तथा हरित राज्य बनने की ओर आगे बढ़ने में दूरगामी भूमिका निभाएगा। यह योजना 2 अक्तूबर, 2023 से कार्यान्वित की जाएगी।
मंत्रिमण्डल ने श्रम एवं रोजगार विभाग का नामकरण श्रम, रोजगार एवं विदेशी नियोजन (प्लेसमेंट) विभाग के रूप में करने को मंजूरी प्रदान की।

backup_0dff07

Recent Posts

Politics News: मुख्यमंत्री ने नौकरी देने से खड़े किए हाथ, क्यों दी थी पाँच लाख नौकरी की गारंटी : जयराम

शिमला: भाजपा विधायकों ने विधान सभा की कार्यवाही शुरू होने से पहले विधान सभा परिसर…

1 day ago

हिमाचल प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड की बिक्री में 39 प्रतिशत की वृद्धिः हर्षवर्धन Shimla News: चौहानवर्ष 2026-27 के लिए 112 करोड़ रुपये का लक्ष्य

हिमाचल प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड ने वर्ष 2025-26 के दौरान विपणन एवं वाणिज्यिक गतिविधियों…

1 week ago

Dharamshala News: “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत धर्मशाला में पौधरोपण, एसडीएम मोहित रत्न ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, हिमाचल प्रदेश द्वारा अटल वयो अभ्युदय योजना के अंतर्गत राष्ट्रीय…

1 week ago

Education News: मंत्रीरोजगारपरक पाठ्यक्रमों, अनुसंधान, खेल और विद्यार्थियों के बेहतर सहयोग पर दिया बल

शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश में उच्च शिक्षा को भविष्य की जरूरतों के…

1 week ago

Jairam Thakur: अपनी भड़ास निकालने के लिए राष्ट्रीय महत्व के मंच का मुख्यमंत्री ने किया इस्तेमाल: जयराम ठाकुर

पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष ने कहा, सुक्खू सरकार की विश्वसनीयता समाप्त, सेस और कर्मचारियों…

1 week ago

Himachal News: 80वां स्वतंत्रता दिवस: स्वतंत्रता के गौरव से विकसित भारत के संकल्प तक

विजय कुमार सूद जी ने दी समस्त देशवासियों को 15 अगस्त 2026 की हार्दिक बधाई…

2 weeks ago