Government increased the amount of cattle herders to Rs 1200: CM
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्दर सिंह सुक्खू ने आज यहां कहा कि भाजपा ने गाय के नाम पर केवल राजनीति की है, जबकि गाय और गोपलकों के कल्याण के लिए वर्तमान कांग्रेस सरकार ने अनेकों योजनाएँ बनाई है। उन्होंने कहा कि बेसहारा पशुओं की समस्या का निदान करने के लिए राज्य सरकार ने निजी गौ-सदनों में आश्रित गौवंश को दिए जाने वाले अनुदान को भी 700 रूपये से बढ़ाकर 1200 रूपये प्रतिमाह करने का निर्णय लिया है।
इसके अतिरिक्त राज्य में बेसहारा पशुओं की समस्या से निपटने के लिए एक राज्य स्तरीय टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा, जो इन पशुओं को किसानों तथा स्थानीय समुदायों से परामर्श के के बाद गौ-अभ्यारण्यों तथा गौशालाओं में रखने बारे अपने सुझाव देगी, जिसका प्रावधान बजट 2024-25 में किया गया है। https://youtu.be/KX-DdtHphNA?si=j0veKYDi6T2bs6qy इन कदमों से बेसहारा पशुओं की समस्या से निपटने में मदद मिलेगी और किसान फिर से खेती-बाड़ी की ओर आकर्षित होंगे।
उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुद्ढ़ करने के लिए अनेक प्रभावी पग उठा रही है ताकि गांवों में रहने वाले लोगों के जीवन स्तर में आशातीत सुधार लाया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश की लगभग 90 प्रतिशत जनसंख्या गांवों में बसती है तथा सरकार की नीतियां एवं कार्यक्रमों को उनके आर्थिक स्तर को सशक्त करने के लिए बनाई जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार ने पशुपालन तथा दूध उत्पादन को प्राकृतिक खेती से जोड़कर किसानों की आय में वृद्धि को सुनिश्चित किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पशुपालकों को उत्तम नस्ल के पशु उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से सोलन जिले के दाड़लाघाट में कृत्रिम गर्भाधान प्रशिक्षण केन्द्र स्थापित किया जाएगा, जहां कृत्रिम गर्भाधान प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश देश का पहला राज्य है जहां दूध पर समर्थन मूल्य प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने गाय के दूध पर 45 रूपये प्रति लीटर तथा भैंस के दूध पर 55 रूपये प्रति लीटर समर्थन मूल्य पशु पालकों को सुनिश्चित किया जा रहा है।
ठाकुर सुखविन्दर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार किसानों और पशु पालकों को दूध उत्पाद को उचित मूल्य सुनिश्चित करेगी तथा दूध से बनने वाले उत्पादों की गुणवता पर भी ध्यान देगी। https://tatkalsamachar.com/jairam-ignored-hamirpur/ उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं में पशुपालन से सम्बन्धित कौशल विकास के उद्देश्य से हिमाचल प्रदेश कौशल विकास निगम के माध्यम से नये कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम आरम्भ करेगी।
उन्होंने कहा कि दत्तनगर में दुग्ध विधायन संयंत्र में 50 हजार एलपीडी की क्षमता का एक अतिरिक्त संयंत्र आरम्भ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऊना तथा हमीरपुर में आधुनिकतम तकनीक से दुग्ध विधायन संयंत्र स्थापित किये जा रहे हैं जिन पर लगभग 50 करोड़ रूपये खर्च किए जाएंगे।
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