कांगड़ा : कोरोना काल में भी नशा पीड़ितों के उपचार में आगे कांगड़ा ज़िला रेड क्रॉस ,काउन्सलिंग से निकाल रही पीड़ितों को नशे के दलदल से बाहर

कॉंगड़ा ज़िला रेडक्रॉस सोसायटी हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति, जनजाति एवं अल्पसंख्यक मामले विभाग के तत्वावधान में पठानकोट-मण्डी मार्ग पर नूरपुर स्थित नागरिक चिकित्सालय के समीप निर्मित भवन में नशा निवारण केन्द्र का संचालन कर रही है। यह केन्द्र नशे के दलदल में फंसे लोगों को काउन्सलिंग की मदद से उन्हें नशे के चॅंगुल से बाहर निकालने में मदद कर रहा है। इस केन्द्र में एक समय 15 लोगों के उपचार की सुविधा मौजूद है।
    इस केन्द्र में नूरपुर, इन्दौरा, ज्वाली ,कोटला, नगरोटा सूरियां आदि क्षेत्रों के अलावा चम्बा तथा जनजातीय क्षेत्र भरमौर तथा सीमान्त राज्य पंजाब और जम्मू कश्मीर के लोग भी लाभान्वित हो रहे हैं। यह नशा निवारण केन्द्र जनवरी, 2017 में आरम्भ हुआ था। अब तक इस केन्द्र में 502 लोगों का उपचार किया जा चुका है। कोरोना काल के दौरान अप्रैल, 2020 से मई, 2021 तक इस केन्द्र में 140 लोग इलाज के लिए पहुॅंचेे। इनमें 88 लोगों ने केन्द्र में दाखि़ल होकर नशे से छुटकारा पाया और 52 लोगों ने इस केन्द्र में नशा त्यागने हेतु परामर्श लिया। नशे का परित्याग कर चुके ये तमाम लोग आज सुखी जीवन बिता रहे हैं।
     इस केन्द्र में प्रातः 6 बजे से रात 10 बजे तक चलने वाली गतिविधियों में योग, ध्यान, प्रार्थना के अतिरिक्त कई अन्य रचनात्मक गतिविधियों की सहायता से लोगों का उपचार किया जाता है। केन्द्र में उपचाराधीन लोगों को निःशुल्क दवाइयॉं, सामूहिक काउन्सलिंग, व्यक्तिगत काउन्सलिंग तथा पारिवारिक काउंसलिग उपलब्ध करवाई जाती है और उन्हें नशा छोड़ने के लिए प्रेरित किया जाता है। यह केन्द्र आधुनिक सुविधाओं से लैस है। इस केन्द्र में भर्ती रोगियों के मनोरंजन के लिए टेलीविज़न, कैरम बोर्ड, चैस, समाचार पत्र-पत्रिकायें आदि मुहैया करवाई जाती हैं। केन्द्र में परियोजना अधिकारी, काउंसिलर, फार्मासिस्ट, वार्ड बॉय, सुरक्षा गार्ड, कुक आदि अनुभवी स्टाफ कार्यरत तैनात हैं।
     ज़िला रेडक्रॉस सोयायटी के सचिव ओपी शर्मा लोगों में, विशेषकर युवाओं में बढ़ती नशाख़ोरी की आदत पर चिन्ता व्यक्त करते हुए कहते हैं कि इससे युवा अपने मकसद से भटक रहे हैं। इससे उनके परिवार प्रभावित होते हैं जो गंभीर चिन्ता का विषय है। अभिभावकों द्वारा अपने बच्चों का ध्यान न रखे जाने के कारण वे कुसंगति में पड़ कर नशे के दलदल में फंस जाते हैं; जिससे उनके चाहने के बावजूद नशे के जंजाल से बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है।
     शर्मा बताते हैं कि कांगड़ा ज़िला रेडक्रॉस सोसायटी नूरपुर में संचालित नशा निवारण केन्द्र के माध्यम से लोगों को नशे के चुंगल से बाहर निकालने में मदद कर रही है। कोरोना काल में भी यह सोसायटी सक्रिय भूमिका निभा रही है। नशे के चुंगल में फंसे लोग या उनके परिजन नशा निवारण केन्द्र, नूरपुर में परामर्श ले सकते हैं। नशा पीड़ित व्यक्ति को उसके बेहतर इलाज के लिए दाख़िल भी करवाया जा सकता है।

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