इस ऐतिहासिक अवसर पर तत्काल समाचार के मुख्य संपादक विजय कुमार सूद ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू को अत्याधुनिक 3-टेस्ला एमआरआई मशीन के शुभारंभ पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह केवल एक चिकित्सा परियोजना नहीं, बल्कि हिमाचल प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक नए युग का शुभारंभ है।
हिमाचल प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था के इतिहास में एक और स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया जब मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने शिमला के अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशियलिटीज़ (एआईएमएसएस), चमियाना में लगभग 23 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित अत्याधुनिक 3-टेस्ला एमआरआई मशीन का विधिवत शुभारंभ किया। यह केवल एक अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण का लोकार्पण नहीं, बल्कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की दिशा में राज्य सरकार की दूरदर्शी सोच, मजबूत इच्छाशक्ति और जनसेवा के प्रति समर्पण का सशक्त प्रमाण माना जा रहा है।
विजय कुमार सूद ने कहा कि मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य, शिक्षा, आधारभूत संरचना, रोजगार और जनकल्याण के क्षेत्रों में जो दूरदर्शी निर्णय लिए हैं, उनके सकारात्मक परिणाम आज पूरे प्रदेश में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार, सरकारी अस्पतालों में नवीनतम चिकित्सा तकनीकों की स्थापना, विशेषज्ञ चिकित्सकों की भर्ती, डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का विकास तथा गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को सस्ती एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा उपलब्ध करवाने की दिशा में सरकार द्वारा किए जा रहे कार्य अत्यंत सराहनीय हैं।
उन्होंने कहा कि “आज जब मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू कहते हैं कि प्रदेशवासियों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी, तो वे केवल घोषणा नहीं करते, बल्कि उसे धरातल पर साकार करके भी दिखाते हैं। यही एक दूरदर्शी, संवेदनशील और जनहितैषी नेतृत्व की सबसे बड़ी पहचान होती है।”
मुख्य संपादक विजय कुमार सूद ने कहा कि एआईएमएसएस में 3-टेस्ला एमआरआई मशीन की स्थापना, रोबोटिक सर्जरी जैसी विश्वस्तरीय सुविधाओं का विस्तार, मेडिकल कॉलेजों में ऑटोमेटेड प्रयोगशालाओं की स्थापना, चिकित्सकों एवं नर्सिंग स्टाफ की भर्ती तथा स्वास्थ्य ढांचे को निरंतर मजबूत करना इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि वर्तमान सरकार हिमाचल प्रदेश को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के लिए गंभीरता से कार्य कर रही है।
इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी), शिमला के बाद एआईएमएसएस प्रदेश का दूसरा सरकारी स्वास्थ्य संस्थान बन गया है जहां यह आधुनिक 3-टेस्ला एमआरआई तकनीक उपलब्ध करवाई गई है। यह मशीन उच्च गुणवत्ता की इमेजिंग, कम समय में जांच, अधिक सटीक निदान तथा जटिल बीमारियों के प्रभावी उपचार में चिकित्सकों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी। इसके माध्यम से अब मरीजों को महंगी जांच के लिए निजी संस्थानों अथवा प्रदेश से बाहर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, जिससे समय, धन और मानसिक तनाव—तीनों में कमी आएगी।
मुख्य संपादक ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के इतिहास में वे सरकारें और नेतृत्व सदैव याद रखे जाते हैं जिन्होंने जनता के जीवन में वास्तविक परिवर्तन लाए। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में स्वास्थ्य क्षेत्र में जो परिवर्तन दिखाई दे रहे हैं, वे आने वाली पीढ़ियों के लिए भी मील का पत्थर सिद्ध होंगे। यह केवल अस्पतालों में मशीनें लगाने का कार्य नहीं है, बल्कि लाखों परिवारों को बेहतर जीवन, समय पर उपचार और नई उम्मीद देने का अभियान है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि स्वास्थ्य और शिक्षा वर्तमान राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताएं हैं तथा इन दोनों क्षेत्रों को सशक्त बनाने के लिए धन की कमी को कभी भी आड़े नहीं आने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार लगातार सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों को अत्याधुनिक चिकित्सा तकनीकों से सुसज्जित कर रही है ताकि प्रत्येक नागरिक को उसके अपने राज्य में बेहतर, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध हो सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों में विशेषज्ञ चिकित्सकों से व्यापक विचार-विमर्श के बाद स्वास्थ्य क्षेत्र में व्यापक सुधार किए जा रहे हैं। जहां एक ओर चिकित्सकों के रिक्त पद तेजी से भरे जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर आधुनिक चिकित्सा उपकरणों, नवीनतम तकनीकों तथा डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार भी लगातार किया जा रहा है। योग्य चिकित्सकों को सरकारी सेवाओं में बनाए रखने के लिए प्रतिस्पर्धी वेतनमान भी प्रदान किए जा रहे हैं।
विजय कुमार सूद ने आगे कहा कि प्रदेश के विकास की नई कहानी आज स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, डिजिटल सेवाओं और सामाजिक कल्याण के क्षेत्रों में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश निरंतर नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है और विकास की यह गति आने वाले वर्षों में प्रदेश को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में स्थापित करेगी।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वर्तमान सरकार की जनकल्याणकारी नीतियां प्रदेश के प्रत्येक वर्ग तक समान रूप से पहुंचेंगी तथा स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में किए जा रहे सुधार भविष्य में लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाएंगे।
मुख्यमंत्री ने पूर्व भाजपा सरकार पर स्वास्थ्य क्षेत्र की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि वर्षों तक पुराने चिकित्सा उपकरणों के सहारे काम चलता रहा। वर्तमान सरकार ने आईजीएमसी शिमला में 19 वर्ष पुरानी एमआरआई मशीन को हटाकर आधुनिक 3-टेस्ला एमआरआई प्रणाली स्थापित की है तथा आने वाले समय में प्रदेश के अन्य सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों में भी इसी प्रकार की अत्याधुनिक मशीनें स्थापित की जाएंगी।
उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार लगभग 125 करोड़ रुपये की लागत से सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों में अत्याधुनिक ऑटोमेटेड प्रयोगशालाएं स्थापित कर रही है, जहां पूरी तरह स्वचालित जांच सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे जांच की गुणवत्ता, सटीकता और उपचार की गति में उल्लेखनीय सुधार आएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार एआईएमएसएस चमियाना को देश के अग्रणी सुपर स्पेशियलिटी संस्थानों में विकसित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश में पहली बार रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत भी इसी संस्थान से हुई थी, जिसके बाद यह सुविधा डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय टांडा, आईजीएमसी शिमला तथा श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय नेरचौक तक विस्तारित की गई। उन्होंने कहा कि सरकार रोबोटिक सर्जरी, एमआरआई और पैट स्कैन जैसी अत्याधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं निजी अस्पतालों की तुलना में अत्यंत रियायती दरों पर उपलब्ध करवा रही है। सरकार का लक्ष्य स्वास्थ्य व्यवस्था में व्यापक सुधार कर प्रदेश के लोगों को सभी आवश्यक जांच सुविधाएं शून्य प्रतीक्षा अवधि (Zero Waiting Period) के साथ उपलब्ध करवाना है।
मुख्यमंत्री ने एआईएमएसएस में चिकित्सकों के साथ बैठक कर संस्थान की कार्यप्रणाली की समीक्षा भी की। उन्होंने बताया कि चमियाना संपर्क मार्ग का निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है तथा इसके लिए आवश्यक धनराशि उपलब्ध करवा दी गई है। मरीजों और उनके परिजनों की सुविधा के लिए संस्थान तक ई-बस सेवाएं भी शीघ्र प्रारंभ की जाएंगी। उन्होंने सीनियर रेजिडेंट पदों की संख्या बढ़ाने, प्रदेश में 800 नर्सिंग पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी रहने तथा दिसंबर तक 200 एसोसिएट प्रोफेसरों की नियुक्ति किए जाने की भी घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर एआईएमएसएस मोबाइल एप्लीकेशन का शुभारंभ किया, जिसके माध्यम से मरीज संस्थान और उसकी सेवाओं से संबंधित समस्त जानकारी डिजिटल माध्यम से प्राप्त कर सकेंगे। साथ ही उन्होंने संस्थान की स्वच्छता निगरानी प्रणाली का भी शुभारंभ किया, जिससे अस्पताल परिसर में साफ-सफाई एवं स्वच्छता प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, विधायक हरीश जनारथा, शिमला नगर निगम के महापौर सुरेन्द्र चौहान, निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. गोपाल बेरी, एआईएमएसएस के प्रधानाचार्य डॉ. बृज शर्मा सहित अनेक वरिष्ठ चिकित्सक, प्रशासनिक अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
अंत में तत्काल समाचार के मुख्य संपादक विजय कुमार सूद ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, एआईएमएसएस के चिकित्सकों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं इस ऐतिहासिक परियोजना से जुड़े सभी लोगों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह ऐतिहासिक उपलब्धि केवल आज की पीढ़ी के लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के स्वस्थ, सुरक्षित और समृद्ध हिमाचल प्रदेश की मजबूत आधारशिला सिद्ध होगी।