राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर ने आज शिमला के नजदीक ढली में हिमाचल प्रदेश राज्य बाल कल्याण परिषद द्वारा संचालित विशेष रूप से सक्षम बच्चों के संस्थान का दौरा किया और संस्थान के विद्यार्थियों से संवाद किया।


इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि यह बच्चे समाज के लिए एक प्रेरणा हैं। उन्होंने कहा कि यह समाज का कर्तव्य है कि विशेष रूप से सक्षम इन बच्चों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करें और उन्हें मुख्यधारा से जोडें़। उन्होंने संस्थान के बच्चों को आत्मनिर्भर बनने और आजीविका अर्जित करने के लिए विभिन्न व्यवसायिक कार्यक्रम संचालित करने पर सन्तोष व्यक्त किया।


श्री आर्लेकर ने कहा कि समाज में कुछ ऐसे भी लोग हैं जो कोई कार्य नहीं करते और नकारात्मक विचारों से घिरे रहते हैं। इसके विपरीत यह बच्चे जीवन में आगे बढ़ना चाहते हैं, जो इन्हें विशेष बनाता है। इस कारण यह बच्चे अक्षमता से आगे निकल चुके हैं।
राज्यपाल ने कहा कि प्रत्येक बच्चे को अपनी भावनाएं व्यक्त करने और प्रतिभा प्रदर्शित करने का समान अवसर प्रदान किया जाना चाहिए। उन्होंने इन बच्चों की विशेष देखभाल और प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए अध्यापकों का भी आभार व्यक्त किया।


इससे पूर्व, हिमाचल प्रदेश बाल कल्याण परिषद की महासचिव पायल वैद्य ने राज्यपाल का स्वागत किया और बाल कल्याण परिषद द्वारा विशेष रूप से सक्षम बच्चों के लिए संचालित विभिन्न कार्यक्रमों से अवगत करवाया। उन्होंने कहा कि इस संस्थान में 105 श्रवण बाधित और 35 दृष्टिबाधित बच्चे नामांकित हैं और इनकी देखभाल के लिए लगभग 46 शिक्षक एवं गैर-शिक्षक कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों को पारंगत करने के लिए पांच व्यवसायिक पाठ्यक्रम चलाए जा रहे हैं।


इस अवसर पर राज्यपाल ने बच्चों को राज्य रेडक्राॅस के माध्यम से टैªक सूट और कम्बल वितरित किए।
विशेष रूप से सक्षम बच्चों के संस्थान के प्रधानाचार्य डी.पी. राणा ने राज्यपाल को संस्थान की गतिविधियों के बारे में अवगत करवाया।
राज्यपाल के सचिव प्रियतु मण्डल भी इस अवसर पर उपस्थित थे।  

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