यह एक भीषण चक्रवाती तूफान है और इसकी तीव्रता को देखते हुए एनडीआरएफ की 17 टीमें तैयार कर दी गई है. जिसमें पश्चिम बंगाल में 7 और उड़ीसा 10 टीमें तैनात की गई हैं. उधर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस तूफान को लेकर गृहमंत्रालय और एनडीएमए की बैठक बुलाई है. वहीं भारती मौसम विभाग के महानिदेशक डॉक्टर एम महापात्रा ने बताया कि इस ये तूफान 20 मई को भारत की तटीय सीमाओं को छूएगा और इस दौरान भारी बारिश होगी. लेकिन जब उनसे पूछा गया कि क्या इसका असर उत्तर भारत पर भी पड़ेगा तो उन्होंने बताया कि यह ओडिशा, पश्चिम बंगाल को छूते हुए बांग्लादेश चला गया है. उन्होंने बताया कि अम्फान साइक्लोन की वजह से पश्चिम बंगाल और ओडिशा के तटीय इलाकों के साथ-साथ असम और मेघालय के कुछ इलाकों में भी तेज़ हवाएं और भारी बारिश का पूर्वानुमान है. लेकिन इसका असर बाकी भारत पर नहीं होगा. यानी बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ सहित बाकी भारत पर इसका कोई असर नहीं होगा
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