Benefits of welfare department schemes reach eligible people: Manesh Yadav
एडीसी मनेश यादव ने मंगलवार को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की विभिन्न योजनाओं से संबंधित तीन अलग-अलग जिला स्तरीय समितियों की बैठक की अध्यक्षता करके इन योजनाओं की समीक्षा की।
अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए प्रधानमंत्री के नए 15 सूत्रीय कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान एडीसी ने इन वर्गों के मनरेगा कामगारों, इनके बच्चों की छात्रवृत्ति, रोजगार, विभिन्न आवास योजनाओं के तहत आवास निर्माण, स्वरोजगार एवं ऋण योजनाओं से संबंधित डाटा अपडेट करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक वर्गों के लोगों के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का लाभ सभी पात्र लोगों तक पहुंचना चाहिए। एडीसी ने कहा कि जिला में अल्पसंख्यक वर्ग के परिवारों की संख्या बहुत कम है। इसलिए, फील्ड के अधिकारी आसानी से जरुरतमंद एवं पात्र लोगों का पता लगाकर उन्हंे लाभान्वित कर सकते हैं।
एससी, एसटी, ओबीसी, अल्पसंख्यक, दिव्यांग, विधवा एवं एकल नारियों के लिए चलाई जा रही निशुल्क https://www.tatkalsamachar.com/solan-news-12th-convocation-program-dysp-university/ कंप्यूटर प्रशिक्षण योजना की समीक्षा करते हुए एडीसी ने कहा कि पिछले सत्र में इस योजना के तहत 181 युवाओं को निशुल्क कंप्यूटर कोर्स करवाया गया था। इनमें से 126 लाभार्थियों को कोर्स पूर्ण होने के बाद विभिन्न कार्यालयों में छह माह का प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षुओं को 1500 रुपये मासिक छात्रवृत्ति प्रदान की गई। दिव्यांग प्रशिक्षुओं को 1800 रुपये मासिक छात्रवृत्ति दी गई। इस सत्र में भी निशुल्क कंप्यूटर कोर्स के लिए 142 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से 135 लाभार्थी विभिन्न संस्थानों में प्रशिक्षण ले रहे हैं। इन्हें नाइलेट और सी-डैक संस्थानों के माध्यम से पीजीडीसीए या डीसीए का कोर्स करवाया जा रहा है। एडीसी ने कहा कि इन कोर्सों को कौशल विकास भत्ता योजना के अंतर्गत भी लाया गया है। उन्होंने रोजगार विभाग के अधिकारियों को इस योजना के लिए पात्र उम्मीदवारों को प्राथमिकता के आधार पर लाभान्वित करने के निर्देश दिए।
मानसिक मंदता, ऑटिज्म, सेरीब्रल पाल्सी और बहु-विकलांगता के शिकार व्यक्तियों के कल्याण के लिए बनाए https://www.youtube.com/watch?v=VBbLdgPmuN8 गए राष्ट्रीय न्यास अधिनियम 1999 के अंतर्गत स्थानीय समिति की बैठक में एडीसी ने बताया कि जिला में अभी तक इस तरह की विकलांगताओं के शिकार 183 दिव्यांगजनों के अभिभावकों को कानूनी संरक्षक प्रमाणपत्र जारी किए जा चुके हैं।
बैठक में 4 नए आवेदनों पर चर्चा के बाद इनके लिए कानूनी संरक्षकों की नियुक्तियों को भी मंजूरी प्रदान कर दी गई।
तीनों समितियों की बैठकों में जिला कल्याण अधिकारी गीता मरवाहा ने विभिन्न योजनाओं का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी तथा उक्त समितियों के गैर सरकारी सदस्य भी उपस्थित थे।
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