The International Shivaratri Fair 2026 Featured a Natural Farming Stall as a Center for Public Awareness** Chemical-free ‘Himbhog’ flour available for sale
धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक मंडी अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि मेला में इस वर्ष कृषि जागरूकता का विशेष आयाम भी जुड़ गया है। कृषि विभाग की एटीएमए (ATMA) परियोजना की ओर से पड्डल मैदान स्थित प्रदर्शनी पंडाल में प्राकृतिक खेती को समर्पित एक विशेष स्टॉल लगाया गया है, जिसका शुभारंभ प्रदेश के उपमुख्यमंत्री द्वारा किया गया। यह स्टॉल मेले के दौरान एक सप्ताह तक आमजन के लिए खुला रहेगा।
स्टॉल पर प्राकृतिक खेती की विधि, उसके लाभ और इसे अपनाने की प्रक्रिया के बारे में विस्तृत जानकारी दी जा रही है।
कृषि विभाग के अधिकारी एवं विशेषज्ञ आगंतुकों को रसायनमुक्त खेती के महत्व से अवगत करा रहे हैं और उन्हें इस पद्धति को अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
इस स्टॉल का मुख्य आकर्षण प्राकृतिक खेती से तैयार मक्की और गेहूं का ‘हिमभोग’ ब्रांड का रसायनरहित, पोषणयुक्त आटा है, जिसे पहली बार मेले में बिक्री के लिए उपलब्ध कराया गया है। मेले में आने वाले श्रद्धालु एवं पर्यटक इसकी जानकारी लेने के साथ-साथ इसे खरीदकर स्वस्थ जीवनशैली की ओर कदम बढ़ा रहे हैं।
स्टॉल पर प्राकृतिक खेती में प्रयोग होने वाले जीवामृत, घनजीवामृत, बीजामृत तथा अन्य पारंपरिक घटकों की जानकारी भी प्रदर्शित की गई है। इसके साथ ही प्रदेश सरकार की राजीव गांधी प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना के अंतर्गत किसानों को मिल रहे लाभों एवं प्रोत्साहनों के बारे में भी विस्तार से बताया जा रहा है।
जिला परियोजना निदेशक, एटीएमए, डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य केवल उत्पादों का प्रदर्शन करना नहीं, बल्कि समाज में प्राकृतिक खेती के प्रति व्यापक जनजागरूकता उत्पन्न करना है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती मिट्टी की उर्वरता को बनाए रखने, पर्यावरण संरक्षण और सुरक्षित अन्न उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
मेले में उमड़ रही भारी भीड़ के बीच यह स्टॉल स्वास्थ्य, पर्यावरण और टिकाऊ कृषि का संदेश प्रभावी रूप से प्रसारित कर रहा है। लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए प्राकृतिक खेती से जुड़े उत्पादों में विशेष रुचि दिखाई।
आस्था और संस्कृति के इस महापर्व के साथ प्राकृतिक खेती का यह संदेश कृषि नवाचार और जनस्वास्थ्य के प्रति जागरूक समाज की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हो रहा है।
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