ACC Cement Company did not close the plant without giving notice to the government, CM is taking information from time to time
अदाणी कंपनी ने घाटे का हवाला देते हुए बरमाणा स्थित एसीसी और दाड़लाघाट में अंबुजा सीमेंट प्लांट अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया है। सभी कर्मचारियों को ड्यूटी पर आने से इन्कार भी कर दिया है।
अदाणी सीमेंट कंपनी ने प्लांट बंद करने के लिए हिमाचल प्रदेश सरकार को नोटिस नहीं दिया। मुख्य सचिव आरडी धीमान ने बताया कि डीसी बिलासपुर और डीसी सोलन यूनियन और कंपनी अधिकारियों से बात कर रहे हैं। सरकार का काम सिर्फ दोनों के बीच मध्यस्थता करना है। https://www.tatkalsamachar.com/bilaspur-state-level-disabled/ सीएम (CM) सुखविंदर सिंह सुक्खू पल-पल की जानकारी ले रहे हैं। मुख्य सचिव आरडी धीमान ने दोनों डीसी से रिपोर्ट मांगी है।
बता दें कि अदाणी कंपनी ने घाटे का हवाला देते हुए बुधवार से बरमाणा स्थित एसीसी और दाड़लाघाट में अंबुजा सीमेंट प्लांट अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया है। बरमाणा स्थित प्लांट हेड ने नोटिस जारी कर सभी कर्मचारियों को ड्यूटी पर आने से इन्कार भी कर दिया है।
इस फैसले से बरमाणा में काम करने वाले 980 कर्मचारियों और करीब 3,800 ट्रक ऑपरेटरों पर रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। इनमें 530 नियमित और 450 कर्मचारी ठेके पर रखे गए हैं, जबकि करीब 2,300 ट्रक बीडीटीएस और 1,500 ट्रक पूर्व सैनिकों के सीमेंट ढुलाई करते हैं। दूसरी ओर दाड़लाघाट (Darlaghat) में भी 500 नियमित कर्मचारी हैं, जबकि 300 कामगार ऐसे हैं जो ठेकेदार की ओर से कंपनी में काम करते हैं। इसके अलावा 3500 से अधिक ट्रांसपोर्टर हैं, जो प्रभावित होंगे। एसीसी (ACC) सीमेंट प्लांट बरमाणा में काम बंद होने से 10,000 परिवारों की रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है।
बरमाणा स्थित प्लांट हेड अमिताव सिंह (Amitabh Singh) की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि परिवहन और कच्चे माल की लागत में वृद्धि और बाजार की मौजूदा स्थितियों के कारण सीमेंट ढुलाई में भारी कमी आई है, जिससे कंपनी के बाजार हिस्से पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। कंपनी को भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ रहा है। इन बातों को ध्यान में रखते हुए प्लांट से संबंधित सभी गतिविधियों को तत्काल प्रभाव से बंद करने के लिए प्रबंधन मजबूर है और सभी कर्मचारियों को सूचित किया जाता है कि अगले निर्देश तक कार्य पर उपस्थित न हों। उधर, इस संदर्भ में प्लांट हेड से पक्ष लेने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे बात नहीं हो पाई।
बीडीटीएस (BDTS) के नवनिर्वाचित प्रधान राकेश कुमार रॉकी ने कहा कि कंपनी के इस फैसले के बाद बरमाणा में ऑपरेटरों के साथ वीरवार को बैठक की जाएगी। बैठक में आगामी रणनीति तय की जाएगी। वहीं, दाड़लाघाट में ट्रांसपोटर्स यूनियनों ने 16 दिसंबर को बैठक बुलाई है। इस बैठक में कंपनी की ओर से उठाए गए कदमों को लेकर रणनीति बनाई जाएगी।
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