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शिमला. कोविड-19 (Covid-19) के बीच हिमाचल प्रदेश से बाहर फंसे लोग निरंतर प्रदेश आने के लिए आतुर हैं. पंजीकरण (Registration) करने के बाद संबंधित डीसी (DC) से होने वाली वेरिफिकेशन में देरी से खफा भी हैं. हालांकि, सरकार ने साफ किया है कि हिमाचल में आने वाले लोगों के लिए ई-पास (E-Pass) की कोई व्यवस्था नहीं है. केवल पंजीकरण की व्यवस्था रखी है, जिसमें एड्रेस प्रूफ की वेरिफिकेशन के बाद आने की अनुमति दी जाती है.
प्रधान सचिव ओंकार शर्मा ने इसकी पुष्टि की है. उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय से भी पत्र मिला था, जिसमें ई-पास जैसी व्यवस्था न रखने के निर्देश थे. जो प्रदेश में पहले से ही नहीं है. सरकार ने अब बॉर्डर पर किसी तरह की रोकटोक नहीं रखी है. जो लोग आनलाइन रजिस्ट्रेशन भी नहीं कर पा रहे है. उनका बार्डर पर ही मेनुअल पंजीकरण किया जा रहा है. अगर वो हाई लोड सिटी से आ रहे हैं तो उन्हें संस्थागत क्वारंटीन भेजा जा रहा है. साथ ही कोविड 19 रिपोर्ट लाने पर संस्थागत क्वारंटीन से छूट रहेगी.
हिमाचल सरकार ने पर्यटकों को लेकर भी नियमों में कुछ बदलाव किए है. हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में पर्यटकों को हिमाचल आने के लिए पांच दिन होटल की कंफर्म बुकिंग की जगह दो दिन की बुकिंग रखी है. अब नए नियमों में यह भी प्रावधान किया गया है कि जिस पर्यटक की पंजीकरण 24 घंटे तक अप्रूव नहीं होता है. उसके बाद वह स्वत: ही अप्रूव माना जाएगा. पंजीकरण स्लिप को लेकर ही पर्यटक प्रदेश में एंट्री कर सकेंगे. लेकिन उनके पास कोरोना की 96 घंटे पहले की नेगेटिव रिपोर्ट होनी चाहिए.
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