The Governor presided over the thanksgiving day program organized at Sarah, Dharamshala.
राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने आज तोंग लेन चैरिटेबल ट्रस्ट के 19वें धन्यवाद दिवस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए कहा कि ट्रस्ट के प्रयास और उसके परिणाम पूरे विश्व के लिए प्रेरणादायी हैं। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट ने एक उत्कृष्ट आदर्श प्रस्तुत किया है जो आज दूसरों को प्रेरित करने का कार्य कर रहा है।
यह कार्यक्रम कांगड़ा जिले के धर्मशाला के सराह गांव में आयोजित किया गया।
राज्यपाल ने लामा जामयंग के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनके वर्षों की तपस्या का फल देखकर अत्यंत खुशी हो रही है। उन्होंने भगवान बुद्ध की शिक्षाओं को व्यावहारिक रूप में कार्यान्वित कर समाज के कमजोर वर्ग के हजारों बच्चों के भविष्य को बदला है। उन्होंने कहा कि भिक्षुक ने गंभीर कुपोषण के शिकार 100 से अधिक बच्चों को बचाकर उन्हें जीवनदान दिया है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि कमजोर वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के साथ उन्हें भारतीय मूल्यों से भी जोड़ा जा रहा है।
श्री आर्लेकर ने कहा कि इस प्रकार की समाजसेवी संस्थाओं को सहयोग देने की आवश्यकता है क्योंकि ये समाज के लिए एक मार्गदर्शक के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्होंने प्राचीन भारतीय गुरुकुल प्रणाली की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि वर्तमान शिक्षा प्रणाली में इस दिशा में सोचने की शुरुआत हुई है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में हमें अपनी समृद्ध संस्कृति और परंपराओं को अपनाने की आवश्यकता है। https://www.tatkalsamachar.com/sirmaur-chief-electoral-officer/ हमें अपनी संस्कृति से जुड़े रहना चाहिए और देश के प्रति समर्पण भाव से कार्य करना चाहिए।
राज्यपाल ने उत्कृष्ट सामाजिक कार्यों के लिए राकेश कुमार प्रजापति, विनोद आचार्य और साधना नेपाली को और तीन संगठनों को प्रशंसा पुरस्कार से सम्मानित किया। उन्होंने छात्रावास परिसर का भी दौरा किया और परिसर में दी जा रही सुविधाओं का जायजा भी लिया।
इस अवसर पर भिक्षु जामयंग ने राज्यपाल का स्वागत कर उन्हें सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि वे धर्मगुरु दलाईलामा की शिक्षाओं को प्रचारित करने और प्राचीन भारतीय ज्ञान के पुनरोद्धार के लिए कार्य कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि बहुत कम छात्रों के साथ यह संस्थान शुरू किया गया था और वर्तमान मंे यहां 300 से अधिक कमजोर वर्गों के छात्रों को शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम भारत और भारतवासियों के सहयोग के लिए आभारी हैं।
इस कार्यक्रम में भाग ले रहे पद्मश्री डॉ. उमेश भारती ने ट्रस्ट से जुड़े अपने संस्मरणों को साझा करते हुए कहा कि पिछले 20 वर्षों से वे ट्रस्ट से जुड़कर समाज के गरीब, कमजोर और उपेक्षित बच्चों के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने झुग्गी-झोपड़ियों में जाकर शिक्षा और स्वास्थ्य को लेकर जो काम किया, वह बौद्ध भिक्षु जामयंग की प्रेरणा का ही परिणाम है।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि प्रो. अजय श्रीवास्तव ने बताया कि संस्था ने 2018 में स्कूल परियोजना का कार्य शुरू किया था और आज यहां 346 बच्चे पढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोग हर साल तोंग-लेन द्वारा प्रदान की जाने वाली स्वास्थ्य और प्रयोगशाला सुविधाओं का लाभ उठा रहे हैं।
ब्रिटेन की प्रतिनिधि सुश्री ब्रिगिड व्हीरिस्की ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव राजेश शर्मा, उपायुक्त कांगड़ा निपुण जिंदल और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
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